FASTag स्कैम का खुलासा: ईडी की रेड के बाद SUV मालिकों के लिए जरूरी अलर्ट, ऐसे चेक करें अपना बैलेंस
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की देर रात हुई छापेमारी के बाद नेशनल हाईवे पर चलने वाले ड्राइवरों के लिए टोल में ओवरचार्जिंग (ज्यादा वसूली) की आशंका सच साबित हुई है। एजेंसी के मुताबिक, करीब 100 टोल प्लाजा गैर-कानूनी ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे। इनके जरिए बिना FASTag वाली गाड़ियों से गलत तरीके से टोल वसूला जा रहा था। 2 सितंबर को ईडी ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और दिल्ली-एनसीआर समेत 14 ठिकानों पर तलाशी ली। ऐसे में शुक्रवार, 4 सितंबर को भारत के एसयूवी (SUV) मालिकों के लिए अपने FASTag खातों का फटाफट ऑडिट कर लेना बेहद जरूरी हो गया है।
यह मामला क्यों गंभीर है? इन फर्जी ऐप और टूल्स के जरिए ऑपरेटर बिना FASTag वाले ट्रैफिक के लिए लेन सिस्टम और रसीद प्रक्रिया को ही बायपास कर देते थे। इससे व्यस्त रूटों पर दोहरे चार्ज, बिना रिकॉर्ड वाली रसीदें और गलत खातों से पैसे कटने जैसी गड़बड़ियों का खतरा बढ़ जाता है। अगर आपने इस हफ्ते हाईवे पर गाड़ी चलाई है, तो तुरंत अपना ताजा बैंक या फास्टैग स्टेटमेंट निकालें और संदिग्ध कटौतियों की जांच करें। वीकेंड ट्रिप पर निकलने से पहले नीचे दिए गए स्टेप्स की मदद से आप गलत कटौती पकड़ सकते हैं और अपना रिफंड पा सकते हैं।

भारतीय SUV मालिक आज ही ऐसे ऑडिट करें अपना FASTag चार्ज
HDFC Bank: FASTag पोर्टल पर लॉग इन करें, Statements में जाएं, तारीख चुनें और PDF एक्सपोर्ट कर लें। ICICI Bank: बैंक पोर्टल या iMobile ऐप के जरिए Statements या Reports सेक्शन में जाकर डाउनलोड करें। Paytm: रीचार्ज और कटौती का मिलान करने के लिए अपना UPI स्टेटमेंट निकालें। अगर किसी एंट्री में टोल प्लाजा का नाम नहीं लिखा है या फिर Adjustment या Manual लिखा दिख रहा है, तो समझ जाएं कि यह असली लेन टोल नहीं है और उस पर तुरंत आपत्ति जताएं।
रिफंड और शिकायत का सही तरीका: IHMCL/NHAI से लेकर बैंक और RBI तक
सबसे पहले हेल्पलाइन नंबर 1033 पर कॉल करें या 'राजमार्गयात्रा' (RajmargYatra) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर टिकट नंबर नोट कर लें। इसके बाद गाड़ी के नंबर, टैग आईडी, टोल प्लाजा के नाम और स्क्रीनशॉट के साथ [email protected] पर ईमेल भेजें। इसके बाद अपने FASTag बैंक पोर्टल या हेल्पलाइन पर डिस्प्यूट दर्ज कराएं ताकि जांच के बाद आपको चार्जबैक मिल सके। अगर 30 दिनों के भीतर शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो मामले को आरबीआई (RBI) के शिकायत प्रबंधन प्रणाली (CMS) पोर्टल पर ले जाएं।
टोल प्लाजा पर कानूनी जुर्माना बनाम फर्जी वसूली: फर्क समझें
अगर आप बिना किसी वैलिड या काम कर रहे फास्टैग के FASTag लेन में गाड़ी ले जाते हैं, तो नियम के मुताबिक दोगुना टोल टैक्स देना होगा। यह एक कानूनी जुर्माना है, कोई धोखाधड़ी नहीं, और इसकी रसीद मिलना अनिवार्य है। वहीं, अगर आपके टैग में पर्याप्त बैलेंस है फिर भी प्लाजा का सिस्टम काम नहीं कर रहा है, तो नियम के अनुसार आपको बिना टोल दिए जाने की अनुमति मिलनी चाहिए। अगर आपसे जबरन कैश या QR कोड से पेमेंट मांगा जाता है, तो इसे फर्जीवाड़ा मानकर शिकायत दर्ज कराएं।
₹15 लाख से कम बजट वाली SUV के मालिकों के लिए वीकेंड ट्रैवल चेकलिस्ट
| क्या चेक करें | कहां चेक करें | यह क्यों जरूरी है |
|---|---|---|
| बैलेंस और SMS अलर्ट | टैग जारी करने वाले बैंक का ऐप या पोर्टल | टोल प्लाजा पर ब्लैकलिस्ट होने और देरी से बचें। |
| FASTag स्टेटस | NPCI का "Check Status" पेज | टैग एक्टिव है या नहीं, यह पक्का करें और डुप्लीकेट टैग से बचें। |
| KYV/KYC स्टेटस | बैंक पोर्टल | 1 फरवरी 2026 के बाद ली गई गाड़ियों को KYV की जरूरत नहीं है; पुराने टैग्स के लिए यह नियम लागू रहेगा। |
| एनुअल पास (बार-बार सफर करने वालों के लिए) | RajmargYatra ऐप | वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹3,075; NHAI के रूटों पर तय खर्च का फायदा उठाएं। |
ईडी की जांच से हड़कंप जरूर मचा है, लेकिन अपना पैसा सुरक्षित रखना आपके हाथ में है। आज रात सिर्फ 10 मिनट निकालें, अपना FASTag स्टेटमेंट डाउनलोड करें, किसी भी संदिग्ध कटौती को पहचानें और शिकायत दर्ज करें। इससे शनिवार के सफर से पहले आपका बजट सुरक्षित रहेगा और टोल ऑपरेटरों पर गड़बड़ियां ठीक करने का दबाव बनेगा। अगर कोई टोल प्लाजा कर्मी जबरन गलत तरीका अपनाने को कहे, तो सबूत जुटाएं, गैर-कानूनी भुगतान करने से मना करें और लेन में खड़े रहकर ही 1033 पर कॉल करें।


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