E100 फ्लेक्स-फ्यूल को मंजूरी: 10 लाख में कार खरीदने वाले अभी रुकें या खरीदें? जानें सही फैसला
सड़क परिवहन मंत्रालय ने 26 अक्टूबर को जारी नए नियमों के जरिए फ्लेक्स-फ्यूल से चलने वाली गाड़ियों के लिए E100 एथेनॉल को औपचारिक मंजूरी दे दी है। यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है, हालांकि पेट्रोल पंपों पर फिलहाल E20 ही डिफॉल्ट फ्यूल बना रहेगा। ऐसे में इस दिवाली 10 लाख रुपये से कम बजट में नई कार खरीदने का प्लान बना रहे लोगों के सामने बड़ा सवाल यह है कि क्या उन्हें फ्लेक्स-फ्यूल कारों का इंतजार करना चाहिए या फिर आज ही E20-रेडी मॉडल चुन लेना चाहिए?
नियमों में हुआ यह बदलाव भले ही तकनीकी लगे, लेकिन काफी अहम है। सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स के एमिशन और टेस्टिंग प्रावधानों में अब "E85 या E100" को शामिल कर लिया गया है। इससे पूरी तरह एथेनॉल से चलने वाली गाड़ियों के सर्टिफिकेशन का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, इसका मतलब यह कतई नहीं है कि पेट्रोल पंपों पर E100 की बिक्री तुरंत शुरू हो गई है। मंत्रियों ने संकेत दिए हैं कि शुरुआती फ्लेक्स-इंजन कारें एक-दो महीने में लॉन्च हो सकती हैं, लेकिन आम ग्राहकों तक इनके बड़े पैमाने पर पहुंचने में आमतौर पर 6 से 12 महीने लग जाते हैं।

E100 फ्लेक्स-फ्यूल नियम बनाम भारत में E20 की जमीनी हकीकत
फिलहाल देशभर में E20 ही मुख्य ईंधन बना हुआ है और आज दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹102.12 प्रति लीटर है। सरकार और नीति आयोग के अध्ययनों से पता चलता है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से माइलेज में 3 से 7 फीसदी की कमी आती है, जो E20 के हिसाब से ट्यून की गई गाड़ियों की क्षमता के दायरे में ही है। कार की वारंटी कंपनी द्वारा तय और गाड़ी पर लिखे गए फ्यूल ब्लेंड से ही जुड़ी होती है; ऐसे में तय सीमा से ज्यादा ब्लेंड वाला फ्यूल इस्तेमाल करने पर वारंटी क्लेम खारिज होने का खतरा रहता है।
रनिंग कॉस्ट का गणित: शहर में चलने वालों के लिए एथेनॉल बनाम पेट्रोल
मान लीजिए कि शहर के ट्रैफिक में E20 पेट्रोल से चलने वाली एक छोटी कार 15 किमी/लीटर का माइलेज देती है। एथेनॉल की कम एनर्जी डेंसिटी के कारण E100 फ्लेक्स-फ्यूल इंजन पर माइलेज में लगभग 25 से 30 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। तेल कंपनियों (OMC) के लिए एथेनॉल की कुल खरीद लागत ₹72 प्रति लीटर के करीब है, लेकिन ग्राहकों के लिए यह कितना किफायती होगा, यह इसकी अंतिम रिटेल कीमत और लगने वाले टैक्स पर निर्भर करेगा, जिनकी घोषणा अभी बाकी है।
| ईंधन | अनुमानित कीमत | सिटी माइलेज | लागत/किमी |
|---|---|---|---|
| E20 पेट्रोल | ₹102.12/लीटर | 15 किमी/लीटर | ₹6.81 |
| E100 (स्थिति A) | ₹75/लीटर | ≈11 किमी/लीटर | ₹6.85 |
| E100 (स्थिति B) | ₹85/लीटर | ≈11 किमी/लीटर | ₹7.77 |
10 लाख रुपये के बजट में अभी क्या खरीदें: पेट्रोल, सीएनजी या हाइब्रिड?
अगर आपके शहर में सीएनजी आसानी से उपलब्ध है और आपकी रनिंग ज्यादा है, तो कम रनिंग कॉस्ट के लिए कंपनी-फिटेड सीएनजी कार चुनना सबसे समझदारी भरा फैसला होगा। बाकी लोग E20 के हिसाब से तैयार किए गए नए 1.2-लीटर पेट्रोल मॉडल ले सकते हैं। बार-बार रुककर चलने वाले ट्रैफिक में माइल्ड-हाइब्रिड (स्टार्ट-स्टॉप टेक्नोलॉजी) वाले वेरिएंट काफी मददगार साबित होते हैं। शहर की सड़कों पर कार के टायर आमतौर पर 40,000 से 50,000 किमी तक चलते हैं; इसलिए हर 8,000 से 10,000 किमी पर इनका रोटेशन जरूर करा लें। डिलीवरी लेते समय बिल (इन्वॉयस) में फ्यूल कम्पैटिबिलिटी की जानकारी जरूर लिखवाएं, कार पर लगा स्टिकर चेक करें और एक्सटेंडेड वारंटी के नियमों को ध्यान से पढ़ें—इससे भविष्य में रीसेल वैल्यू बेहतर रखने में मदद मिलेगी।


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