पेट्रोल का खर्च होगा आधा! 10 लाख से कम बजट में ये हैं भारत की सबसे किफायती सीएनजी कारें
5 अक्टूबर की सुबह देश के बड़े महानगरों में ईंधन के नए रेट जारी हो गए हैं, और शहर में गाड़ी चलाने के खर्च के मामले में सीएनजी (CNG) एक बार फिर सबसे किफायती विकल्प बनकर उभरी है। फिलहाल दिल्ली में सीएनजी ₹86.98/किलोग्राम, मुंबई में ₹89, चेन्नई में ₹97.5 और कोलकाता में ₹103/किलोग्राम बिक रही है। वहीं, पेट्रोल की बात करें तो दिल्ली में यह ₹102.12 और मुंबई में ₹111.21 प्रति लीटर है, जबकि डीजल दिल्ली में ₹95.20 और मुंबई में ₹97.83 प्रति लीटर पर बना हुआ है। पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतों में इस बड़े अंतर की वजह से 10 लाख रुपये से कम बजट वाली सीएनजी हैचबैक कारें आज के समय में चलाने के लिहाज से सबसे सस्ती कार साबित हो रही हैं।
आइए इसे प्रति किलोमीटर रनिंग कॉस्ट के हिसाब से समझें। दिल्ली के मौजूदा रेट पर, मारुति की छोटी सीएनजी कारें जो 22 से 28 किमी/किलोग्राम का माइलेज देती हैं, उनका चलने का खर्च महज ₹3.11 से ₹3.95 प्रति किलोमीटर बैठता है। वहीं 18 से 24 किमी/किलोग्राम माइलेज वाली टाटा आईसीएनजी (iCNG) कारों का खर्च ₹3.62 से ₹4.83 प्रति किमी आता है। इसके मुकाबले, दिल्ली में 12 से 15 किमी/लीटर का माइलेज देने वाली पेट्रोल हैचबैक कारों की रनिंग कॉस्ट ₹6.81 से ₹8.51 प्रति किमी और 19 से 22 किमी/लीटर माइलेज वाली डीजल कारों का खर्च ₹4.33 से ₹5.01 प्रति किमी पड़ता है। मुंबई और चेन्नई जैसे शहरों में तो पेट्रोल और सीएनजी की कीमतों में बड़ा अंतर होने के कारण सीएनजी से होने वाली यह बचत और भी ज्यादा नजर आती है।

10 लाख रुपये से कम में आने वाली बेस्ट सीएनजी कारें
अगर आप तुरंत बचत करना चाहते हैं, तो इन मॉडल्स को अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं— मारुति ऑल्टो K10, एस-प्रेसो, सेलेरियो और वैगनआर एस-सीएनजी (S-CNG); साथ ही टाटा टियागो और टिगोर आईसीएनजी (iCNG)। इनके ARAI माइलेज के आंकड़े काफी शानदार हैं: सेलेरियो 34.43 किमी/किलोग्राम, वैगनआर 34.05, ऑल्टो K10 33.85 और एस-प्रेसो 32.73 का माइलेज देती हैं। टाटा टियागो 26.49 किमी/किलोग्राम और टिगोर (एएमटी) 28.06 तक का माइलेज देती हैं। बड़े शहरों में इन कारों की ऑन-रोड कीमत आमतौर पर ₹6.8 लाख से ₹10 लाख के बीच रहती है, जिसमें टिगोर आईसीएनजी का बेस वेरिएंट बजट की ऊपरी सीमा के आसपास पहुंचता है।
खरीदने से पहले जरूर जांचें: बूट स्पेस, वारंटी और इंश्योरेंस
टाटा अपनी ट्विन-सिलेंडर तकनीक के तहत सीएनजी टैंक को बूट के निचले हिस्से (फ्लोर) में सेट करती है, जिससे डिग्गी में सामान रखने की अच्छी-खासी जगह मिल जाती है। पारंपरिक सिंगल-सिलेंडर सीएनजी कारों में यह जगह अक्सर खत्म हो जाती थी। हालिया अपडेट्स के साथ टियागो और टिगोर में बढ़िया बूट स्पेस बरकरार है। वारंटी की बात करें तो मारुति अब 3 साल या 1,00,000 किलोमीटर की स्टैंडर्ड वारंटी दे रही है, जिसे आगे बढ़ाने के विकल्प भी मौजूद हैं। टाटा भी अपनी आईसीएनजी कारों पर 3 साल/1,00,000 किमी की वारंटी दे रही है। इंश्योरेंस लेते समय जीरो-डेप्रिसिएशन (Zero-Dep) और इंजन प्रोटेक्शन जैसे ऐड-ऑन जरूर चुनें, साथ ही पॉलिसी में सीएनजी किट का सही डिक्लेरेशन दें ताकि क्लेम में दिक्कत न आए।
कार फाइनेंस कराना भी फिलहाल आसान और बजट में है। बड़े बैंकों में नई कार के लिए ब्याज दरें 7.35 से 9.5 प्रतिशत से शुरू होती हैं, जबकि एनबीएफसी (NBFCs) की दरें थोड़ी अधिक होती हैं। उदाहरण के तौर पर, 5 साल की अवधि के लिए अगर आप 9.5% ब्याज दर पर ₹7.5 लाख का लोन लेते हैं, तो मासिक ईएमआई (EMI) लगभग ₹15,751 बनेगी। वहीं 10.5% ब्याज पर ₹9 लाख के लोन के लिए यह लगभग ₹19,345 महीना होगी। लोन लेते समय प्रोसेसिंग फीस में छूट के लिए बातचीत करें और प्री-अप्रूव्ड ऑफर्स की तुलना जरूर करें। आज ही अपने शहर में सीएनजी का भाव चेक करें और अपनी पसंद की कार की टेस्ट ड्राइव लेकर उसके असली माइलेज को जरूर परखें।


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