आजादी से अब तक लोगों के दिलों पर राज करती हैं ये आइकॉनिक कारें! प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भी करते थे सवारी
Independence Day 2024 Special: 15 अगस्त का दिन हम भारतीयों के लिए काफी खास होता है। इसी दिन 1947 में ब्रिटिश शासन से भारत को आजादी मिली थी। ऐसे में हर साल इस दिन को देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल भी देशवासी स्वतंत्रता दिवस की तैयारी कर रहे हैं। 1947 से लेकर अबतक देश ने काफी उन्नति की है।
सभी क्षेत्रों की तरह ऑटो जगत में भी काफी प्रगति हुई है। आज के दौर में देश में एक से बढ़कर एक कारें पेश की जा रही हैं। इसके बावजूद भारतीय बाजार में कुछ ऐसी आइकॉनिक कारें आयीं, जिन्हें भुलाना संभव नहीं है।

इन कारों ने अपने दौर में ऑटो लवर्स के दिल पर राज किया है। भले इनका प्रॉडक्शन बंद हो गया हो, लेकिन आज भी इन कारों के प्रति लोगों का प्यार जिंदा है। आइए इस आर्टिकल में आपको कुछ लीजेंडरी कारों के बारे में बताते हैं।
1. हिंदुस्तान एंबेसडर (Hindustan Ambassador) : हिंदुस्तान मोटर्स की एंबेसडर एक ऐसी कार है, जिसने सालों तक भारतीय सड़क पर राज किया है। इस कार को पहली बार साल 1958 में पेश किया गया था। हालांकि साल 2014 में इसका प्रोडक्शन बंद कर दिया गया।

इसके बावजूद आज भी Ambassador कभी-कभी सड़कों पर नजर आ जाती है। भारत में इस कार का इतना भौकाल था कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से लेकर सरकारी अधिकारी तक इसकी सवारी करते थे। आज भी कई मशहूर हस्तियों के गैराज में यह कार खड़ी है।
2. मारुति 800 (Maruti 800) : भारतीय बाजार में लंबे समय तक मारुति 800 का बोलबाला रहा है। इस कार को पहली बार भारत में 1983 में लॉन्च किया गया था। हालांकि मारुति सुजुकी ने 2014 में इस कार का प्रोडक्शन बंद कर दिया था।

3. प्रीमियर पद्मिनी (Premier Padmini): हिंदुस्तान एम्बेसडर की तरह ही Premier Padmini भी आइकॉनिक कारों में से एक है। इस गाड़ी को साल 1973 में पहली बार लॉन्च किया गया था। हालांकि साल 1998 में इसका प्रॉडक्शन बंद कर दिया गया था।
अपने शुरूआती दौर में यह कार बॉलिवुड सिलेब्रिटीज की पसंदीदा थी। हालांकि बाद में इसका उपयोग पीली टैक्सी के रूप में होने लगा। करीब 6 दशकों से काली पीली टैक्सियों के नाम से मशहूर मुंबई की 'प्रीमियर पद्मिनी' को पिछले साल अक्टूबर से बंद कर दिया गया।
4. जिप्सी (Maruti Suzuki Gypsy) : सरकारी महकमे की पसंदीदा कार मारुति सुजुकी जिप्सी को पहली बार साल 1985 में पेश किया गया था। अपने लॉन्ग वीलबेस और ऑफ-रोडिंग क्षमता के कारण यह कार पुलिस और आर्मी की बेहद पसंदीदा रही है।
5. महिंद्रा जीप (Mahindra Jeep) : आजाद भारत में जो गिनी-चुनी गाड़ियां उपलब्ध थी, महिंद्रा जीप उन्हीं में से एक है। साल 1948 में महिंद्रा ने अमेरिकन कंपनी विली जीप (Willy Jeep) से इसे भारत में बनाने के लिए पार्टनरशिप किया था।
जीप ने महिंद्रा को भारतीय बाजार में अलग पहचान दी। ये कार 4-व्हील ड्राइव सुविधा के साथ काफी मजबूत थी। शुरूआत में इसे सेना और पुलिस बल के द्वारा सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाता था। अब जीप की जगह Mahindra Thar बाजार में उपलब्ध है।


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