भारत में जल्द होगी Tesla की एंट्री! मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए जमीन खोजन आ रही है टीम, करोड़ो करेगी निवेश
दिग्गज Electric Car निर्माता Tesla जल्द ही भारत में अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने वाली है। रिपोर्ट के मुताबिक टेस्ला भारत में फैक्ट्री लगाने के लिए जगह तलाश रही है। इसको लेकर कंपनी की आधिकारिक टीम जल्द भारत आएगी।
Tesla की योजना: बता दें कि Tesla एक अमेरिकी EV निर्माता कंपनी है, जिसका मुख्यालय ऑस्टिन (United State) में है। यह दुनिया की अग्रणी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी है। कंपनी की कुल मार्केट वैल्यू करीब 559.85 बिलियन अमेरिकी डॉलर है।

ऐसे में कंपनी भारत में अपनी पैठ जमाने को इच्छुक है। लिहाजा इस दिशा में कंपनी सक्रियता से काम कर रही है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक टेस्ला भारत में अपना कार मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए जगह तलाश रही है।
साथ ही टेस्ला ने कहा है कि वह भारत में 2-3 बिलियन अमेरिकी डॉलर निवेश करने की योजना बना रही है। इसलिए टेस्ला का इलेक्ट्रिक कार मैन्युफैक्चरिंग प्लांट जल्द ही भारत में स्थित होने की उम्मीद है।

Tesla इन राज्यों में लगा सकती है प्लांट: रिपोर्ट के मुताबिक टेस्ला का इलेक्ट्रिक वाहन मैन्युफैक्चरिंग प्लांट तमिलनाडु, महाराष्ट्र और गुजरात में से किसी एक राज्य में लग सकता है। हालांकि इनमें से तमिलनाडु में कंपनी की प्लांट बनने की ज्यादा संभावना है।
VinFast मैन्युफैक्चरिंग प्लांट : हाल ही में VinFast ने तमिलनाडु में कार मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किए हैं। बता दें कि विनफ़ास्ट, वियतनाम की एक प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी है। चीनी कंपनी बिल्ड योर ड्रीम्स (BYD) के बाद विनफास्ट भारत में प्रवेश करने वाला दूसरा प्रमुख एशियाई ईवी ब्रांड है।

VinFast पहले चरण में 5 साल के लिए EV प्लांट पर 4000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। बता दें कि विनफास्ट इसके लिए 16 हजार करोड़ रुपये का कुल निवेश कर रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक vinfast भारत में सबसे पहले VF e-34 इलेक्ट्रिक कार लॉन्च करेगी, उसके बाद VF6 और VF7 इलेक्ट्रिक कार लॉन्च करेगी। भारतीय ग्राहक इन इलेक्ट्रिक कारों के लॉन्च का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
नई EV Policy से मिली राहत: नई इलेक्ट्रिक वेहिकल पॉलिसी (EV Policy) के तहत सरकार ने भारत ने कम से कम 500 मिलियन डॉलर का निवेश करने और लोकल मैन्युफैक्चरिंग करने वाली कंपनियों को इंपोर्ट ड्यूटी में छूट देने की भी बात कही है।
ऐसे में टेस्ला (Tesla) समेत दुनियाभर की दिग्गज ईवी वाहन बनाने वाली कंपनियों के भारत में एंट्री तय माना जा रहा है। नई EV Policy के तहत कंपनी प्रति वर्ष केवल 8000 इलेक्ट्रिक कारों का आयात कर सकती है। इससे अधिक वाहनों का आयात नहीं किया जा सकता है।


Click it and Unblock the Notifications








