पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम से परेशान? 10 लाख से कम में ये कारें देंगी सबसे ज्यादा माइलेज
शनिवार, 6 जून को देश के प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। कीमतों में इस स्थिरता के बीच अब कार खरीदारों का रुझान ज्यादा माइलेज देने वाली गाड़ियों की तरफ तेजी से बढ़ा है। ज्यादातर ग्राहक अब ऐसे मॉडल चुन रहे हैं जो बेहतर परफॉर्मेंस के साथ-साथ रोजमर्रा के सफर में ईंधन की बचत भी करें।
बढ़ती लागत की वजह से भारत में बजट कार खरीदारों के लिए 'माइलेज' सबसे बड़ा फैक्टर बन गया है। पेट्रोल-डीजल के ऊंचे दाम सीधे तौर पर घर की बचत और डेली कम्यूटिंग के खर्च को प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि इस सीजन में 10 लाख रुपये से कम कीमत वाली कारों की डिमांड काफी बढ़ गई है। भारतीय परिवार अब अपनी मेहनत की कमाई की पूरी वैल्यू चाहते हैं।

जून में सफर के लिए 10 लाख से कम में बेस्ट माइलेज कारें
इस सेगमेंट में मारुति सुजुकी अपनी सेलेरियो और नई स्विफ्ट के साथ सबसे आगे है। नई स्विफ्ट आधिकारिक टेस्ट में करीब 24.8 किलोमीटर प्रति लीटर (kmpl) का शानदार माइलेज देती है। इसमें लगा नया Z-सीरीज इंजन खास तौर पर शहर के ट्रैफिक को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जो ऑफिस आने-जाने वालों की हर दिन काफी बचत कराता है।
| शहर | पेट्रोल (रुपये/लीटर) | डीजल (रुपये/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 94.72 | 87.62 |
| मुंबई | 104.21 | 92.15 |
| चेन्नई | 100.75 | 92.34 |
पेट्रोल-डीजल के दाम और माइलेज का असली गणित
टाटा पंच जैसे सीएनजी (CNG) विकल्प अब और भी ज्यादा बचत का मौका दे रहे हैं। कई खरीदारों का अनुभव है कि सीएनजी कार चलाने का खर्च पेट्रोल मॉडल के मुकाबले लगभग आधा रह जाता है। जहां पेट्रोल पर खर्च करीब 4 रुपये प्रति किलोमीटर आता है, वहीं सीएनजी में यह 2 रुपये के आसपास रहता है। लंबी दूरी तय करने वालों के लिए ये कारें आज भी पहली पसंद बनी हुई हैं।
हालांकि, ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) के आंकड़े और सड़क की असल स्थिति में अक्सर फर्क होता है। भारी ट्रैफिक और एसी (AC) के इस्तेमाल से कार की असल एफिशिएंसी 20 फीसदी तक कम हो सकती है। अपना मंथली बजट तय करते समय खरीदारों को इन बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। यह छोटा सा हिसाब सही वेरिएंट चुनने में काफी मदद करता है।
10 लाख रुपये के बजट में कार चुनते समय अब फोकस लंबे समय के खर्चों पर है। मार्केट ट्रेंड्स बताते हैं कि किफायती पेट्रोल और सीएनजी कारें ही सबसे बेस्ट वैल्यू दे रही हैं। भारतीय परिवार अब दिखावे के प्रीमियम फीचर्स के बजाय कम रनिंग कॉस्ट को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऑटोमोबाइल मार्केट में आया यह बदलाव आज साफ नजर आ रहा है।


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