Maruti Suzuki Kizashi: एक सुपर-शानदार सेडान...फिर भी भारतीय बाजार में फ्लॉप हो गई! जानिए क्यों
मारुति सुजुकी किजाशी, एक मध्यम आकार की सेडान कार है, जो 2011 से 2014 तक भारत में उपलब्ध थी। इसने मारुति सुजुकी को प्रीमियम सेडान बाजार में प्रवेश दिलाया, जिसका लक्ष्य होंडा सिटी, स्कोडा ऑक्टेविया और शेवरले क्रूज जैसे मॉडलों को टक्कर देना था। किज़ाशी को अपनी स्टाइलिश डिजाइन, शक्तिशाली इंजन और आरामदायक इंटीरियर के लिए सराहा गया था।
हालांकि, अपने स्टाइलिश डिजाइन और शक्तिशाली इंजन की वजह से इसे लोकप्रियता तो मिली थी लेकिन ये भारतीय ग्राहकों के बीच ज्यादा दिन तक टीक नहीं पाई। इसकी कई वजहें रहीं। ऐसे में चलिए मारुति सुजुकी द्वारा निर्मित पहली प्रीमियम सेडान मारुति सुजुकी किजाशी के बारे में विस्तार से जानते हैं।

Maruti Suzuki Kizashi इंजन: किजाशी में 2.4-लीटर पेट्रोल इंजन था जो 185 bhp और 230 Nm का टॉर्क देता था। खरीदार इसे 6-स्पीड मैनुअल या 6-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन में से चुन सकते थे। कार में फ्रंट-व्हील ड्राइव लेआउट था।
जैसा कि यह सेडान सिर्फ पेट्रोन इंजन के साथ आता था। ऐसे में जब इस सेडान को भारत में लॉन्च किया गया, उस वक्त डीजल कारों की बढ़ती लोकप्रियता ने इस पेट्रोल-ओनली मॉडल को और नुकसान पहुंचाया।

Maruti Suzuki Kizashi फीचर्स: मारुति सुज़ुकी ने किज़ाशी में कई ऐसे फ़ीचर्स दिए थे जो आराम और सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम थें। इनमें एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS), इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), कई एयरबैग और एक आधुनिक टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम शामिल था।
कार के इंटीरियर को आरामदायक ड्राइविंग अनुभव प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इन खूबियों के बावजूद, किज़ाशी को भारतीय बाज़ार में काफ़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

Maruti Suzuki Kizashi कीमत: इसकी कीमत 16.5 लाख रुपये से 17.5 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच थी। किजाशी की ऊंची कीमत भारत में इसके अपेक्षित प्रदर्शन न करने का एक मुख्य कारण थी। उपभोक्ताओं को यह उस समय बाजार में उपलब्ध अन्य विकल्पों की तुलना में महंगी लगी।
इसके अलावा, भारत में किजाशी की विफलता का मुख्य कारण मारुति सुजुकी की ब्रांड छवि भी थी। जैसा कि सभी जानते हैं कि मारुति सुज़ुकी मुख्य रूप से बजट-अनुकूल वाहनों के लिए जानी जाने वाली कंपनी है और प्रीमियम सेडान सेगमेंट में इसका कोई मजबूत आधार नहीं था।
ऐसे में मारुति सुज़ुकी ने जब किजाशी के रूप में प्रीमियम सेडान पेश किया तो भारतीय खरीदार इसे हजम (Accept) नहीं कर पाएं। इस धारणा ने कार के प्रभावशाली होने के बावजूद भी बिक्री में बाधा डाला। बिक्री बेहद कम होने की वजह से इसे भारतीय बाजार से हटाना पड़ा।
हालांकि कई चुनौतियों के बावजूद, किजाशी ने ड्राइविंग के शौकीनों के बीच अपनी खास जगह बना ली थी। इसकी बेहतरीन हैंडलिंग, शक्तिशाली इंजन और आरामदायक सवारी ने उन लोगों को प्रभावित किया जिन्होंने इसे पहली बार अनुभव किया।
ड्राइवस्पार्क की राय: अगर आज किज़ाशी को लॉन्च किया जाता है, तो उसे स्कोडा सुपर्ब, वोक्सवैगन पासाट और टोयोटा कैमरी हाइब्रिड जैसे स्थापित मॉडलों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। अभी सफल होने के लिए, इसे उन्नत तकनीक और बेहतर ड्राइविंग डायनामिक्स के साथ बाजार में उतरना होगा।


Click it and Unblock the Notifications








