Bengaluru में खुल गया एक और इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, Climate Pledge ने जॉब को लेकर भी दी बड़ी खुशखबरी
The Climate Pledge ने एक नई पहल शुरू की है, जिसे JOULE (Joint Operation Unifying Last-mile Electrification) नाम दिया गया है। कंपनी ने सबसे पहले इसकी शुरुआत बेंगलुरु में की है। इस पहल का उद्देश्य बेंगलुरु में साझा EV चार्जिंग स्टेशनों (Shared electric vehicle charging stations) का एक नेटवर्क बनाना है। चलिए इसकी डिटेल्स जानते हैं।
बेंगलुरु के डोड्डाकल्लासांद्रा (Doddakallasandra) में पहला EV चार्जिंग स्टेशन अब चालू हो गया है। स्थानीय मांग को पूरा करने के लिए साल के अंत तक बेंगलुरु में पांच और स्टेशन बनाने की योजना है। 2030 तक इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य लगभग 5,500 EVs को सपोर्ट करना है, लेकिन यह पूरी क्षमता से 9,500 EVs तक की सर्विसिंग कर सकता है।

इन स्टेशनों में इस्तेमाल की जाने वाली सभी बिजली का उपयोग 100% रिनीवेबल एनर्जी से किया जाएगा।2030 तक, यह अनुमानित 6.2 मेगावाट रिनीवेबल एनर्जी क्षमता के बराबर होने की उम्मीद है।
इसके साथ ही, इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य 11.2 मिलियन लीटर से अधिक ईंधन की बचत करना और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को लगभग 25,700 टन तक कम करना है। इसके अलावा यह 2024 और 2030 के बीच बेंगलुरु में लगभग 185 फुल-टाइम जॉब भी पैदा करेगा।

भारत की ईवी चार्जिंग कंपनी Kazam इस नेटवर्क का निर्माण करेगी। रिनीवेबल एनर्जी प्रोवाइडर Greenko और Deloitte भी इस प्रोजेक्ट का सपोर्ट करेंगे। 2030 तक इस परियोजना में कुल 2.65 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश किया जाएगा।
Deloitte की एक रिपोर्ट में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि भारत में 2030 तक 30 प्रतिशत EV वाहन करने का लक्ष्य है। इस टार्गेट को पूरा करने के लिए प्रति 20 गाड़ियों पर एक चार्जिंग स्टेशन की जरूरत है।
बता दें कि Amazon और Global Optimism ने मिलकर 2019 में Climate Pledge की शुरुआत की। इसका लक्ष्य 2040 तक कार्बन उत्सर्जन को शून्य कर देना है।


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