विदेशी बाजार में धूम मचा रही हैं Maruti Suzuki की ये Cars, इन मॉडलों की बंपर डिमांड
Maruti Suzuki ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने 30 लाख कारें भारत से दुनिया के कई देशों में निर्यात की हैं। इस उपलब्धि के साथ, मारुति सुजुकी भारत से सबसे ज्यादा कारें निर्यात करने वाली कंपनी बन गई है। कंपनी भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में एक प्रमुख खिलाड़ी है और भारत में सबसे ज्यादा कारें बेचने वाली कंपनी है।
Maruti Suzuki ने घोषणा की है कि वह विदेशों में 30 लाख कारें निर्यात करके एक नए मुकाम पर पहुंच गई है। चूंकि कंपनी कई वर्षों से भारत में वाहनों का निर्माण और बिक्री कर रही है, इसलिए इस उपलब्धि को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आइये यहां मारुति सुजुकी के इतिहास पर एक नजर डालते हैं।

Maruti Suzuki की सफल कहानी: कंपनी ने पहली बार 1986 में हंगरी को 500 कारों का निर्यात किया था जब उसने अपना पहला निर्यात शुरू किया था। कई चुनौतियों का सामना करते हुए, कंपनी ने लगातार अपने निर्यात संख्या में वृद्धि की।
ऐसे में वित्त वर्ष 2012-13 तक मारुति ने अपनी पहली 10 लाख कारों का निर्यात कर पहला मील का पत्थर हासिल किया। वहीं, दूसरी 10 लाख कारों का निर्यात करने में कंपनी को आठ साल लग गए। इस हिसाब से दूसरी 10 लाख कारें साल 2020 तक विदेश में निर्यात की गईं।

इसके साथ ही 2020 तक कंपनी ने कुल 20 लाख कारों का निर्यात किया। लेकिन आखिरी 10 लाख कारों का निर्यात बहुत तेजी से हुआ। 2020 के बाद अब तक कंपनी द्वारा कुल 30 लाख कारें विदेश में निर्यात की जा चुकी हैं।
Maruti Suzuki के इस तेजी से बढ़ते कारोबार से पता चलता है कि दुनिया भर में भारतीय कारों की मांग बढ़ रही है। मारुति सुज़ुकी सेलेरियो, फ्रोंक्स, बलेनो, सियाज, डिजायर और एस-प्रेसो जैसी लोकप्रिय कारें दुनिया भर में निर्यात करती है।

Maruti Suzuki वर्तमान में भारत में निर्मित कारों को अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका और पश्चिम एशिया के देशों में निर्यात करती है। सुजुकी जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गाड़ियां बेचती हैं तो वहीं भारत में यह मारुति के साथ मिलकर गाड़ियां बेचती और बनाती हैं। अब मारुति सुजुकी भारत में बनी गाड़ियां विदेशों में भी बेच रही है।
Maruti Suzuki का निर्यात पिछले तीन वर्षों में लगभग तीन गुना बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कंपनी के उत्पादों को काफी सराहना मिली है और बिक्री भी अच्छी रही है। ऐसे में कंपनी को 2030 की पहली छमाही में 7.5 लाख वाहन निर्यात करने की उम्मीद है।
Maruti Suzuki की कारें कम कीमत में ज्यादा माइलेज देने के लिए जानी जाती हैं। इसलिए जहां भारत में इसकी मांग ज्यादा है, वहीं विदेशों में भी इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। विदेशी लोग भी कंपनी द्वारा भारत में बनी गाड़ियों को खुब पसंद कर रहे हैं।


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