पेट्रोल का खर्च बना सिरदर्द? CNG और EV की बढ़ती डिमांड के बीच क्या आपको भी बदलनी चाहिए अपनी कार?
मंगलवार सुबह आए रिटेल सेल्स के ताजा आंकड़ों ने कार बाजार की बदलती तस्वीर साफ कर दी है। जून के आंकड़ों के मुताबिक, अब सीएनजी (CNG), हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) की बाजार में हिस्सेदारी रिकॉर्ड 40 फीसदी तक पहुंच गई है। मिडिल क्लास परिवारों के लिए पेट्रोल का खर्च आज भी सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है, यही वजह है कि खरीदार अब तेजी से दूसरे विकल्पों की ओर मुड़ रहे हैं।
सीएनजी और हाइब्रिड मॉडल्स की बढ़ती डिमांड की वजह से अब इनकी किल्लत होने लगी है। दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों के डीलर्स का कहना है कि इन गाड़ियों का वेटिंग पीरियड लगातार बढ़ रहा है। ज्यादातर इलाकों में पॉपुलर मॉडल्स के लिए अब 8 से 12 हफ्ते तक का इंतजार करना पड़ रहा है। डिमांड ज्यादा होने के कारण इन वेरिएंट्स पर मिलने वाले डिस्काउंट भी बहुत तेजी से खत्म हो रहे हैं। अगर आप भी ऐसी गाड़ी लेने की सोच रहे हैं, तो मौजूदा कीमत लॉक करने के लिए जल्द बुकिंग कराना ही समझदारी होगी।

बजट पेट्रोल कारों पर मिल रहा है तगड़ा डिस्काउंट
जैसे-जैसे लोग वैकल्पिक ईंधन (Alt-fuel) की तरफ बढ़ रहे हैं, पेट्रोल कारों के खरीदारों की मोलभाव करने की ताकत बढ़ गई है। कंपनियां अपना स्टॉक निकालने के लिए पारंपरिक पेट्रोल वेरिएंट्स पर अब पहले से कहीं ज्यादा डिस्काउंट दे रही हैं। 12 लाख रुपये से कम की कई बजट कारें तो आज 'इमीडिएट डिलीवरी' के लिए उपलब्ध हैं। हालांकि सीएनजी या इलेक्ट्रिक कारें बाद में पैसे बचाती हैं, लेकिन उनकी शुरुआती कीमत अक्सर ज्यादा होती है। इसलिए कोई भी फैसला लेने से पहले अपनी महीने भर की ड्राइविंग दूरी का हिसाब जरूर लगा लें।
| फ्यूल का प्रकार | टायर की लाइफ (किमी) | औसत डिस्काउंट |
|---|---|---|
| स्टैंडर्ड पेट्रोल | 50,000 | ज्यादा |
| CNG/EV/Hybrid | 38,000 | कम |
मानसून के सीजन में सेफ्टी का रखें खास ख्याल
बेंगलुरु और मुंबई जैसे शहरों में मानसून की बारिश के बीच सेफ्टी फीचर्स और भी जरूरी हो जाते हैं। भारी बारिश में ड्राइविंग के दौरान इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) और रियर वाइपर का इस्तेमाल बेहद अहम है। सीएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियां वजन में भारी होती हैं, इसलिए गीली सड़कों पर उनकी हैंडलिंग थोड़ी अलग होती है—ऐसे में अच्छे टायर्स का होना बहुत जरूरी है। कार खरीदते समय हमेशा चेक करें कि डीलर के पास सेफ्टी फीचर्स वाले ट्रिम्स स्टॉक में हैं या नहीं। सही सेफ्टी गियर वाली कार न सिर्फ आपके परिवार को सुरक्षित रखती है, बल्कि आपके निवेश को भी बचाती है।
बदलते बाजार में भविष्य की बचत और शुरुआती खर्च के बीच तालमेल बिठाना जरूरी है। फिलहाल रिटेल कीमतें और ब्याज दरें स्थिर हैं, इसलिए जुलाई का यह महीना खरीदारी के लिए काफी अहम है। अभी डील फाइनल करने से आप साल के अंत में होने वाली संभावित कीमतों की बढ़ोतरी से बच सकते हैं। पेट्रोल या हाइब्रिड मॉडल चुनने से पहले अपनी कुल रनिंग कॉस्ट पर गौर जरूर करें।


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