त्योहारी सीजन में कार खरीदने का सही मौका: 10 लाख से कम बजट वाली इन गाड़ियों पर मिल रहा है भारी डिस्काउंट
त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही आज, यानी रविवार, 6 सितंबर 2026 की सुबह से गाड़ियों पर डिस्काउंट की बारिश शुरू हो गई है। 10 लाख रुपये से कम बजट वाली फैमिली कारों पर डीलर्स नए-नए फायदे दे रहे हैं। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में Tata Tiago, Maruti WagonR, Swift, Hyundai Grand i10 Nios, Exter और Celerio जैसी गाड़ियों पर कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस और कॉर्पोरेट छूट मिल रही है। अगर आप नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आज ही बुकिंग करना एक समझदारी भरा सौदा साबित हो सकता है।
सितंबर के इस महीने में हुंडई के डीलर्स सबसे आगे चल रहे हैं। कंपनी Exter और Grand i10 Nios जैसे चुनिंदा मॉडल्स पर ₹1 लाख तक के कुल फायदे दे रही है। टाटा Tiago पर भी डीलरशिप लेवल पर ऑफर्स लाइव हैं, वहीं Nios के लिए कैश डिस्काउंट, लॉयल्टी बोनस और एक्सचेंज ऑफर इस हफ्ते अपडेट किए गए हैं। मारुति की एंट्री-लेवल हैचबैक कारों पर ज्यादातर शहरों में कैश और एक्सचेंज छूट दी जा रही है, हालांकि दिल्ली में WagonR की कुछ लिस्टिंग्स में फिलहाल कोई ऑफर नजर नहीं आ रहा है।

फेस्टिव सीजन के बेस्ट कार डील्स: ₹10 लाख के बजट में कौन-सी फैमिली कार रहेगी बेस्ट?
कार खरीदने से पहले अपने बजट और हर महीने बनने वाली EMI का हिसाब जरूर लगा लें। दिल्ली में टाटा Tiago की ऑन-रोड कीमत लगभग ₹5.18 लाख से ₹9.89 लाख के बीच है, जबकि WagonR की शुरुआती कीमत ₹5.42–5.65 लाख के आसपास है। वहीं मुंबई में Maruti Celerio की शुरुआत करीब ₹5.43 लाख से होती है। EMI का सीधा गणित समझें तो 10.5% की ब्याज दर पर 60 महीनों (5 साल) के लिए प्रति ₹1 लाख पर आपकी EMI लगभग ₹2,150 बनेगी। यानी अगर आप ₹6 से ₹9 लाख तक का कार लोन लेते हैं, तो आपकी मंथली किश्त करीब ₹12,900 से ₹19,350 के बीच आएगी।
EMI का गणित और कारों का वेटिंग पीरियड: जानें इस हफ्ते का हाल
अगर आप टाटा Tiago का पेट्रोल/डीजल (ICE) मॉडल चुनते हैं, तो वैरिएंट, रंग और शहर के हिसाब से डिलीवरी मिलने में 1 से 12 हफ्ते तक का समय लग सकता है। बड़े शहरों में इसके पॉपुलर वैरिएंट्स की डिलीवरी जल्दी मिल रही है। लॉन्चिंग के समय के मुकाबले हुंडई Exter का वेटिंग पीरियड अब थोड़ा कम जरूर हुआ है, लेकिन फिर भी डिलीवरी के लिए कुछ हफ्तों का इंतजार करना पड़ सकता है। इलेक्ट्रिक कारों की डिलीवरी थोड़ी सुस्त है, जबकि पेट्रोल और सीएनजी (CNG) मॉडल का स्टॉक इस महीने काफी तेजी से क्लियर हो रहा है। कार का बिल (Invoice) बनने से पहले उसका VIN नंबर चेक करके मैन्युफैक्चरिंग महीना जरूर कन्फर्म कर लें।
डीलरशिप पर इन एक्स्ट्रा चार्जेस से बचें: जबरन एक्सेसरीज और हैंडलिंग फीस देने से करें इनकार
कार खरीदते समय जबरन बेचे जाने वाले एक्सेसरीज किट, महंगे इंश्योरेंस और कथित "हैंडलिंग या लॉजिस्टिक्स" चार्जेस को सिरे से नकार दें। दिल्ली हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणियों और सरकारी सर्कुलर के बाद परिवहन विभाग ऐसे गैर-कानूनी चार्जेस वसूलने वाले डीलरों पर सख्त कार्रवाई कर रहा है। कंज्यूमर फोरम भी जबरन एक्सेसरीज थमाने वाले शोरूम्स पर जुर्माना लगा चुके हैं। इसलिए डीलर से केवल साफ-सुथरा प्रोफॉर्मा इनवॉइस ही मांगें, जिसमें सिर्फ एक्स-शोरूम कीमत, सरकारी RTO फीस और इंश्योरेंस ही शामिल हो। जब तक आप खुद कोई एक्स्ट्रा सर्विस न चुनें, तब तक किसी भी अन्य चार्ज का भुगतान न करें।
सुरक्षा पर भी दें ध्यान: एयरबैग्स, ESC और भारत NCAP की रेटिंग
हुंडई का कहना है कि नई Exter में अब 6 एयरबैग और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) स्टैंडर्ड यानी बेस वैरिएंट से ही दिए जा रहे हैं। सेफ्टी क्रैश टेस्ट की बात करें तो Global NCAP में Grand i10 Nios को 2-स्टार रेटिंग मिली थी, जबकि 2023 के टेस्ट में WagonR को एडल्ट सेफ्टी के लिए केवल 1-स्टार मिला था। Tata Tiago पुराने प्रोटोकॉल के तहत 4-स्टार सेफ्टी रेटिंग हासिल कर चुकी है। चूंकि इनमें से कई मॉडल्स की अभी Bharat NCAP रेटिंग नहीं आई है, इसलिए कार चुनते समय 6 एयरबैग और ESC जैसे सेफ्टी फीचर्स को प्राथमिकता दें।
कार के मेंटेनेंस बजट में टायरों का ध्यान पहले से रखें ताकि बाद में अचानक खर्च का बोझ न पड़े। भारतीय सड़कों के हिसाब से पैसेंजर कारों के टायर आमतौर पर 40,000 से 50,000 किमी या 4 से 5 साल तक चलते हैं। अगर ग्रिप कम हो जाए, तो इन्हें तुरंत बदलवा लें। डिलीवरी लेने से पहले कार के टायरों पर लिखा DOT कोड (हफ्ता और साल) जरूर चेक करें। टायरों को अपग्रेड करते समय केवल उनकी कीमत न देखें, बल्कि प्रति किलोमीटर लागत का हिसाब लगाएं। ध्यान रखें कि टाटा Tiago पर मिलने वाले कई ऑफर्स 30 सितंबर तक ही मान्य हैं, इसलिए सही समय पर फैसला लें।


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