क्या है कार में मिलने वाली AI टेक्नोलॉजी; कितनी आसान होगी ड्राइविंग, पैसा फूंकने से पहले जानें फायदे और नुकसान
AI यानी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एक ऐसी तकनीक जिसकी पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है। स्कूल के असाइनमेंट बनाने से लेकर बड़े-बड़े सॉफ्टवेयर कोडिंग का काम भी AI चुटकियों में कर रहा है। ऐसे में भला ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री इससे पीछे कैसे रह सकती है। नए जमाने की कारें भी कई तरह के AI सपोर्ट फीचर्स से लैस होती हैं, ये न सिर्फ ड्राइविंग को आसान बनाती है बल्कि सेफ्टी भी सुनिश्चित करती है।
अब आपके मन में भी ये सवाल जरूर होगा कि कार में AI कैसे काम करता है, इसके नफा-नुकसान क्या हैं और इसपर पैसे खर्चेना सही है या नहीं? इसलिए हमें लगा कि इसपर बात करनी चाहिए। आइए यहां हम कार में मिलने वाले AI के सभी जरूरी पहलुओं को समझने की कोशिश करते हैं।

AI in Cars: सेफ्टी को मिला नया आयाम
आज के दौर में ग्राहक कार के इंजन और माइलेज से भी ज्यादा सेफ्टी को प्राथमिकता देते हैं। कार में एयरबैग और डिस्क ब्रेक जैसे बेसिक फीचर्स पहले से उपलब्ध हैं। AI के आने के बाद से कार में एडवांस सेफ्टी फीचर्स मिलने लगे हैं, जैसे कि ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग और लेन-कीपिंग असिस्ट, जो दुर्घटनाओं को काफी हद कम करती हैं।

AI सेंसर, कैमरे और रडार का उपयोग करके दुर्घटनाओं को रोकने में काफी मदद करता है। उदाहरण के लिए, ADAS के तहत मिलने वाले ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम अचानक वाहन सामने आ जाए अपने आप ब्रेक लगा देता है। इसी तरह लेन-कीपिंग असिस्ट सुनिश्चित करता है कि कार गाइडेड लाइन से न हटे, और ब्लाइंड-स्पॉट डिटेक्शन ड्राइवर को उन जगहों को स्पॉट करने में मदद करता है, जो आसानी से नहीं दिखते हैं।
AI ने ड्राइविंग को बनाया स्मार्ट
अधितकर प्रीमियम कार में मिलने वाले इन्फोटेनमेंट सिस्टम अब AI इंटीग्रेटेड होते हैं, जिसके स्मार्ट नेविगेशन और वॉयस असिस्टेंट जैसे फीचर्स मिलते हैं। ये फीचर्स ड्राइविंग को काफी हद तक आसाना और सुविधाजनक बनाते हैं। लेकिन, AI से लैस कारों की कीमत थोड़ी अधिक होती है, जो मिडिल क्लास के लिए चिंता का विषय है।

AI से लैस सिस्टम स्मार्ट नेविगेशन प्रदान करता है, जो ट्रैफिक की स्थिति के आधार पर सबसे फास्ट और शॉर्ट रूट सजेस्ट करता है। इतनी ही नहीं, वॉयस असिस्टेंट जैसे फीचर्स ड्राइवर को बिना हाथ हटाए कॉल करने, म्यूजिक बदलने या नेविगेशन सेट करने की सुविधा देते हैं। इसके अलावा AI कैमरी की मदद से कार को पार्क करने में भी काफी सहायता करता है।

