बड़ा झटका! अब भारत में नहीं आ पाएगी Fisker! कंपनी हुई दिवालिया! देखें पूरी डिटेल्स

अमेरिका की इलेक्ट्रिक गाड़ी बनाने वाली कंपनी Fisker को आर्थिक दिक्कत हो गई है। कंपनी ने हाल ही में दिवालियापन से बचाव के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। कंपनी ने बताया कि गाड़ियां बनाने में काफी पैसा लग रहा है और उन्हें उतना मुनाफा नहीं हो रहा है। कंपनी अब अपने कर्ज को कम करने और संपत्ति को बेचकर आर्थिक स्थिति सुधारना चाहती है।

फिसकर (Fisker) कंपनी ने हाल ही में लॉन्च गाड़ी Ocean की बिक्री से पैसे तो कमाए लेकिन गाड़ी बनाने में ज्यादा खर्चा लग गया जिसकी वजह से कंपनी के पास पैसे कम पड़ गए। इसी वजह से वे अपनी गाड़ियों (Ocean SUV) को बेचने वाले देशों अमेरिका और यूरोप में भी घाटे में चल रहे हैं।

Fisker Ocean

Fisker जैसी कई इलेक्ट्रिक गाड़ी बनाने वाली कंपनियां हाल ही में दिवालिया हो गई हैं। Fisker के अलावा Proterra, Lordstown और Electric Last Mile Solutions जैसी कंपनियां भी हाल ही में दिवालिया हो चुकी हैं।

इन कंपनियों के पास पैसे कम पड़ गए थे, उन्हें नए निवेश मिलने में दिक्कत आई और दुनिया भर में सप्लाई चेन की समस्याओं के कारण गाड़ियां बनाना भी मुश्किल हो गया। Fisker की गाड़ियों की जांच भी अमेरिकी जांच एजेंसियां कर रही हैं।

Fisker Ocean

फिसकर कंपनी ने मंगलवार की सुबह कहा कि "इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की दूसरी कंपनियों की तरह, हमें भी कई बाजार और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा है, जिसने हमारे काम करने की क्षमता को प्रभावित किया है।"

इसका मतलब है कि फिसकर को भी उन्हीं समस्याओं का सामना करना पड़ा है जो अन्य इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनियों को हो रही हैं, जिसकी वजह से वे अपना काम सही ढंग से नहीं कर पा रही हैं।

Fisker Ocean

फिसकर कंपनी ने फैसला किया है कि चैप्टर 11 के तहत अपनी संपत्ति बेचना उनके लिए सबसे अच्छा विकल्प है। चैप्टर 11 अमेरिका में दिवालियापन से बचने के लिए उठाया जाने वाला एक कदम है।

कंपनी वित्तीय संस्थानों के साथ मिलकर इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए पैसे जुटाने पर भी काम कर रही है। अभी इस बारे में और अधिक जानकारी नहीं दी गई है।

ड्राइवस्पार्क की राय: फिसकर की भारतीय कार बाजार में धूम मचाने की बड़ी योजना थी। ऐसे में अगर फिसकर भारतीय बाजार में आती है तो ये उसके लिए अच्छा हो सकता हैं। क्योंकि भारत में काफी तेजी से इलेक्ट्रिक गाड़ियों का बाजार बढ़ रहा है।

ऐसे में ये काफी साफ है कि किसी नए ब्रांड की बढ़ते इलेक्ट्रिक गाड़ी वाले मार्केट में एंट्री से उसे खुद को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही, फिसकर की एंट्री से भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के बाजार को और भी रफ्तार मिल सकती थी।

हालांकि, फिसकर की फिलहाल की स्थिति को देखकर ये कहना मुश्किल है कि कंपनी भारतीय बाजार में कदम रख पायेगी या नहीं। लेकिन अगर कंपनी भारतीय बाजार में आती है तो उसे मदद मिलने के साथ-साथ देश में भी इलेक्ट्रिक गाड़ियों का दबदबा बढ़ेगा।

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Article Published On: Tuesday, June 18, 2024, 19:25 [IST]
English summary
Fisker us electric vehicle maker seeks bankruptcy protection
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