पेट्रोल-CNG का बढ़ता खर्च? 10 लाख के बजट में ये गाड़ियां बचाएंगी आपके हजारों रुपये
भारतीय कार खरीदारों के बीच अब लग्जरी फीचर्स से ज्यादा माइलेज का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है। आने वाले वित्त वर्ष के सेल्स डेटा बताते हैं कि बाजार में एक बड़ा बदलाव आया है। अब लोग ऐसी पेट्रोल कारें चाहते हैं जो 20 kmpl का माइलेज दें और CNG मॉडल में 30 km/kg की उम्मीद कर रहे हैं। यही वजह है कि 10 लाख रुपये से कम बजट वाली गाड़ियों की डिमांड तेजी से बढ़ी है। आज के समय में हर परिवार चाहता है कि उनकी कार का रनिंग कॉस्ट यानी चलने का खर्च कम से कम हो।
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने मिडिल क्लास खरीदारों के लिए हाई-माइलेज कारों को पहली पसंद बना दिया है। मारुति सुजुकी और टाटा मोटर्स जैसी कंपनियां इस रेस में सबसे आगे हैं। ये ब्रांड्स ऐसे कई मॉडल्स पेश कर रहे हैं जो दमदार परफॉर्मेंस के साथ जबरदस्त फ्यूल इकोनॉमी भी देते हैं। शहर में रोजाना आने-जाने के लिए लोग अब फैक्ट्री-फिटेड CNG किट को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं, जिससे उनके महीने भर के ईंधन का खर्च काफी कम हो जाता है।

भारत में 10 लाख रुपये से कम की हाई-माइलेज पेट्रोल और CNG कारें
मारुति सुजुकी सेलेरियो (Celerio) फिलहाल देश की सबसे ज्यादा माइलेज देने वाली पेट्रोल कार बनी हुई है। यह लगभग 25 kmpl का माइलेज देती है, जो बजट का ख्याल रखने वाले परिवारों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। इसी तरह, नई स्विफ्ट (Swift) अपने एडवांस Z-सीरीज इंजन के साथ शानदार माइलेज ऑफर कर रही है। ये कारें साबित करती हैं कि बेहतर माइलेज के लिए आपको बहुत ज्यादा पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है। भारतीय हैचबैक सेगमेंट में ये दोनों ही मॉडल्स काफी पॉपुलर हैं।
पिछले कुछ सालों में CNG टेक्नोलॉजी में भी बड़े सुधार हुए हैं। मारुति सुजुकी वैगनआर (WagonR) CNG आज भी शहरी टैक्सी ड्राइवरों और परिवारों की पसंदीदा कार है। हाईवे पर यह 34 km/kg से भी ज्यादा का माइलेज देती है। वहीं, टाटा मोटर्स ने CNG कारों में बूट स्पेस (डिग्गी की जगह) की समस्या को दूर करने के लिए ट्विन-सिलेंडर टेक्नोलॉजी पेश की है। इस इनोवेशन ने ग्रीन फ्यूल गाड़ियों को लेकर ग्राहकों की सबसे बड़ी शिकायत दूर कर दी है।
| कार मॉडल | फ्यूल वेरिएंट | माइलेज (Efficiency) |
|---|---|---|
| Maruti Suzuki Celerio | Petrol | 25.24 kmpl |
| Maruti Suzuki WagonR | CNG | 34.05 km/kg |
| Maruti Suzuki Swift | Petrol | 24.80 kmpl |
| Tata Tiago iCNG | CNG | 26.49 km/kg |
| Hyundai Grand i10 Nios | CNG | 27.00 km/kg |
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि 'माइलेज-फर्स्ट' वाली यह सोच वित्त वर्ष 2026 के ऑटोमोबाइल मार्केट की दिशा तय करेगी। ज्यादातर खरीदार ऐसी गाड़ियों की तलाश में हैं जिनकी कुल कीमत 10 लाख रुपये से कम हो। लोग अब बड़ी SUVs और लग्जरी सेडान के भारी-भरकम खर्च से बचना चाहते हैं। इसकी जगह वे कॉम्पैक्ट कारों को पसंद कर रहे हैं, जिन्हें पार्क करना आसान है और चलाना सस्ता। इस बदलाव की वजह से कई कंपनियां अब अपने लाइनअप पर दोबारा विचार कर रही हैं।
हाई-माइलेज पेट्रोल और CNG कारों का बढ़ता ट्रेंड
कॉस्ट ऑफ ओनरशिप के विश्लेषण से पता चलता है कि लंबे समय के इस्तेमाल के लिए CNG कारें सबसे ज्यादा किफायती हैं। मारुति सुजुकी के पार्थो बनर्जी कहते हैं, "हम देख रहे हैं कि ग्राहकों का झुकाव CNG गाड़ियों की तरफ बहुत तेजी से बढ़ा है।" हालांकि, पेट्रोल के मुकाबले इनकी शुरुआती कीमत थोड़ी ज्यादा होती है, लेकिन ईंधन पर होने वाली बचत इसकी भरपाई कर देती है। रोजाना ऑफिस जाने वाले लोग पेट्रोल से CNG पर शिफ्ट होकर हर महीने हजारों रुपये बचा सकते हैं।
आजकल के आधुनिक इंजन पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा क्लीन और एफिशिएंट हो गए हैं। नए एमिशन नॉर्म्स (उत्सर्जन मानक) कंपनियों को इस बात के लिए प्रेरित कर रहे हैं कि वे ईंधन की एक-एक बूंद का सही इस्तेमाल करें। इसका नतीजा यह है कि ग्राहकों को अब बेहतर पावर के साथ-साथ ज्यादा माइलेज भी मिल रहा है। इंजीनियरिंग में हो रहे इस निवेश का सबसे ज्यादा फायदा हैचबैक और कॉम्पैक्ट सेडान कारों को मिला है। अब लोग फ्यूल गेज की चिंता किए बिना लंबी ड्राइव का आनंद ले सकते हैं।
बजट सेगमेंट की इन हाई-माइलेज कारों में अब सेफ्टी और फीचर्स का भी खास ख्याल रखा जा रहा है। कई नए मॉडल्स में अब 6 एयरबैग्स स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर के तौर पर मिल रहे हैं। यानी अब खरीदारों को माइलेज के लिए सुरक्षा से समझौता नहीं करना पड़ता। इसके अलावा, टचस्क्रीन और ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल जैसे फीचर्स अब टॉप वेरिएंट्स में आम हो गए हैं। इससे हाई-माइलेज सेगमेंट अब हर तरह के ग्राहकों को अपनी ओर खींच रहा है।
जब तक पेट्रोल की कीमतें ऊंची बनी रहेंगी, माइलेज पर यह फोकस बरकरार रहने की उम्मीद है। 10 लाख रुपये से कम की बजट कारें औसत भारतीय खरीदार के लिए एक परफेक्ट बैलेंस पेश करती हैं। जल्द ही बाजार में आने वाले नए मॉडल्स के साथ ग्राहकों के पास हाई-माइलेज कारों के और भी विकल्प होंगे। इस साल सही फ्यूल टाइप का चुनाव करना हर किसी के लिए एक बड़ा फैसला होगा। वाकई, अब हाई-माइलेज इकोनॉमी कारों का दौर आ चुका है।


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