Acer FASTER Awards 2025 Jury Round की पूरी डिटेल्स पढ़ें, जानें इस बार क्या रहा खास
Acer FASTER Awards 2025 Jury Round Details: एसर फास्टर अवार्ड्स का चौथा एडिशन चेन्नई के प्रसिद्ध मद्रास मोटर रेस ट्रैक (Madras Motor Race Track, MMRT) पर संपन्न हुआ, जिसे अब मद्रास इंटरनेशनल सर्किट (Madras International Circuit) के नाम से जाना जाता है। इस साल के पुरस्कारों के लिए जूरी राउंड 26 और 27 फरवरी को संपन्न हुआ।
इसके पिछले एडिशन की तरह, बीते कैलेंडर वर्ष में लॉन्च हुई सभी नई कारें और बाइकें चौथे एसर फास्टर अवार्ड्स के लिए के लिए चुनी गईं। जूरी राउंड के लिए चुने गए अंतिम नामांकनों को चेन्नई के मद्रास इंटरनेशनल सर्किट में बारीकी से परीक्षण के लिए रखा गया था।

पिछले एडिशन की परंपरा को कायम रखते हुए, इस पुरस्कार का उद्देश्य ऑटोमोटिव जगत में बेहतरीन प्रदर्शन करने वालों को पहचान देना था। पिछले एडिशन की तरह, एसर फास्टर पुरस्कार जूरी में फास्टर के प्रमुख सदस्य प्रकाशनों के अनुभवी विशेषज्ञ शामिल रहें।
एसर फास्टर अवार्ड्स 2025 के जूरी सदस्यों में कई ऑटो जगत के सदस्य शामिल हुए। इसमें अमित छंगानी (संपादक, मोटोरोइड्स), गौरव यादव (संपादक, गाड़ीवाड़ी), नरेंद्र शर्मा (संपादक, गियरफ्लिक), प्रोमीत घोष (रिव्यू संपादक, ड्राइवस्पार्क), रोहित खुराना (संपादक, कारब्लॉगइंडिया) और रोशन जोसेफ (संपादक, पायलट ऑन व्हील्स) शामिल रहें।

बता दें कि FASTER (फेडरेशन ऑफ ऑटो स्क्राइब्स ऑफ द इलेक्ट्रॉनिक रियल्म) की पहुंच छह विभिन्न भाषाओं अंग्रेजी, हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में है। इसकी पहुंच 250 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ताओं तक है, जो इसे भारतीय ऑटो मोटिव मीडिया परिदृश्य के भीतर अपनी तरह का सबसे प्रभावशाली संगठन बनाता है।
Zen Microsystems जो ऑटोमोटिव डेटा टेस्टिंग में माहिर हैं, 2025 के लिए फिर से एसर FASTER अवार्ड्स में डेटा और टेस्टिंग पार्टनर रहे। वहीं जूरी राउंड की निगरानी एक स्वतंत्र सत्यापन एजेंसी के रूप में मार्केट्स एंड मार्केट्स द्वारा की गई।
बता दें कि चेन्नई का मद्रास इंटरनेशनल सर्किट भारत में मोटरस्पोर्ट्स का एक बहुत बड़ा केंद्र है। इसे 1980 के दशक के अंत में बनाया गया था और 1990 में खोला गया था। इसमें दो अलग-अलग ट्रैक हैं। एक बड़ा ट्रैक है जो 3.71 किलोमीटर लंबा है, इसमें 12 मोड़ और 3 सीधी सड़कें हैं। वहीं दूसरा छोटा ट्रैक है जो 2.06 किलोमीटर लंबा है, इसमें 7 मोड़ हैं।
2014 में, FIA ने इस ट्रैक को ग्रेड 2 का लाइसेंस दिया। वहीं जुलाई 2022 में, इसका नाम मद्रास मोटर रेस ट्रैक (MMRT) से बदलकर मद्रास इंटरनेशनल सर्किट कर दिया गया।


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