Budget 2024: सस्ती होंगी इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारें...! जानिए ऑटो बजट को लेकर क्या है सरकार की योजना?
पीएम मोदी के नेतृत्व में एक बार फिर एनडीए की सरकार सत्ता में लौट आयी है। लिहाजा नई सरकार आगामी 23 जुलाई यानि कल बजट (Budget 2024) पेश करने जा रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में कल बज़ट पेश करेंगी। हर सेक्टर की तरह ही इस बार के बज़ट से ऑटो सेक्टर को भी काफी उम्मीदे हैं।
रिपोर्ट की मानें तो इस नए बजट-2024 में ऑटोमोबाइल सेक्टर को अधिक फंड मिलने की संभावना है। खासतौर पर EVs और हाइब्रिड कारों की खरीदारी में सब्सिडी मिलने की उम्मीद है। बता दें केंद्र सरकार ने चुनाव के चलते फरवरी-2024 में अंतरिम बजट तब पेश किया था।

अब नई सरकार सत्ता संभालते ही पूर्ण बजट पेश करने की तैयारी में है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में EVs की बिक्री के लिए केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए FAME सब्सिडी प्रदान करती थी। हालांकि यह अनुदान 31 मार्च को समाप्त कर दिया था।
FAME-3 की घोषणा से सस्ती होंगी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स: माना जा रहा है कि बजट में सरकरा फेम सब्सिडी के अलगे फेज की घोषणा कर सकती है। यदि ऐसा होता है, तो भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत में काफी कमी आएगी।

उम्मीद है कि FAME-III (Faster Adoption and Manufacturing of Electric Vehicles.) सब्सिडी स्कीम की शुरुआत के साथ एक बार इलेक्ट्रिक व्हीकल की बिक्री में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। बता दें कि जून 2024 में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री में गिरावट देखने को मिली है।
हाइब्रिड वाहनों पर जीएसटी में कटौती : भारत में हाइब्रिड वाहनों पर लगने वाले जीएसटी में कटौती की मांग लंबे समय से की जा रही है। इतना ही नहीं, 1200 सीसी से ज्यादा और 4000 मिमी लंबाई वाले वाहनों पर 15 प्रतिशत सेस (Cess) लगाया जाता है।

बता दें कि भारत में हाब्रिड वाहनों पर अधिकतम 43% टैक्स लगता है। जबकि ICE इंजन (पेट्रोल-डीजल) वाले वाहनों पर 48% टैक्स लगता है। ऐसे में जनता को उम्मीद है, हाब्रिड वाहनों को लेकर सरकार कोई बड़ा फैसला करेगी।
हालांकि केंद्रीय बजट में जीएसटी और सेस में कटौती की घोषणा होने की संभावना नहीं है। यह फैसला जीएसटी काउंसिल को लेना है। जीएसटी काउंसिल द्वारा लिए जाने पर ही इसे मान्यता दी जाएगी। बजट में सरकार इसके लिए जीएसटी काउंसिल को सिफारिश कर सकती है।
EV कंपानेंट्स : इसके अलावा केंद्रीय बजट 2024-25 इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कंपानेंट्स पर जीएसटी दर कम होने की संभावना है। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरी पर आयात शुल्क में छूट की मांग भी लंबे समय से की जा रही है।
ऐसे में अगर इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपोनेंट्स के आयात शुल्क कम या खत्म किया जाते हैं, तो इसका सीधा असर इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत पर पड़ेगा। भारत में बैटरियों समेत अन्य कंपानेंट्स के उत्पादन होने पर इलेक्ट्रिक व्हीकल की कीमतों में कमी आएगी।
भारत में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का सालाना टर्नओवर फिलहाल 20 लाख करोड़ रुपये है। भारत सबसे बड़ा ऑटो मैन्युफैक्चरिंग देश बन रहा है। ऐसे में उम्मीद है, कि सरकार इंडियन ऑटो इंडस्ट्री को उपर ले जाने के लिए कुछ सार्थक कदम उठाएगी।


Click it and Unblock the Notifications








