Car Safety: कारों के लिए खतरनाक है टचस्क्रीन! इस व्हीकल सेफ्टी एजेंसी ने दी चेतावनी, जानें वजह

ऑटोमोबाइल सेक्टर का जैसे-जैसे विस्तार हो रहा है। वैसे ही कारों में अत्याधुनिक फीचर्स भी बढ़ रहे हैं। इनमें से कुछ फीचर्स आपका काम आसान बनाता है, तो वहीं कुछ फीचर्स दुर्घटना का कारण भी बनती है।

वर्तमान में ज्यादातर कार कंपनियां अपनी कारों में टचस्क्रीन कंट्रोल या टच पैनल की पेशकश कर रही हैं। हालांकि Euro NCAP कारों में टचस्क्रीन को लेकर चिंता जतायी है। एजेंसी का मानना है कि टचस्क्रीन की जगह फिजिकल बटन वाहन सुरक्षा के लिए ज्यादा बेहतर है।

Euro NCAP Says Touchscreens Increase car Accidents

टचस्क्रीन से भटकता है ड्राइवर का ध्यान: Euro NCAP की रिपोर्ट के मुताबिक टच स्क्रीन कंट्रोल पैनल से ड्राइवर का ध्यान अधिक भटकता है। बता दें कि यूरो एनसीएपी सिस्टम एक विश्वसनीय एजेंसी है जो दुनिया भर में वाहनों का क्रैश टेस्ट कर उन्हें सेफ्टी रेटिंग प्रदान करती है।

हमारे देश में भारत एनसीएपी (BNCAP) के लॉन्च से पहले, यूरो एनसीएपी की क्रैश टेस्टिंग काफी विश्वसनीय रही है। वाहन सुरक्षा को लेकर यूरो एनसीएपी ने एक नया फैसला लिया है।

Euro NCAP Says Touchscreens Increase car Accidents

फिजिकल बटन वाली कारों को मिलेगी अधिक सेफ्टी रेटिंग्स : रिपोर्ट के मुताबिक साल 2026 में Euro NCAP अपने टेस्टिंग सिस्टम में कुछ बदलाव लाने वाली है। Euro NCAP की सहायक बॅाडी ARSTechnica ने एक सर्वे कराया है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक ज्यादातर वाहन मालिक टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम वाले वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। हालांकि Euro NCAP का मानना है कि इससे वाहन चालकों का ध्यान भटकता है।

Euro NCAP Says Touchscreens Increase car Accidents

ऐसे में माना जा रहा है कि एजेंसी साल 2026 से फिजिकल बटन वाली कारों को अधिक सेफ्टी रेटिंग देने की योजना बना रही है। अक्सर वाहन चलाते समय टच स्क्रीन सिस्टम पर कंट्रोल देखने के दौरान ध्यान भटकता है और सड़क दुर्घटना का खतरा बढ़ता है।

इस प्रकार, यूरो एनसीएपी अपने क्रैश टेस्ट के दौरान इससे बचने के लिए नियम बनाने की योजना बना रहा है। चूंकि यूरो एनसीएपी एक सरकारी एजेंसी नहीं है, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता है कि सभी वाहन निर्माता टच स्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम से बचेंगे।

हालांकि यूरो एनकैप्स में 5 स्टार रेटिंग पाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में उम्मीद की जाती है कि कई वाहन निर्माता अपनी कारों में टच स्क्रीन की जगह फिजिकल बटन को प्रायोरिटी देंगे।

आजकल कार निर्माता कंपनियां बड़े साइज का टच स्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम देने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रही हैं। लेकिन भविष्य में इसमें बदलाव की संभावना ज्यादा है। कार में स्क्रीन छोटी और अधिक फिजिकल बटन निश्चित रुप से वाहन और सवारों की सुरक्षा में सहायक होगी।

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Article Published On: Thursday, March 7, 2024, 10:49 [IST]
English summary
Euro ncap says touchscreen might increase car accidents instead of physical buttons car safety score
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