Trump का टैरिफ वार! US में Auto Imports पर 25 प्रतिशत टैक्स; इंडियन ऑटो मार्केट पर क्या असर
Donald Trump ने एक बार फिर बड़ा एलान करते हुए US के साथ विदेशी बाजारों में हलचल पैदा की है। उन्होंने हाल ही में घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिका में बाहर से आने वाली गाड़ियों और उनके पार्ट्स पर 25% टैरिफ लगेगा। ये नियम 3 अप्रैल, 2025 से लागू होने वाला है। आइए, जानते है कि इस पॉलिसी का मार्केट पर क्या असर पड़ेगा।
ट्रंप ने क्यों लगाया टैरिफ: एकदम से इतना ज्यादा टैरिफ लगाने की घोषणा करते हुए ट्रंप ने कहा कि इससे अमेरिका में फैक्ट्रियां बढ़ेंगी। ट्रम्प का यह भी दावा है कि ये पॉलिसी उत्पादन बढ़ाने के साथ नई नौकरियां भी पैदा करेगी। हालांकि, इस फैसले से उपभोक्ताओं और ऑटोमेकर्स पर व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना है।

ग्राहकों की जेब पर बढ़ेगा बोझ: इस टैरिफ का सबसे बड़ा असर अमेरिकी कार खरीदारों पर पड़ेगा, क्योंकि गाड़ियों की कीमतों में वृद्धि होने की आशंका है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आयातित वाहनों की कीमतें 4,000 से 12,000 डॉलर तक बढ़ सकती हैं। उदाहरण से समझें, तो वर्तमान में 30,000 डॉलर वाली कार को शुल्क के बाद 37,500 डॉलर में खरीदा जा सकेगा।
ऑटोमेकर्स के लिए क्या चुनौतियां: ऑटोमेकर्स के लिए यह शुल्क एक दोहरी मार है। फोर्ड और जनरल मोटर्स जैसी अमेरिकी कंपनियां मेक्सिको और कनाडा में प्रोडक्शन करती हैं। ट्रंप के इस फैसले के बाद इनकी प्रोडक्शन कॉस्ट बहुत बढ़ने वाली है। इसके अलावा टोयोटा, हुंडई और बीएमडब्ल्यू जैसी विदेशी कार कंपनियों को भी काफी नुकसान होने वाला है।
भारतीय बाजार पर कितना असर: ऑटो इंडस्ट्री की बात करें, तो भारत का अमेरिका के लिए डायरेक्ट एक्सपोर्ट जापान, मैक्सिको और कनाडा जैसे देशों की तुलना में बहुत कम है। हालांकि, इस घोषणा के बाद कुछ ऑटो कंपोनेंट निर्माता कंपनियों पर असर पड़ सकता है। मीडिया रिपोर्ट की मानें, तो भारत ने 2023 में लगभग 1.5 बिलियन डॉलर के ऑटो पार्ट्स अमेरिका को निर्यात किए थे। टैक्स बढ़ने के बाद ये ग्राफ नीचे गिर सकता है।


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