जिस प्लांट पर अमेरिकी कंपनी का था कब्जा! उसमें Tata ने शुरू किया अपनी Cars का प्रोडक्शन, तैयार हुई पहली कार
भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Tata Motors और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड (TPEM) ने गुजरात के साणंद में अपनी नई प्लांट में प्रोडक्शन शुरू कर दी है।
बता दें कि कंपनी ने साल 2023 में इस प्लांट को Ford India से खरीदा था। करीब 460 एकड़ में फैला यह टाटा मोटर्स का ICE इंजन और इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाला दूसरा प्लांट है। नेक्सन एसयूवी इस प्लांट में बनने वाली Tata की पहली कार है।

अमेरिका कार निर्माता कंपनी फोर्ड उन कार निर्माता कंपनियों में से एक थी, जिसने एक समय भारतीय बाजार में खूब परचम लहराया था। हालांकि कुछ ही समय के बाद के Ford को भारत से वापसी करनी पड़ी। बता दें कि सेल्स रेट गिरने के कारण कंपनी को वापसी करनी पड़ी।
Ford का प्रोडक्श बंद होने के बाद कंपनी को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। लिहाजा कंपनी ने अपनी गुजरात के साणंद स्थित प्लांट को Tata Motors को बेच दिया। इस तरह, फोर्ड के स्वामित्व वाली एक फैक्ट्री भारतीय ऑटोमोबाइल जगत की दिग्गज कंपनी टाटा मोटर्स की हो गई।

Tata Motors ने गुजरात के साणंद प्लांट में अपनी कारों का निर्माण शुरू किया है, और पहली कार के रुप में Nexon को रोल आउट किया है। बता दें कि Nexon टाटा की सबसे ज्यादा बिकने वाली एसयूवी कार मॉडल में से एक हैं।
टाटा केवल 12 महीनों के अंदर ही प्लांट को अपनी जरूरतों के अनुसार अपग्रेड करने में कामयाब रहा है। इस प्लांट में चार मेन शॉप हैं। इनमें स्टैम्पिंग, बॉडी कंस्ट्रक्शन, पेंट और फाइनल असेंबली शामिल है।

ऑटोमेकर का कहना है कि सटीक मैन्युफैक्चरिंग सुनिश्चित करने के लिए सभी शॉप हाई लेवल ऑटोमेशन और तकनीक से लैस हैं। बताया जाता है कि यह प्लांट करीब 750 करोड़ रुपये में खरीदा गया था।
यह प्लांट करीब 460 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इस प्लांट में ICE (पेट्रोल-डीजल) वाहनों के अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों का भी निर्माण किया जाता है। टाटा मोटर्स ने यहां प्रति वर्ष 3 लाख यूनिट वाहन प्रोडक्शन का लक्ष्य रखा है। जिसे 4.20 लाख यूनिट तक बढ़ाया जा सकता है।

रिपोर्ट की माने तो इस प्लांट में कुछ कार्यों के लिए रोबोट को भी लगाया गया है। बताया जा रहा है कि ये रोबोट वेल्डिंग, मेजर री-टूलिंग और ब्रश शॉप समेत कई काम करने में सक्षम हैं।
वहीं इस प्लांट में करीब 1000 से अधिक कर्मचारी निर्माण कार्य में लगे हुए हैं। उत्पादन बढ़ाने की योजना के अनुरूप कंपनी अगले 3 से 4 महीनों में 1,000 अतिरिक्त नौकरियां और देने वाली है।
टाटा मोटर्स ने अपने वर्क फोर्स को और बेहतर करने के लिए कर्मचारियों को डिप्लोमा, बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग और मास्टर डिग्री से अपस्किल किया है। वहीं पावर के लिए इस प्लांट में किलोवाट का सोलर रूफटॉप लगाया गया है।


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