50 हजार है मंथली इनकम, तो भूल कर भी न खरीदें ये कार! समझिए कौन-सी गाड़ी आपके बजट में बैंठेंगी बिलकुल फिट?
Car Buying Guide: क्या आपकी भी मंथली इनकम 50,000 रुपये है और आप नई कार खरीदने का मन बना रहे हैं? जरा ठहरिए! जल्दबाजी में लिया गया फैसला आपका बजट बिगाड़ सकता है। इस मंथली इनकम/ सैलरी ब्रैकेट में कुछ कारें ऐसी हैं, जिन्हें खरीदना आपके लिए फायदे की बजाय नुकसान का सौदा साबित हो सकता है।
ऐसे में आपका सवाल होगा कि वो कौन सी हैं वो कारें जिन्हें खरीदने से आपको बचना चाहिए और कौन सी कारें आपके लिए होंगी फायदे का सौदा हो सकता है? आइए फाइनेंस एक्सपर्ट के बताए '20-4-10' फॉमूला का सहारा लेते हुए उदाहरण के साथ समझने की कोशिश करते हैं।

20-4-10 फॉर्मूला क्या है?
20-4-10 एक आइडियल फाइनेंस फॉमूला है, जो Car Laon लेते समय बजट को बैलेंस करने में मदद करता है। यह फॉर्मूला आपकी इनकम के मुताबिक तय करने में मदद करेगा कि आप कितनी महंगी कार खरीद सकते हैं और आपके लिए लोन कितना सही रहेगा।
| पैरामीटर | लोन का हिसाब-किताब | बजट |
| सैलरी | कुल मासिक आय | ₹50,000 रुपये |
| अधिकतम EMI (10%) | सैलरी का 10% | ₹5,000 रुपये |
| लोन पीरियड | अधिकतम साल | 4 साल (48 महीने) |
| डाउन पेमेंट (20%) | कार की ऑन-रोड कीमत का न्यूनतम 20% | कार की कीमत पर निर्भर |
| ब्याज दर | 8% प्रति वर्ष |
20% डाउन पेमेंट: इस फॉमूला के तहत कार की ऑन-रोड कीमत का कम से कम 20% डाउन पेमेंट करें। इससे लोन की राशि कम होगी और ब्याज का कम लगेगा।
मैक्सिमम 4 साल लोन पीरियड: लोन की अवधि 4 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। लंबी अवधि के लिए लोन लेने पर ब्याज ज्यादा लगता है, जिससे कार की टोटल लागत बढ जाती है।
10% EMI: इसका मतलब है कि EMI आपकी मंथली सैलरी के 10% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इससे आपका बजट बैलेंस रहता है।
50,000 रुपये सैलरी के लिए 20-4-10 फॉर्मूला
मान लीजिए आपकी मंथली इनकम/ सैलरी 50,000 रुपये है। ऐसे में 20-4-10 फॉर्मूला के तहत EMI 10 प्रतिशत यानि 5,000 रुपये होनी चाहिए। इसके अलावा कार की ऑन-रोड कीमत का 20% आपके पास नकद होना चाहिए। साथ ही ध्यान रखें कि लोन 4 साल से ज्यादा न हो।
कौन सी कार खरीदने पर होगा फायदे का सौदा?
50,000 रुपये की सैलरी पर आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प एंट्री-लेवल हैचबैक या ऐसी कॉम्पैक्ट कारें होंगी जिनकी ऑन-रोड कीमत 7-8 लाख रुपये से ज़्यादा न हो। ये कारें न सिर्फ आपकी जेब पर हल्की पड़ेंगी, बल्कि इनका मेंटेनेंस और फ्यूल कॉस्ट भी कम होगा। आइए Maruti Suzuki Celerio के उदाहरण से समझते हैं।
| डिटेल्स | Maruti Suzuki Celerio |
| ऑन-रोड कीमत | ~₹6.20 लाख रुपये |
| 20% डाउन पेमेंट | ₹1.24 लाख रुपये |
| लोन राशि | ₹4.96 लाख रुपये |
| ईएमआई (8% ब्याज, 4 साल) | ~₹4,800/माह |
| माइलेज | 25-26 किमी/लीटर |
| फायदे | किफायती, कम मेंटेनेंस, अच्छा रीसेल वैल्यू |
मारुति सुजुकी सेलेरियो का फाइनेंस प्लान
Maruti Suzuki Celerio के बेस LXI वेरिएंट की ऑन-रोड कीमत लगभग 6.20 लाख रुपये है। इसनें एक्स-शोरूम कीमत 5.64 लाख, इंश्योरेंस और रजिस्ट्रेशन चार्जेस शामिल हैं।

