EV और Hybrid Cars के बीच 5 बड़े अंतर समझ लीजिए, नई कार खरीदते समय बहुत काम आएंगे
समय के साथ पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। वहीं, प्रदूषण में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है और इसका सबसे बड़ा कारण व्हीकल एमीशन है। ऐसे स्थिति में लोगों ने Petrol/Diesel से चलने वाली गाड़ियों की जगह CNG Cars को अपनाया। अब सीएनजी फ्यूल भी महंगा हो गया है।
IC-Engine से चलने वाली Passanger Cars की लगातार बढ़ रही रनिंग कॉस्ट के चलते लोग EV और Hybrid Vehicles का रुख कर रहे हैं। हालांकि, लोग कन्फ्यूज्ड रहते हैं कि EV vs Hybrid कारों में किसे चुनना बेहतर है। आइए, इस संशय को दूर करने की कोशिश करते हैं।

EV और Hybrid Car में अंतर: दोनों तरह के वाहन केवल डीजल या पेट्रोल से चलने वाली गाड़ियों के मुकाबले ज्यादा फ्यूल एफिशियंट होते हैं। EV को लेकर अभी भी लोगों में रेंज की चिंता रहती है, वहीं Hybrid Car बैटरी न चार्ज होने पर फ्यूल पर भी चल सकती हैं। आइए इन दोनों में 5 बड़े अंतर समझ लेते हैं-
| हाइब्रिड कार | इलेक्ट्रिक कार |
| गैसोलीन इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर पर चलेंगी | केवल बिजली पर चलेंगी |
| कम एमीशन लेकिन हल्का पॉल्यूशन | जीरो टेलपाइप एमीशन |
| रेंज की नो-टेंशन | रेंज की चिंता |
| पारंपरिक आईसीई वाहन से बेहतर | ईको-फ्रेंडली ऑप्शन |
| छोटा बैटरी पैक | बड़ा बैटरी पैक |
Electric Car क्या हैं: इलेक्ट्रिक कारें, गैसोलीन या डीजल पर चलने वाली आईसीई गाड़ी के बजाय रिचार्जेबल बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर का उपयोग करती हैं। इलेक्ट्रिक कार अधिक पर्यावरण अनुकूल होने के लिए जानी जाती हैं, क्योंकि ये जीरो एमीशन व्हीकल हैं।
इनकी रनिंग कास्ट भी कम होती है, लेकिन शुरुआती खरीद कीमत ICE Cars से ज्यादा होती है। आप इन्हें घर पर या पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों पर आसानी से चार्ज कर सकते हैं। मौजूदा समय की मॉडर्न EVs को रिजेनरेटिव ब्रेकिंग जैसे फीचर्स मिलते हैं, जो ईवी की रेंज बढ़ाने में मदद करते हैं।
Hybrid Car क्या है: हाइब्रिड कार मौजूदा समय में सबसे उपयोगी वाहन बनकर उभरे हैं। इन्हें ICE के साथ बैटरी और मोटर भी मिलता है। फ्यूल-अप कराने के साथ ये इलेक्ट्रिक मोटर पर भी चल सकती हैं। इन्हें तीन कैटेगरी- माइल्ड हाइब्रिड, स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड और प्लग-इन हाइब्रिड में पेश किया जाता है।
माइल्ड हाइब्रिड कार में छोटा बैटरी पैक होता है, जबकि स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड व्हीकल बड़े बैटरी पैक के साथ आता है। ये दोनों बैटरियां कार चलने पर ही चार्ज हो जाती हैं। वहीं, प्लग-इन हाइब्रिड कार में चार्जिंग प्लग होता है। इसकी बैटरी को रिचार्ज करने के लिए चार्जर का भी उपयोग किया जाता है।


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