इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग का खतरा? खरीदने से पहले चेक करें ये 3 जरूरी सेफ्टी फीचर्स
बेंगलुरु में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) ब्लास्ट की एक दुखद घटना ने पूरे देश में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब बजट सेगमेंट के खरीदार सस्ते इलेक्ट्रिक स्कूटरों के खतरों को लेकर डरे हुए हैं। आज के समय में 1 लाख रुपये से कम का स्कूटर चुनते वक्त तकनीकी बारीकियों को समझना बहुत जरूरी हो गया है। एक समझदार खरीदार के लिए कम कीमत से ज्यादा सुरक्षा मायने रखनी चाहिए।
भारत सरकार ने बैटरी की सुरक्षा बढ़ाने के लिए सख्त 'ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स' (AIS-156) लागू किए हैं। ये नियम सुनिश्चित करते हैं कि भीषण गर्मी में भी बैटरी का तापमान कंट्रोल में रहे और आग लगने जैसी घटनाएं न हों। हर मॉडर्न स्कूटर में एक मजबूत बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) होना जरूरी है। यह टेक्नोलॉजी वोल्टेज और टेम्परेचर पर नजर रखती है ताकि आप सड़क पर सुरक्षित रहें।

बजट EV की सुरक्षा के लिए AIS-156 कंप्लायंस है जरूरी
नया स्कूटर खरीदने से पहले यह जरूर चेक करें कि वह मॉडल AIS-156 फेज 2 के नियमों को पूरा करता है या नहीं। इस स्टैंडर्ड में एक स्मार्ट थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम (TMS) होता है जो बैटरी को ओवरहीट होने से बचाता है। साथ ही, यह सुनिश्चित करता है कि बैटरी पैक पानी और धूल से सुरक्षित रहे। आपको कम से कम IP67 रेटिंग वाला स्कूटर ही चुनना चाहिए।
बजट मॉडल्स के लिए सुरक्षित बैटरी का चुनाव कैसे करें?
ज्यादातर बजट स्कूटरों में लिथियम आयरन फॉस्फेट (LFP) या निकेल मैंगनीज कोबाल्ट (NMC) सेल्स का इस्तेमाल होता है। भारत की भीषण गर्मी के हिसाब से LFP बैटरियां ज्यादा सुरक्षित और टिकाऊ मानी जाती हैं। एक्सपर्ट्स भी तेज गर्मी वाले शहरों में रोजाना इस्तेमाल के लिए इसी केमिस्ट्री की सलाह देते हैं। बैटरी टाइप की जानकारी होने से आप अपने स्कूटर की लंबी उम्र और सुरक्षा का अंदाजा लगा सकते हैं।
| स्कूटर मॉडल | बैटरी टेक्नोलॉजी | सेफ्टी रेटिंग |
|---|---|---|
| Ola S1 X | NMC | AIS-156 सर्टिफाइड |
| TVS iQube | NMC | IP67 रेटेड |
| Bajaj Chetak | LFP/NMC | AIS-156 सर्टिफाइड |
गर्मियों में चार्जिंग के ये नियम बचाएंगे आपकी जान
तेज धूप में लंबी राइड के तुरंत बाद कभी भी अपना इलेक्ट्रिक स्कूटर चार्ज न करें। बैटरी पैक को कम से कम 40 मिनट तक ठंडा होने दें। हमेशा कंपनी द्वारा दिए गए ओरिजिनल (OEM) चार्जर का ही इस्तेमाल करें। बैटरी सेल्स की सेहत बनाए रखने के लिए सीधी धूप में चार्जिंग करने से बचें।
सुरक्षित रहने के लिए सिर्फ सर्टिफाइड EV खरीदना ही काफी नहीं है। सही रखरखाव और चार्जिंग के नियमों का पालन करके आप अपने निवेश और जान दोनों की सुरक्षा कर सकते हैं। अपने स्कूटर ब्रांड से जुड़े सॉफ्टवेयर अपडेट और रिकॉल की खबरों पर हमेशा नजर रखें। भारत के बढ़ते इलेक्ट्रिक मार्केट में एक जागरूक खरीदार ही सुरक्षित राइडर है।


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