Elon Musk की Tesla को इस चीनी कंपनी ने दी पटखनी! भारत में एंट्री से पहले ही कंपनी को लगा बड़ा झटका
चीन की BYD ने वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रिक कारें बेचने के मामले में टेस्ला को मात दे दिया है। टेस्ला के मालिक Elon Musk ने 2011 के एक इंटरव्यू में जिसी चीनी कंपनी की निंदा की थी, आज उसी ने Tesla को पीछे छोड़ दिया है।
दुनिया की नंबर-1 इलेक्ट्रिक कार कंपनी के तौर पर टेस्ला ने अपनी पोजीशन भी गवां दी है। अब नंबर-1 पर BYD पहुंच गई है। बता दें कि टेस्ला वर्षों से इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री के मामले में दुनियाभर में राज कर रही थी।

टेस्ला की दुनिया के सबसे बड़े ईवी बाजारों, संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन में मजबूत उपस्थिति है। बता दें कि दुनियाभर में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री का ग्राफ तेजी से ऊपर गया है। इसके बाद भी टेस्ला ने अपनी पोजीशन गवां दी है।
साल 2023 खत्म होने के बाद वार्षिक सेल्स रिपोर्ट के मुताहबिक एलन मस्क के स्वामित्व वाली कंपनी टेस्ला ने कहा कि उसने चौथी तिमाही में 484,507 से अधिक इलेक्ट्रिक व्हीकल की डिलीवरी की।

दूसरी ओर BYD जो हाइब्रिड और पूर्ण बैटरी ऑपरेटेड दोनों कारों का प्रोडक्शन करती है। उसने इस तिमाही में 526,409 इलेक्ट्रिक कार बेचीं। इस तरह वो ईवी मार्केट का नई नंबर-1 कंपनी बन गई।
BYD ने चौथी तिमाही में टेस्ला से भी अधिक वाहनों का उत्पादन किया। BYD न केवल बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन बल्कि हाइब्रिड वाहन भी बनाती है। वहीं टेस्ला केवल पूरी तरह से इलेक्ट्रिक कारें बेचता है।

इसके अलावा, BYD ने 2023 की आखिरी तिमाही बाजार में 4 लाख से अधिक हाइब्रिड इलेक्ट्रिक कारों को उतारा है। BYD की स्थापना 1995 में एक बैटरी निर्माण कंपनी के रूप में हुई थी। BYD ने 2003 में कार निर्माण सेक्टर में प्रवेश किया।
BYD चीन और चुनिंदा यूरोपीय बाजारों में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड दोनों मॉडल बेचता है। चीनी कंपनी भारत में दो ईवी बेच रही है। जैसे-जैसे चीनी बाजार में ईवी की मांग बढ़ी और कंपनी को सरकार से पूरा समर्थन मिला, कंपनी बढ़ी और फली-फूली।

BYD टेस्ला की घरेलू धरती, अमेरिका में भी विस्तार कर रही है। अगर ऐसा हुआ तो कंपनी टेस्ला को काफी पीछे छोड़ देगी। टेस्ला का अमेरिका, चीन और पश्चिमी यूरोप के कुछ देशों में महत्वपूर्ण प्रभाव है। टेस्ला ने 2019 में चीन में एक प्लांट भी स्थापित की है।
वहीं इस साल एलन मस्क की इलेक्ट्रिक कार टेस्ला की भारतीय बाजार में एंट्री होने वाली है। रिपोर्ट के मुताबिक टेस्ला गुजरात में प्लांट लगाने जा रही है और इससे संबंधित घोषणा अगले कुछ महीनों में की जाएगी।

टेस्ला पिछले कुछ वर्षों से भारतीय बाजार में प्रवेश करने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहा है। लेकिन भारत में कार आयात शुल्क अधिक होने के कारण इसके आगमन में देरी हो रही है।
टेस्ला सस्ती कारें पेश करके दुनिया के तीसरे सबसे बड़े ऑटो बाजार में पैठ बनाने की योजना बना रही है। दूसरी ओर, BYD ने भारत में प्लांट स्थापित करने के लिए करोड़ों रुपये का प्रस्ताव प्रस्तुत किया, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे खारिज कर दिया है।


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