भीड़-भाड़ और ट्रैफिक में ड्राइवर के लिए वरदान है AI
भारत जैसे देश में ट्रैफिक जाम और सड़कों पर भीड़-भाड़ आम समस्या हैं। ऐसे में AI नेविगेशन और अलर्ट जैसी सहायतों से ड्राइवर के स्ट्रेस को काफी हद तक कम करता है। Forecast की एक रिपोर्ट के मुचा AI-आधारित सुविधाएँ 2015 में केवल 8% कारों में थीं, लेकिन 2025 के आखिरी तक यह 109% तक पहुँचने का अनुमान है ।
मिडिल क्लास के लिए कितनी बेहतर है AI वाली कारें
एक समय AI या फिर ADAS से लैस गाड़ियों की कीमत थोड़ी अधिक होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। आज बाजार में कई ऐसी गाड़ियां मौजूद हैं, जो मिडिल क्लास के बजट में भी ऑटोनॉमस सेफ्टी फीचर्स ऑफर करती हैं। अगर आप सेफ्टी को प्राथमिकता देते हैं, तो AI से लैस कारें आपके लिए कई मायनों में बेहतर हो सकती हैं।
एडवांस सेफ्टी: AI यानी ADAS वाली कारों में दुर्घटनाओं की संभावना काफी हद तक कम होती है, जो फैमिली के लिए बहुत जरूरी है। इसके अलावा AI प्रीडिक्टिव मेंटेनेंस (गाड़ी की समस्याओं को पहले ही पता लगाना) से मरम्मत का खर्च कम होता है।
ड्राइविंग में मदद: लंबी यात्राओं में AI क्रूज कंट्रोल और लेन-कीपिंग जैसे फीचर्स ड्राइवर की थकान को बहुत कम करते हैं। खासतौर पर यह तकनीक नए ड्राइवरों और महिलाओं के लिए फायदेमंद है। इसके अलावा AI वॉयस असिस्टेंट और टचस्क्रीन सिस्टम कार में एंटरटेनमेंट एक्सपीरियंस को कई गुणा बढ़ा देती हैं।
AI से लैस कारों के सामने हैं ये चुनौतियां
ज्यादा चुकाने होंगे कीमत: AI कार में सेफ्टी और ड्राइविंग एक्सपीरियंस को बढ़ाता है, लेकिन इसे खरीदने के लिए आपको अधिक पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। जिसके चलते यह मध्यम वर्ग के बजट के लिए मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा इस तकनीक के तहत लगे कैमरे और बाकि एलिमेंट के मेंटेनेंस और रिपेयर का खर्च भी ज्यादा हो सकता है।
फीचर्स को समझने में परेशानी: कार में AI तकनीक के तहत कई तरह के जटिल फीचर्स मिलते हैं, जिन्हें समझने और उपयोग करना कुछ लोगों, खासकर बुजुर्ग ड्राइवरों के लिए मुश्किल हो सकता है। इसलिए अगर आप टेक-सेवी नहीं है, तो यह फीचर्स आपके लिए ज्यादा मददगार नहीं होंगे।
भारत की तंग सड़कों के लिए चुनौती
भारत में कुछ हिस्सों में सड़कों की खराब स्थिति, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी, और गाय, कुत्ते और छोटे बच्चों का सड़क पर चलने जैसी समस्याओं से निपटने में अभी कार में लगे AI कैमरे काफी हद तक सक्षम नहीं हैं, जिसके चलते इसे यूज करना काफी परेशानी भरा हो सकता है।
मिडिल क्लास कार बायर्स के लिए एक्सपर्ट्स की राय
AI टेक से लैस कारें भले चर्चा में हो, लेकिन ऑटो दिग्गजों का मानना है कि मिडिल क्लास ग्राहकों को ऐसी कार चुनना चाहिए, जिसमें बेसिक AI फीचर्स हों, जैसे ऑटोमैटिक ब्रेकिंग और लेन-कीपिंग, जो सेफ्टी बढ़ाएं लेकिन ज्यादा महंगे न हों। इसके अलावा एडवांस फीचर्स के चक्कर में ऐसी कार न खरीदें, जिसका आपके क्षेत्र में सर्विस सेंटर उपलब्ध ना हो।


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