मानसून में जलभराव से परेशान? ये हैं 8 लाख से सस्ती 3 सुरक्षित कारें जो बारिश में भी नहीं रुकेंगी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया है। 23 जुलाई, गुरुवार को आए इस अपडेट में ड्राइवरों को सड़कों पर होने वाले भारी जलभराव (waterlogging) के प्रति आगाह किया गया है। ऐसे में रोजाना सफर करने वालों के लिए सही गाड़ी का चुनाव करना अब बेहद जरूरी हो गया है। 8 लाख रुपये से कम बजट वाली हैचबैक और माइक्रो-एसयूवी न केवल सुरक्षा देती हैं, बल्कि मानसून के पीक सीजन में जलमग्न सड़कों पर भी आसानी से निकल जाती हैं।
मानसून में ड्राइविंग के लिए सिर्फ गाड़ी की परफॉर्मेंस ही काफी नहीं है। खरीदारों को अब इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) जैसे फीचर्स पर ध्यान देना चाहिए, जो गीली सड़कों पर गाड़ी को फिसलने से बचाते हैं। भारी बारिश के दौरान साफ विजिबिलिटी के लिए रियर वाइपर और डिफॉगर होना बहुत जरूरी है। वहीं, माइक्रो-एसयूवी का हाई ग्राउंड क्लीयरेंस छोटे-मोटे जलभराव में इंजन को नुकसान पहुंचने से रोकता है। आजकल इस प्राइस रेंज की ज्यादातर आधुनिक कारों में 6 एयरबैग्स स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर के तौर पर मिल रहे हैं।

मानसून के लिए तैयार ये हैं बेस्ट बजट हैचबैक और माइक्रो-एसयूवी
भारत के माइक्रो-एसयूवी सेगमेंट में टाटा पंच (Tata Punch) और हुंडई एक्सटर (Hyundai Exter) का दबदबा है। इन मॉडल्स में ड्राइवर को ऊंची सीटिंग पोजीशन मिलती है, जिससे सड़क के गड्ढों को पहचानना आसान हो जाता है। वहीं, अपने भरोसेमंद सर्विस नेटवर्क की वजह से मारुति स्विफ्ट आज भी एक पॉपुलर हैचबैक बनी हुई है। लखनऊ और पटना में डीलर्स ग्रे और व्हाइट जैसे खास रंगों पर तुरंत डिलीवरी दे रहे हैं। इसके अलावा, इस हफ्ते कार बुक करने वाले ग्राहकों के लिए जुलाई के विशेष कैश डिस्काउंट ऑफर्स भी उपलब्ध हैं।
| कार मॉडल | ट्रिम लेवल | मानसून फीचर |
|---|---|---|
| Tata Punch | Adventure S | 187mm ग्राउंड क्लीयरेंस |
| Hyundai Exter | S Option | 6 एयरबैग्स और ESC |
| Maruti Swift | VXi Trim | ESC और हिल होल्ड |
भारी बारिश में सुरक्षा और टायरों की लाइफ का रखें ख्याल
मानसून में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए टायरों की कंडीशन एक बड़ा फैक्टर है। आमतौर पर फैक्ट्री से लगकर आने वाले टायर 40,000 से 50,000 किलोमीटर तक चलते हैं। हालांकि, समय के साथ टायरों के घिसने से गीली सड़कों पर उनकी पकड़ (grip) कम हो जाती है। भारी बारिश शुरू होने से पहले पुराने टायरों को बदल लेना चाहिए, ताकि हाइड्रोप्लानिंग (पानी पर फिसलने) जैसी खतरनाक घटनाओं से बचा जा सके। फिसलन भरी सड़कों पर अपनी बजट कार को स्थिर रखने का यह सबसे किफायती तरीका है।
रोजाना 15 से 30 किलोमीटर का सफर करने वाले लोगों को अपनी ईएमआई (EMI) का हिसाब सावधानी से लगाना चाहिए। टाटा टियागो या पंच के शुरुआती ट्रिम्स मिडिल क्लास बजट में आसानी से फिट बैठते हैं। ये गाड़ियां मौजूदा मौसम के हिसाब से सुरक्षा और माइलेज का सही तालमेल पेश करती हैं। जलभराव वाली सड़कों पर निकलने से पहले मौसम के अपडेट्स देखते रहें ताकि आप सुरक्षित सफर कर सकें। मानसून के अनुकूल गाड़ी में निवेश करना आपको लंबे समय तक सुरक्षा और मानसिक शांति देता है।


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