CAFE-III नियम: क्या अब महंगी होंगी कारें? जानिए नई माइलेज पॉलिसी और आपके लिए सही विकल्प
ऊर्जा मंत्रालय ने 30 सितंबर 2026 को नए CAFE-III नियमों की अधिसूचना जारी कर दी है। ये नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे और 31 मार्च 2032 तक प्रभावी रहेंगे। इसके तहत हर साल माइलेज के मानक सख्त होते जाएंगे, जहां लक्ष्य 3.996 से घटाकर 3.3273 लीटर प्रति 100 किमी रखा गया है। बाजार में भारी गाड़ियों के बढ़ते चलन को देखते हुए रेफरेंस वेट भी बढ़ाकर 1,229 किलोग्राम कर दिया गया है। हालांकि, आज ही शोरूम में गाड़ियों के प्राइस टैग नहीं बदलेंगे, लेकिन ऑटो कंपनियों के लिए अब हर कार का कंप्लायंस स्कोर बेहद अहम हो गया है।
CAFE नियम किसी कार कंपनी की पूरी फ्लीट (सभी मॉडल) के औसत CO2 उत्सर्जन को पेट्रोल के बराबर मानकर माइलेज तय करते हैं। नई अधिसूचना के मुताबिक, इस गणना के लिए CO2 के आंकड़ों को 23.7135 से विभाजित किया जाएगा। नियमों के पालन को दो असेसमेंट ब्लॉक में जांचा जाएगा, जिसमें सालाना रिव्यू के साथ क्रेडिट ट्रांसफर का एक औपचारिक बाजार भी होगा। कंपनियां हर साल 1 अक्टूबर से शुरू होने वाली 30 दिनों की विंडो में इन क्रेडिट्स की खरीद-बिक्री कर सकेंगी। जाहिर है, कार के दाम भले न बदलें, लेकिन कंपनियों की बोर्डरूम प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव आ चुका है।

CAFE-III फ्यूल-एफिशिएंसी नियम: जानिए सुपर-क्रेडिट्स और CNF का गणित
कंपनी के फ्लीट माइलेज के गणित में बैटरी इलेक्ट्रिक और रेंज-एक्सटेंडर मॉडल को एक के बजाय तीन गाड़ियों के बराबर गिना जाएगा। वहीं, प्लग-इन और फ्लेक्स-फ्यूल स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड को 2.5, स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड को 1.6 और फ्लेक्स-फ्यूल एथेनॉल मॉडल्स को 1.1 का सुपर-क्रेडिट मिलेगा। इसके अलावा, CNG, एथेनॉल ब्लेंड और डीजल गाड़ियों को कार्बन-न्यूट्रैलिटी डिस्काउंट (CNF) का लाभ मिलेगा; इसमें CNG को पांच प्रतिशत या अधिसूचित कंप्रेस्ड बायोगैस ब्लेंड की छूट मिलेगी। हालांकि, छोटी कारों पर मिलने वाला बोनस अब खत्म कर दिया गया है। हुंडई के तरुण गर्ग का कहना है, "यह फाइनल नोटिफिकेशन एक सकारात्मक कदम है।"
₹10 लाख से सस्ती कारों पर असर: जानिए अभी कौन-सी गाड़ी खरीदना रहेगा सही
10 लाख रुपये से कम में आने वाली छोटी पेट्रोल हैचबैक कारें न तो अचानक सस्ती होंगी और न ही उनका ARAI माइलेज रातों-रात बढ़ जाएगा। शहर में रोजाना चलाने वालों के लिए प्रति किलोमीटर लागत के मामले में CNG अब भी सबसे किफायती जरिया बनी हुई है। दूसरी तरफ, सुपर-क्रेडिट्स के चलते हाइब्रिड कारें कार निर्माताओं के लिए पर्दे के पीछे काफी फायदेमंद साबित हो रही हैं। भविष्य के माइलेज टार्गेट पूरे करने के लिए ऑटो ब्रांड्स अब मार्केटिंग और फेस्टिव स्टॉक में CNG और एंट्री-लेवल हाइब्रिड कारों को प्राथमिकता देंगे। स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड गाड़ियों पर मिलने वाला 1.6x क्रेडिट इसी रणनीति को दर्शाता है।
ऐसे में अगर आप आज नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो भरोसेमंद CNG हैचबैक और सेडान को अपनी लिस्ट में प्राथमिकता दें, साथ ही हाइब्रिड मॉडल पर मिलने वाले इंश्योरेंस और फाइनेंस ऑफर्स की जांच करें। इस वीकेंड डीलर्स के क्लीयरेंस डिस्काउंट्स पर भी नजर बनाए रखें, क्योंकि कंपनियां नए नियमों के हिसाब से अपना इन्वेंट्री स्टॉक क्लियर कर रही हैं। हालांकि, गाड़ियों के फ्यूल लेबल 1 अप्रैल 2027 से पहले नहीं बदलेंगे, लेकिन कारों में कुछ हल्के एफिशिएंसी अपडेट्स देखने को मिल सकते हैं जिनसे कंपनियों को छोटे CO2 क्रेडिट्स मिल सकें। इस फेस्टिव सीजन 'सर्वश्रेष्ठ माइलेज' वाली कारों की पसंद कुछ इसी तरह धीरे-धीरे बदलेगी।


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