भारत से जापान तक पहुंचा Maruti Suzuki Fronx का जादू, 2 लाख से ज्यादा कारें बिकी, जानें इसकी सफलता की कहानी
मारुति सुजुकी की फ्रॉन्क्स (Maruti Suzuki Fronx) कार ने लॉन्च होने के बाद से ही शानदार बिक्री दर्ज की है। भारतीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में इसकी 200,000 से ज़्यादा यूनिट्स बिक चुकी हैं। खास बात यह है कि सुजुकी अब इस गाड़ी को भारत से जापान निर्यात कर रही है। चलिए मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स की अब तक के सफर पर एक नजर डालते हैं।
Maruti Suzuki Fronx की शुरुआती सफर: फ्रॉन्क्स को ऑटो एक्सपो 2023 में पेश किया गया था, जिसकी बिक्री 24 अप्रैल 2023 से शुरू हुई। इसके बाद से ही कार ने तेज़ी से लोकप्रियता हासिल की, जिससे बिक्री के आंंकड़ों में उछाल आया। आलम ये रहा कि सिर्फ़ दस महीनों के भीतर, इसकी 100,000 से ज़्यादा इकाइयां बिक गईं।

Maruti Suzuki Fronx का अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सफर: फिलहाल फ्रॉन्क्स को लैटिन अमेरिका, मध्य पूर्व और अफ्रीका समेत कई क्षेत्रों में निर्यात किया जा रहा है। हाल ही में इसे जापान में भी निर्यात किया जाने लगा है।
जापानी कंपनी सुजुकी ने फ्रॉन्क्स को डिजाइन करने के लिए भारत में मारुति के साथ साझेदारी की है। इस कार का निर्माण भारत के गुजरात में किया जाता है। सुजुकी द्वारा डिजाइन किए जाने के बावजूद, इसके भारत में बनने के कारण उम्मीद है कि इसे जापान में भी पसंद की जाएगी।

शुरुआती चरण में मारुति ने गुजरात के अपने प्लांट से गुजरात बंदरगाह के ज़रिए जापान को 1,600 फ्रॉन्क्स कारें निर्यात कीं। यह 2016 में बलेनो कार के साथ देखे गए निर्यात पैटर्न जैसा ही है।
निर्यात में वृद्धि की संभावना: अगर फ्रॉन्क्स कार जापान में लोकप्रिय हो जाता है, तो भारत से जापान को ज्यादा गाड़ियां भेजने के अच्छे मौके बन सकते हैं।यह बहुत बड़ी बात है कि एक जापानी कंपनी भारत में गाड़ियां बनाकर जापान भेज/ निर्यात कर रही है।

भारत यात्री वाहन निर्यात में एक प्रमुख खिलाड़ी है, जिसमें मारुति सबसे बड़ी निर्यातक है। पिछले वित्तीय वर्ष में ही मारुति ने 100 से अधिक देशों को 280,000 कारें निर्यात कीं।
मारुति कंपनी के पास भारत से कुल वाहन निर्यात का 42% हिस्सा है। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि निर्यात की गई सभी कारों में से लगभग आधी मारुति की हैं।
उच्च मांग और भविष्य की संभावनाएं: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मारुति के वाहनों की उच्च मांग मुख्य रूप से उनकी सादगी और विश्वसनीयता के कारण है। इस वित्तीय वर्ष के पहले तीन महीनों में मारुति ने 70,560 वाहनों का निर्यात किया। इस तिमाही में मारुति ने पहले से कहीं ज़्यादा वाहनों का निर्यात किया।
ड्राइवस्पार्क की राय: भारत जैसे देशों और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में फ्रॉन्क्स की सफलता भारत के ऑटोमोटिव उद्योग के लिए आशाजनक है। अगर जापानी उपभोक्ता भी इस कार को अपनाते हैं, तो इससे भारत के निर्यात की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।


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