VinFast की भारत में हुई एंट्री, तमिलनाडु के सीएम स्टालिन ने ईवी फैक्ट्री की रखी आधारशिला
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने तूतीकोरिन में वियतनाम के विनफास्ट समूह के इलेक्ट्रिक वाहन (EV) निर्माण प्लांट के पहले चरण की आधारशिला रखी। यह कंपनी की भारतीय बाजार में आधिकारिक प्रवेश की शुरुआत है।
विनफ़ास्ट, वियतनाम की एक प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी है। चीनी कंपनी बिल्ड योर ड्रीम्स (BYD) के बाद विनफास्ट भारत में प्रवेश करने वाला दूसरा प्रमुख एशियाई ईवी ब्रांड है।

बता दें कि 6 जनवरी, 2024 को विनफास्ट और तमिलनाडु सरकार के बीच एक EV मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए थे।
VinFast पहले चरण में 5 साल के लिए EV प्लांट पर 4000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। बता दें कि विनफास्ट इसके लिए 16 हजार करोड़ रुपये का कुल निवेश कर रही है।

रिपोर्ट के मुताबित तमिलनाडु में VinFast EV विनिर्माण सुविधा लगभग 3,500 नौकरियां पैदा करेगी। फैक्ट्री की शुरुआत में प्रति वर्ष लगभग 1,50,000 इलेक्ट्रिक वाहनों की वार्षिक मैन्युफैक्चरिंग क्षमता होगी। पहले पांच वर्षों में स्थानीय स्तर पर ईवी और बैटरियों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
इस फैक्ट्री के साथ, थूथुकुडी तमिलनाडु के तीसरे ऑटो हब के रूप में उभरा है। इससे पहले, चेन्नई और होसुर तमिलनाडु के प्रमुख ऑटोमोबाइल विनिर्माण केंद्र हैं। तमिलनाडु भारत का एकमात्र राज्य है जहां 3 ऑटो विनिर्माण केंद्र हैं।
VinFast EV विनिर्माण केंद्र में मई 2025 से उत्पादन कार्य शुरू हो जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक vinfast भारत में सबसे पहले VF e-34 इलेक्ट्रिक कार लॉन्च करेगी, उसके बाद VF6 और VF7 इलेक्ट्रिक कार लॉन्च करेगी। भारतीय ग्राहक इन इलेक्ट्रिक कारों के लॉन्च का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
वहीं विनफ़ास्ट के पोर्टफोलियो की बात करें तो वे छोटी ईवी के साथ-साथ बड़ी इलेक्ट्रिक एसयूवी भी पेश करते हैं। VF3 और VF4 Winfast की छोटी इलेक्ट्रिक कारें हैं। इस बीच, कंपनी VF7 और VF9 बड़ी इलेक्ट्रिक एसयूवी भी बेचती है।
वैश्विक बाजार में विनफास्ट टेस्ला समेत कई दिग्गज कंपनियों से मुकाबला करती है। करना पड़ रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी ईवी निर्माता कंपनी का खिताब BYD के हाथों गंवाने वाली टेस्ला भी भारत आने को तैयार है।
बता दें कि विनफास्ट (VinFast) ने साल 2017 से अपनी EV की जर्नी की शुरुआत की थी। जिसके बाद पिछले साल ही कंपनी अपनी कैपिटल के चलते दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल कंपनी बन गयी।


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