दिल्ली-NCR में ओलावृष्टि का अलर्ट: आज कार डिलीवरी लेने का है प्लान? तो ये 5 टिप्स बचाएंगे आपकी नई गाड़ी
दिल्ली-एनसीआर में आज, 29 अक्टूबर को तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश और ओले गिरने की आशंका है। मौसम विभाग (IMD) ने आज और कल के लिए ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। सुबह के वक्त तेज हवाएं चलीं और शाम को एक बार फिर मौसम बिगड़ने के आसार हैं। अगर आप आज अपनी नई MPV (कार) की डिलीवरी लेने की सोच रहे हैं, तो शाम के समय का खास ध्यान रखें और घर से निकलने से पहले लाइव वेदर अपडेट जरूर देख लें। दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश और तूफान आ सकता है।
अगर आपकी कार डिलीवरी देर दोपहर या शाम की तय है, तो डीलरशिप से गाड़ी को किसी शेड के अंदर सौंपने का अनुरोध करें। चाहें तो इसे शुक्रवार, 30 अक्टूबर या वीकेंड के लिए टाल दें। डीलर से कहें कि वह दिन के उजाले में यार्ड के अंदर ही कार की तस्वीरें खींचे। प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन (PDI) के वक्त गाड़ी की छत, बोनट और पिलर्स को अच्छे से जांच लें कि कहीं कोई नया डेंट तो नहीं है। इसके अलावा शीशों, रबर सील और मैटिंग को भी चेक करें ताकि पानी के रिसाव का पता चल सके। जब तक सारी खामियां कागजों पर दर्ज न हो जाएं, डिलीवरी लेने से साफ मना कर दें।

दिल्ली-एनसीआर के लिए IMD का अलर्ट: जानें टाइमलाइन और सुरक्षित पार्किंग के टिप्स
ओलों की मार से गाड़ी को बचाने के लिए सबसे पहले कंक्रीट की पक्की छत, बेसमेंट या मल्टीलेवल पार्किंग की तलाश करें। पेड़ों के नीचे, कमजोर टिन शेड या खुले कारपोर्ट में गाड़ी पार्क करने से बचें, क्योंकि तेज आंधी में ये गिर सकते हैं। याद रखें, सामान्य कपड़े वाले कार कवर ओलों से बचाव नहीं कर पाते; रिसर्च में भी यह साबित हुआ है कि इनसे डेंट लगने का खतरा कम नहीं होता। पैडेड या इन्फ्लेटेबल कार कवर सिर्फ छोटे ओलों से बचा सकते हैं, और उन्हें भी मजबूती से बांधना पड़ता है। कुल मिलाकर, किसी भी कवर के मुकाबले सिर पर पक्की छत ही सबसे बेहतरीन सुरक्षा है।
ओलों से हुए नुकसान पर इंश्योरेंस: जीरो-डेप, ग्लास कवर, क्लेम प्रोसेस और डिडक्टिबल का गणित
अपनी गाड़ी के लिए कंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस चुनते समय जीरो डेप्रिसिएशन (Zero-Dep) के साथ विंडशील्ड या नो क्लेम बोनस (NCB) प्रोटेक्शन ऐड-ऑन जरूर लें। अगर ओलों से गाड़ी को नुकसान पहुंचता है, तो समय दर्ज करते हुए तुरंत फोटो खींचें और ऐप या हेल्पलाइन से बीमा कंपनी को जानकारी दें। नियम के मुताबिक बीमा कंपनियों को तुरंत सर्वेयर नियुक्त करना होता है और अकारण देरी पर ब्याज देना पड़ता है। इसमें अनिवार्य डिडक्टिबल राशि ₹1,000 (1500cc या उससे कम) और ₹2,000 (1500cc से अधिक) होती है, जबकि शीशों के नुकसान पर आमतौर पर कोई डेप्रिसिएशन नहीं कटता। ध्यान रखें कि गैराज का एस्टीमेट और फाइनल बिल सर्वे रिपोर्ट से मेल खाता हो।
₹15 लाख के बजट वाले MPV खरीदार: आज डिलीवरी रीशेड्यूल और वेटिंग टाइम का हाल
आज बिजली कड़कने और खराब मौसम के चलते स्टॉकयार्ड से गाड़ियों की आवाजाही धीमी रह सकती है, जिससे डिलीवरी में थोड़ा विलंब हो सकता है। दिल्ली के ग्राहकों के मुताबिक, टोयोटा रुमियन (Toyota Rumion) के कुछ ट्रिम्स 10 दिनों के भीतर मिल रहे हैं, जबकि किआ कारेंस (Kia Carens) का वेटिंग पीरियड वेरिएंट के हिसाब से एक हफ्ते से तीन महीने तक जा रहा है। रेनॉ ट्राइबर (Renault Triber) बड़े शहरों में आमतौर पर चार हफ्तों के भीतर उपलब्ध है, वहीं महिंद्रा बोलेरो नियो (Mahindra Bolero Neo) के लिए एक से दो महीने का इंतजार करना पड़ सकता है। डीलर से बात करके अपने लिए कोई वैकल्पिक डिलीवरी स्लॉट तय कर लें।
आज शाम को रास्ते पर निकलते समय सावधानी बरतें; अचानक तेज बारिश से सड़कों पर जाम लग सकता है और विजिबिलिटी कम हो सकती है। ध्यान दें कि लोक निर्माण विभाग (PWD) के मरम्मत कार्य की वजह से करमपुरा-मोती नगर फ्लाई ओवर आज भी चरणबद्ध तरीके से बंद है, जिससे स्थानीय रास्तों पर ट्रैफिक बढ़ सकता है। अपनी डिलीवरी के समय के आसपास IMD का नाउकास्ट (ताजा मौसम अपडेट) दोबारा चेक करें और डीलरशिप से लेकर घर तक कवर्ड पार्किंग को ही प्राथमिकता दें। खराब मौसम के दिन औपचारिकता से ज्यादा सुरक्षा मायने रखती है।


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