लगातार सिमट रहा छोटी गाड़ियों का बाजार, क्या SUV खा रही हैचबैक का मार्केट! आंकड़ों से समझिए कहानी
इंडियन मार्केट में एक समय हैचबैक और सेडान का दबदबा हुआ करता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इनकी मांग में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। खासतौर पर Maruti, Hyundai और Tata जैसी बड़ी कंपनियों की छोटी कारें कम बिक रही हैं। यही वजह है कि हाल के वर्षो में किसी भी ऑटो कंपनी ने नई हैचबैक मार्केट में नहीं उतारी।
मार्केट ट्रेंड को देखें तो छोटी गाड़ियों की बिक्री में गिरावट के कई कारण सामने आते हैं, जिनमें बढ़ती कीमतें और खासतौर पर SUV पॉपुलरटी शामिल हैं। आइए इस आर्टिकल में छोटी गाड़ियों की कम होती डिमांड का कारण समझने की कोशिश करते हैं।

इन वजहों से कम हो रही छोटी गाड़ियों की बिक्री:
1. लगातार बढ़ती कीमतें: रिपोर्ट्स की मानें, तो सेफ्टी और एमिशन नॉर्म्स के चलते पिछले 5-6 सालों में छोटी कारों की कीमतों में 30 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी ओर SUV का बाजार इतना फैल गया है कि इस सेगमेंट में किफायती कीमत पर कई गाड़ियां मौजूद हैं। यही कारण है कि मिडिल क्लास लोग अब हैचबैक से मुंह फेर रहे हैं।
उदाहरण के लिए Maruti Suzuki Wagon R की शुरूआती कीमत 5.79 लाख रुपये एक्स शोरूम है। वहीं, कई एंट्री लेवल SUVs जैसे Tata Punch और Hyundai Exter की शुरूआती कीमत 6 लाख रुपये (एक्स शोरूम, दिल्ली) है।

