अलविदा Ratan Tata! स्कूटर पर मिडिल क्लास का संघर्ष देख बनाई Nano, लखटकिया कार के नाम से हुई फेमस
देश के जाने-माने उद्योगपति और ऑटो इंडस्ट्री के दिग्गज रतन टाटा नहीं रहे। 86 वर्ष की आयु में गुरुवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका निधन हो गया। रतन टाटा बिजनेसमैन होने के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं से भरे हुए थे। उन्होंने आम लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए कई तरह के प्रयास किए।
मिडिल क्लास लोगों के लिए रतन टाटा की सबसे बड़ी सौगात Tata Nano कार थी। जी हां, वही नैनो कार जो कभी लखटकिया के नाम से फेमस थी। अब भले ही ये कार बाजार में कम दिखती है, लेकिन एक समय इसका बड़ा नाम था। लेकिन, क्या आप जानते हैं रतन टाटा को Nano कार का आइडिया कैसे आया था? आइए इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।

स्कूटर पर जाते परिवार को देख आया Nano का आइडिया: रतन टाटा ने एक बार खुद सोशल मीडिया पोस्ट में टाटा नैनो कार के आइडिया के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था, कि मैं अक्सर अपनी कार होकर सवार होकर बाहर निकलता था।
इस दौरान देखता कि मिडिल क्लास लोग अपनी फैमिली के साथ स्कूटर और बाइकों पर बड़ी मुश्किल से सफर करते थे। एक ही स्कूटर पर बच्चे अपने पिता और माता के बीच के साथ ऐसे बैठकर सफर करते हैं, जैसे कि वो सैंडविच हो।

जहां से रतन टाटा को एक किफायती कार बनाने कि आइडिया मिली। जिसके बाद Tata Nano का जन्म हुआ। दरअसल उनका मानना था कि कार ऐसी हो, जिसमें बाइक और स्कूटर से अधिक सुरक्षा हो। जिसके परिणामस्वरूप टाटा नैनो कार को 2008 में पहली बार लॉन्च किया गया।
मात्र एक लाख रुपये कीमत: टाटा मोटर्स ने 2008 को दिल्ली में आयोजित ऑटो एक्सपो में पहली Nano कार को अनवील किया था। टाटा नैनो के बेस मॉडल की कीमत मात्र 1 लाख रुपये थी। टाटा नैनो कार की डिलीवरी साल 2009 में शुरू हुई।
उस दौर में टाटा नैनो इतनी लोकप्रिय हुई कि ग्राहकों को कार की डिलीवरी के लिए 3 महीने से अधिक वेटिंग मिलने लगे। हालांकि साल 2009 से शुरू हुआ ये सफर 2019 आते-आते खत्म हो गया। दरअसल टाटा नैनो कार सेफ्टी के मोर्चे पर असफल रही।
देशभर में टाटा नैनो फायर के कई मामले सामने आए। इसके बाद बीएस-4 उत्सर्जन मानक लागू होने और घटती बिक्री को देखते हुए टाटा मोटर्स ने फाइनली Nano कार को प्रोडक्शन बंद कर दिया।
इन खासियतों से लैस थी Tata Nano: टाटा नैनो पेट्रोल और CNG इंजन के साथ आती थी। इसमें 624cc का इंजन दिया गया था, जो करीब 38bhp का पावर और 51Nm का टॉर्क जेनरेट करने में सक्षम थी। इसमें मैनुअल और ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन मिलता था।
नैनो 4 सीटर कार थी। इसकी लम्बाई 3164mm, चौड़ाई 1750mm और व्हीलबेस 2230mm है। इसमें पावर स्टीरियरिंग, फॉग लाइट्स और पावर विडोंं जैसे फीचर्स भी दिए गए थे। हालांकि सेफ्टी के मामले में यह काफी कमजोर थी।
जबरदस्त माइलेज: टाटा नैनो का मैनुअल पेट्रोल वेरिएंट 23.9kmpl , ऑटोमेटिक पेट्रोल वेरिएंट 21.9Kmpl और मैनुअल सीएनजी वेरिएंट 36 किलोमीटर प्रति किलोग्राम का माइलेज देने में सक्षम था। इसकी टॉप स्पीड करीब 100Kmph की थी।


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