पेट्रोल के बढ़ते दाम और EMI से परेशान? 15 लाख के बजट में ये एसयूवी हैं असली बचत का जरिया
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आए ताजा बदलाव ने भारतीय ग्राहकों के खरीदारी के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। अब लोग 10 से 15 लाख रुपये के बजट में ऐसी कॉम्पैक्ट एसयूवी (CSUV) तलाश रहे हैं, जो जेब पर भारी न पड़े। आज सुबह रेट्स में हुए बदलाव के बाद माइलेज हर किसी के लिए सबसे बड़ी चिंता बन गया है। यही वजह है कि भारतीय खरीदार अब ज्यादा तेल पीने वाली भारी गाड़ियों के बजाय बचत वाली कारों की ओर रुख कर रहे हैं, ताकि रोजमर्रा के सफर में खर्च कम हो सके।
बजट का ख्याल रखने वाले खरीदार अब उन मॉडल्स पर फोकस कर रहे हैं जिनका डेली रनिंग कॉस्ट कम हो। आजकल की गाड़ियों में बेहतर परफॉर्मेंस के लिए एडवांस इलेक्ट्रॉनिक फ्यूल इंजेक्शन (EFI) सिस्टम मिल रहा है। इसके अलावा, लोग कार खरीदने से पहले उसकी ईएमआई (EMI) का गणित भी जरूर समझते हैं। कम EMI और शानदार ड्राइविंग रेंज वाली एसयूवी आज के समय में सबसे ज्यादा डिमांड में है। इससे परिवारों को प्रीमियम राइड का आनंद लेने के साथ-साथ अपना मंथली बजट बैलेंस करने में भी मदद मिलती है।

फ्यूल प्राइस अपडेट के बाद ये हैं बजट में आने वाली शानदार कॉम्पैक्ट एसयूवी
15 लाख रुपये के बजट में आज कई पॉपुलर कॉम्पैक्ट एसयूवी (CSUV) मौजूद हैं। माइलेज के मामले में टाटा नेक्सन और मारुति ब्रेज़ा फिलहाल चार्ट में सबसे ऊपर हैं। वहीं, 10 लाख रुपये से कम के बजट में लोग सीएनजी (CNG) ऑप्शंस को भी काफी पसंद कर रहे हैं। ये सीएनजी गाड़ियां न सिर्फ पर्यावरण के लिए बेहतर हैं, बल्कि फ्यूल बिल को भी काफी हद तक कम कर देती हैं। मई में हुई कीमतों की समीक्षा के बाद ये खास मॉडल्स और भी किफायती हो गए हैं। आज के दौर में फीचर्स और कीमत के बीच सही तालमेल बिठाना ही सबसे बड़ी जरूरत है।
| एसयूवी मॉडल | फ्यूल टाइप | माइलेज (औसत) |
|---|---|---|
| Maruti Brezza | CNG | 25.51 km/kg |
| Tata Nexon | Petrol | 17.44 kmpl |
| Hyundai Venue | Petrol | 17.50 kmpl |
डीलर्स के मुताबिक, अब उन मॉडल्स की मांग बढ़ गई है जिनमें एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) मिलता है। खरीदारों के लिए अब माइलेज के साथ-साथ ADAS फीचर्स भी उतने ही जरूरी हो गए हैं। ज्यादातर लोग इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) वर्जन और हाइब्रिड वेरिएंट्स के बीच तुलना कर रहे हैं। सही ICE ट्रिम का चुनाव आपकी डेली ड्राइविंग रेंज पर निर्भर करता है। एक्सपर्ट्स की मानें तो कार खरीदते समय उसके 'टोटल कॉस्ट ऑफ ओनरशिप' पर ध्यान देना ही सबसे समझदारी भरा फैसला होता है।
इकोनॉमी पर बढ़ता यह फोकस भारतीय ऑटो मार्केट में एक बड़े बदलाव का संकेत है। कार कंपनियां भी अब परफॉर्मेंस सुधारने के लिए नई टेक्नोलॉजी का सहारा ले रही हैं। यही वजह है कि 15 लाख रुपये से कम वाली कारें कई परिवारों के लिए एक स्मार्ट चॉइस बन गई हैं। आज एक किफायती एसयूवी चुनना भविष्य में आपकी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी सुनिश्चित करता है। बढ़ते ईंधन खर्च से निपटने का यह आज भी सबसे प्रभावी तरीका है।


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