5 लाख कारें बिकीं! दिवाली पर 15 लाख के बजट में ये हैं सबसे सुरक्षित और बेस्ट माइलेज वाली गाड़ियां
अक्टूबर महीने में पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री के आंकड़ों ने नया इतिहास रच दिया है। भारत में पहली बार किसी एक महीने में कार बिक्री का आंकड़ा 5 लाख (होलसेल) के पार निकल गया। हमेशा की तरह मारुति सुजुकी सबसे आगे रही, जबकि दूसरे नंबर की होड़ में टाटा मोटर्स ने महिंद्रा को महज 556 यूनिट्स से पीछे छोड़ दिया। इस दिवाली हफ्ते अगर आप भी 15 लाख रुपये (ऑन-रोड) से कम बजट में नई कार तलाश रहे हैं, तो बिक्री में आई यह उछाल सीधे तौर पर गाड़ियों के वेटिंग पीरियड, डिस्काउंट और शोरूम में मॉडल्स की उपलब्धता को तय करने वाली है।
दिवाली की डिलीवरी और धनतेरस से ठीक पहले डीलरों के पास करीब 43 से 45 दिनों का स्टॉक मौजूद है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी कम है। इससे डीलरों का भरोसा भी बढ़ा है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप शोरूम में मौजूद (इन-स्टॉक) मॉडल चुनते हैं तो डिलीवरी जल्दी मिल जाएगी, लेकिन सबसे ज्यादा बिकने वाली पॉपुलर कारों पर मोलभाव की गुंजाइश थोड़ी कम रहेगी। वहीं, जिन गाड़ियों की मांग थोड़ी धीमी है, उन पर शोरूम इस फेस्टिव सीजन में ज्यादा डिस्काउंट और आकर्षक ऑफर्स पेश कर रहे हैं।

7 से 15 लाख रुपये के बजट में बेस्ट कारें: अक्टूबर सेल्स से मिले बड़े संकेत
अगर आपका बजट मिडल-क्लास सेगमेंट में आता है और आप सेफ्टी से समझौता नहीं करना चाहते, तो इस समय बाजार में कुछ बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं। मारुति सुजुकी ब्रेजा (Maruti Suzuki Brezza) को भारत NCAP से 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली हुई है। वहीं हुंडई वेन्यू (Hyundai Venue) ने भी एडल्ट और चाइल्ड सेफ्टी दोनों मामलों में 5-स्टार रेटिंग हासिल की है। इसके अलावा टाटा पंच (Tata Punch) को ग्लोबल NCAP में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है और इसके नए मॉडल्स को भारत NCAP की भी रेटिंग मिल चुकी है। ये तीनों ही गाड़ियां शहर में चलाने के लिहाज से बेहद शानदार, फैमिली-फ्रेंडली और रीसेल वैल्यू के मामले में सबसे मजबूत विकल्प हैं।
फ्यूल का सही चुनाव: पेट्रोल, सीएनजी या हाइब्रिड?
अगर आप शहर के रोजाना के ट्रैफिक से परेशान हैं और माइलेज बढ़ाना चाहते हैं, तो ग्रैंड विटारा (Grand Vitara) जैसी स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड SUVs बेस्ट हैं। ये असल ड्राइविंग कंडीशंस में भी 25 किमी/लीटर तक का माइलेज दे देती हैं, जिससे महीने का फ्यूल खर्च काफी घट जाता है। सीएनजी गाड़ियों की बात करें तो ये प्रति किलोमीटर चलने का खर्च लगभग 30 से 50 फीसदी तक कम कर देती हैं, लेकिन इनमें बूट स्पेस (डिकी की जगह) कम मिलता है और परफॉर्मेंस थोड़ी सुस्त हो जाती है। वहीं, साधारण पेट्रोल कारें इस दिवाली तुरंत खरीदने के लिए सबसे आसान विकल्प हैं, क्योंकि इनके वेरिएंट्स आसानी से मिल जाते हैं और इनकी ओनरशिप भी बेहद झंझट-मुक्त रहती है।
वेटिंग पीरियड, डिस्काउंट और टायरों की लाइफ से जुड़ी काम की बात
ब्रेजा और वेन्यू जैसी ज्यादा मांग वाली कारों पर बहुत ज्यादा ऑफर्स की उम्मीद न रखें, लेकिन जिस मॉडल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, उस पर आपको अच्छी डील मिल सकती है। अगर आप कलर को लेकर फ्लेक्सिबल हैं या डीलरशिप के यार्ड में खड़ी कार चुनते हैं, तो बेहतर डिस्काउंट के लिए बातचीत कर सकते हैं। 15 लाख रुपये ऑन-रोड बजट के अंदर कार का मिड-वेरिएंट चुनना EMI और रीसेल वैल्यू दोनों के लिहाज से सबसे समझदारी भरा फैसला माना जाता है। कार खरीदते समय टायरों के मेंटेनेंस का बजट भी ध्यान में रखें—ज्यादातर टायरों का एक सेट लगभग 40,000 से 50,000 किलोमीटर या 5 साल तक चलता है। अगर टायरों की ग्रिप (ट्रेड) 1.6 मिमी से कम हो जाए या वे असमान रूप से घिस जाएं, तो उन्हें समय से पहले बदल लेना ही सुरक्षित होता है।


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