JLR के तमिलनाडु प्लांट में जल्द स्टार्ट होगा प्रोडक्शन, 2026 से बननी शुरू हो सकती हैं गाड़ियां
Tata Motors की स्वामित्व वाली Jaguar Land Rover (JLR) ने घोषणा की है कि वह तमिलनाडु के रानीपेट जिले में अपने नए प्लांट में 2026 की शुरुआत से कारों का स्थानीय निर्माण शुरू करेगी। ये जेएलआर के लिए भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कहां बन रहा है प्लांट
रानीपेट में स्थित यह नया प्लांट पनपक्कम के पास बनाया जा रहा है। ये जेएलआर की मौजूदा और भविष्य की मॉडलों के लिए महत्वपूर्ण होगा, जिसमें पॉपुलर मॉडल जैसे Range Rover Evoque और Velar शामिल हैं।
टाटा मोटर्स ग्रुप के चीफ फाइनेंशियल ऑफीसर पीबी बालाजी ने हाल ही में एक मीडिया इंटरैक्शन के दौरान इसकी पुष्टि की, जिसमें उन्होंने बताया कि प्लांट में पूरी तरह से नॉकडाउन (CKD) संचालन 2026 की शुरुआत में शुरू होगा।

2024 में रखी गई थी नींव
इस प्रोजेक्ट के तहत टाटा मोटर्स ने तमिलनाडु सरकार के साथ मार्च 2024 में 9,000 करोड़ रुपये के निवेश के लिए एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए थे। यह निवेश अगले पांच वर्षों में किया जाएगा और इससे लगभग 5,000 प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष नौकरियां सृजित होने की उम्मीद है।
नया प्लांट 400 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला है और ये चेन्नई व एनोर पोर्ट्स के नजदीक स्थित है, जो लॉजिस्टिक्स और एक्सपोर्ट के लिए लाभकारी होगा। जेएलआर के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि तमिलनाडु एक अग्रणी औद्योगिक राज्य है, जहां एडवांस टेक्नोलॉजी और स्किल्ड वर्कफोर्स उपलब्ध है। उन्होंने आग कहा कि इस प्लांट से अगली पीढ़ी की कारों और एसयूवी को मैन्युफैक्चर किया जाएगा।
फ्यूचर प्लान
ये प्लांट सालाना 2.5 लाख से अधिक वाहनों के उत्पादन की क्षमता रखेगा और ईको-फ्रेंडली तकनीकों के साथ बनाया जा रहा है। जेएलआर ने यह भी घोषणा की है कि वह 2030 तक पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता बनने की योजना बना रही है, जो सख्त एमीशन नॉर्म और फॉसिल फ्यूल व्हीकल पर प्रतिबंध के अनुरूप है। वर्तमान में जेएलआर की पुनो यूनिट में सीकेडी विधि से वाहन बनाए जाते हैं, लेकिन नया रानीपेट प्लांट इस प्रक्रिया को और विस्तार देगा।
इस डेवलपमेंट से न केवल जेएलआर की वैश्विक बाजार में पहुंच बढ़ेगी, बल्कि तमिलनाडु को ऑटोमोटिव हब के रूप में और मजबूती मिलेगी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कदम भारत को मैन्युफैक्चरिंग स्पेस में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा योगदान होगा।
Via- Moneycontrol


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