अब इस कार के लिए अगर 20-4-10 फॉर्मूला लगाते हैं, तो 20% डाउन पेमेंट यानी 6.20 लाख का 20% लगभग 1.24 लाख रुपये देने होंगे। इसके बाद आपको बचे हुए 4.96 लाख रुपये बैंक से लोन लेना होगा। मान लेते हैं कि यह अमाउंट आपको 8% वार्षिक ब्याज दर पर 4 साल के लिए लोन मिल जाता है, तो लगभग 4,800 रुपये की EMI बनेगी।
यह EMI 5,000 रुपये से कम है, जो 50,000 रुपये सैलरी के लिए 20-4-10 नियम के अनुसार एकदम फिट बैठता है। इस बजट में आप Maruti Suzuki Alto K10, Renault Kwid, Tata Tiago और Tata Punch जैसी गाड़ियां खरीद सकते हैं।
50,000 मंथनी इनकम वाले इन कारों से बचें
50,000 रुपये की सैलरी में कुछ कारें ऐसी हैं, जिन्हें आप जल्दबाजी में खरीद तो लेंगे, लेकिन इनके EMI का दबाव ज्यादा हो सकता है। ऐसी कारों की ऑन-रोड कीमत आमतौर पर 10 लाख रुपये से ज्यादा होती है, जिससे ईएमआई सैलरी का 20-25 प्रतिशत हो सकता है।
इस लिस्ट में हुंडई क्रेटा (Hyundai Creta), किआ सेल्टोस (Kia Seltos), महिंद्रा स्कॉर्पियो (Mahindra Scorpio) और महिंद्रा थार (Mahindra Thar) जैसी गाड़ियां शामिल हैं। ये वो गाड़ियां हैं, जो है बाजार में काफी पॉपुलर है लेकिन आपका बजट बिगाड़ सकती हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
बजट प्लान करें: कार खरीदने से पहले पर्सनल मंथली खर्चों (किराया, बिल, स्कूल फीस आदि) का हिसाब लगाएं। सुनिश्चित करें कि EMI आपके अन्य खर्चों पर अधिक असर न डाले।
सेकंड-हैंड कार पर विचार करें: अगर नई कार का डाउन पेमेंट मुश्किल लगे, तो 2-3 साल पुरानी सर्टिफाइड कार खरीदना भी अच्छा विकल्प हो सकता है। इससे आपको ऊपर EMI को बोझ भी कम होगा और ब्याद से भी बच जाएंगे।
कम मेंटेनेंस वाली गाड़ियों पर विचार करें: मिडिल क्लास कार बायर्स के लिए कम मेंटेनेंस वाली कारें चुनना सही विकल्प है, जिनके स्पेयर पार्ट्स सस्ते और आसानी से उपलब्ध हों।
नोट: ऊपर बताई गई जानकारी हमने उदारण के तौर पर पेश की है। कार की ऑन-रोड कीमत वेरिएंट और डीलरशिप के आधार पर अलग हो सकती है। इसके अलावा कार लोन का ब्याज दर पूरी तरह से आपके पर्सनल क्रेडिट स्कोर और संबंधित बैंक की पॉलिसी पर निर्भर करता है।


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