2. SUV का बढ़ता क्रेज: भारतीय ग्राहक अब SUV को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। शहरों के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी स्टेटस सिंबल के लिए लोग अधिकतर SUV ही खरीदते हैं। हैचबैक की तुलना में SUV ज्यादा स्पेसियस, ऊंची और सेफ मानी जाती है, जिसके चलते इसे डेली रनिंग और फैमिली ट्रैवल दोनों के लिए बेहतर है।
3. प्रीमियम हैचबैक का महंगा होना: प्रीमियम हैचबैक सेगमेंट में भी कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है, जिससे ये सब-4 मीटर SUV की तुलना में सिर्फ 10-20% ही सस्ती रह गई हैं। ऐसे में ग्राहक थोड़ी और रकम खर्च करके एक SUV लेना पसंद कर रहे हैं।
4. सेकंड हैंड कारों का बढ़ता बाजार: इंडिया में सेकेंड हैंड कार का मार्केट लगातार बढ़ रहा है। यही वजह है कि अब दूर-दराज के गांव में भी सेकेंड हैंड कार खरीदना आसान हो गया। ऐसे में लोग अब नई हैचबैक की कीमत में सेकेंड हैंड SUV खरीद लेते हैं।
SUV और हैचबैक की मार्केट हिस्सेदारी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक FY 2024-25 की टोटल कार सेल में लगभग 65% हिस्सेदारी SUVs की है, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में यह लगभग 60% थी। कैलेंडर ईयर 2025 की पहले 5 महीनों में भी SUV लगातार टॉप पर है।
वहीं, हैचबैक सेगमेंट की हिस्सेदारी लगातार घट रही है। वित्त वर्ष 2024 में इसकी हिस्सेदारी 27.8% तक गिर गई और 2022 में यह 35% थी। साल 2025 के भी पहले 5 महीनो में हैचबैक की सेल घटी है। आइए कुछ छोटी गाड़ियों की सेल्स रिपोर्ट की मदद से समझने की कोशिश करते हैं।
Maruti Suzuki Alto K10 और Celerio: मारुति सुजुकी की दो एंट्री लेवल गाड़ियां Alto K10 और Celerio की बिक्री में पिछले 5 महीनों में सालाना आधार पर इतना बदलाव हुआ है-
Maruti Suzuki Alto K10 सेल्स रिपोर्ट (जनवरी-मई 2025)
| महीना | 2024 में बिक्री (यूनिट) | 2025 में बिक्री (यूनिट) | गिरावट/बढ़ोतरी का प्रतिशत |
| जनवरी | 12,395 | 11,352 | -8.41% (गिरावट) |
| फरवरी | 11,723 | 8,541 | -27.14% (गिरावट) |
| मार्च | 9,332 | 9,867 | +5.73% (बढ़ोतरी) |
| अप्रैल | 9,043 | 5,606 | -37.99% (गिरावट) |
| मई | 7,675 | 4,970 | -35.24% (गिरावट) |
Maruti Suzuki Celerio सेल्स रिपोर्ट (जनवरी-मई 2025)
| महीना | 2024 (यूनिट) | 2025 (यूनिट) | बढोतरी/गिरावट (%) |
| जनवरी | 4,406 | 1,954 | -55.65% |
| फरवरी | 3,586 | 4,226 | 17.84% |
| मार्च | 3,478 | 2,268 | -34.78% |
| अप्रैल | 3,220 | 1,474 | -54.22% |
| मई | 3,314 | 1,861 | -43.84% |
Renault Kwid: रेनो क्विड इंडियन मार्केट की सबसे सस्ती गाड़ियों में से एक है। यह अपने सेगमेंट में Maruti Suzuki Alto K10 को टक्कर देती है। इसकी बिक्री भी लगातार कम हो रही है।
Renault KWID की सेल्स रिपोर्ट (जनवरी-मई 2025)
| महीना | 2024 (यूनिट) | 2025 (यूनिट) | वृद्धि/गिरावट (%) |
| जनवरी | 856 | 569 | -33.53% |
| फरवरी | 828 | 698 | -15.70% |
| मार्च | 928 | 532 | -42.67% |
| अप्रैल | 977 | 595 | -39% |
| मई | 743 | 540 | -27% |
Tata Altroz: यह टाटा मोटर्स की प्रीमियम हैचबैक है, कंपनी ने हाल ही में इसे अपडेट किया है। यह डीजल-पेट्रोल और CNG पावरट्रेन के साथ आने वाली अपने सेगमेंट की इकलौती कार है। आइए इसकी जनवरी से लेकर मई 2025 तक की सेल्स रिपोर्ट पर नजर डालते हैं।
| Tata Altroz सेल | 2024 में बिक्री | 2025 में बिक्री | बढ़ोतरी/ गिरावट | बिक्री प्रतिशत |
| जनवरी | 4,935 | 2,033 | गिरावट | -58.80% |
| फरवरी | 4,568 | 1,604 | गिरावट | -64.89% |
| मार्च | 5,985 | 1,658 | गिरावट | -72.30% |
| अप्रैल | 5,148 | 2,172 | गिरावट | -58% |
| मई | 4,983 | 2,779 | गिरावट | -44% |
Hyundai Grand i10 Nios: यह हुंडई की एंट्री लेवल हैचबैक है, जो बेहतरीन फीचर्स के लिए जानी जाती है। हालांकि, इसकी बिक्री भी सालाना आधार पर लगातार कम हो रही है।
| Grand i10 Nios सेल | 2024 में बिक्री (यूनिट) | 2025 में बिक्री (यूनिट) | बढोतरी/गिरावट (यूनिट) | प्रतिशत |
| जनवरी | 6,865 | 5,311 | -1554 | -22.64% |
| फरवरी | 4,947 | 4,940 | -7 | -0.14% |
| मार्च | 5,034 | 4,990 | -44 | -0.87% |
| अप्रैल | 5,117 | 4,137 | -980 | -19.15% |
| मई | 5,328 | 4,344 | -984 | -18.47% |
DriveSpark Hindi की राय: ऊपर दिए गए 4 प्रमुख कंपनियों की हचबैक के सेल्स रिपोर्ट पर नजर डालें तो सालाना आधार पर भारी गिरावट देखने को मिलता है। जिसके आधार पर साफ पता चलता है कि ग्राहक हैचबैक से मुंह फेर रहे हैं।


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