कार खरीदते समय इन 'गैर-जरूरी' फीचर्स को करें अवॉइड, बच सकते हैं लाखों रुपए!
नई कार खरीदने का निर्णय लेते समय, कई लोग ऐसे मॉडल खरीदना चाहते हैं जो सुविधाओं से भरपूर हों। गाड़ियों को एडवांस बनाने के लिए ऑटो निर्माता कंपनियां कई आधुनिक फीचर्स का इस्तेमाल कारों में करती हैं, जिससे चालक और सवारी को बेहतरीन राइड इक्सपीरिएंस मिल सके।
लेकिन, क्या आपको पता है कि कुछ ऐसे फीचर्स भी गाड़ियों में होते हैं, जिनका इस्तेमाल बिल्कुल न के बराबर होता है और उन फीचर्स के कारण गाड़ियों की कीमत बढ़ जाती है। ये फीचर्स कार कंपनियों की गाड़ी की कीमत बढ़ाने की एक योजना होती है।

इतना ही नहीं, ये फीचर्स आपकी कार के परफॉर्मेंस को भी प्रभावित कर सकते हैं। क्योंकि ये फीचर्स अधिक बैटरी पावर कंज्यूम करते हैं। इसलिए, आज हम उन 5 आधुनिक फीचर्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आप अवॉइड कर सकते हैं।
पैनोरमिक सनरूफ: पैनोरमिक सनरूफ एक लक्जरी सुविधा है जो केवल हाई-एंड कारों में पाई जाती थी। पिछले कुछ वर्षों में, पैनोरमिक सनरूफ ने देश में कॉम्पैक्ट एसयूवी और यहां तक कि हैचबैक में भी अपनी जगह बना ली है।

लोग अधिकतर शौक-शौक में सनरूफ वाली महंगी कार खरीद लेते हैं। लेकिन उन्हें कुछ दिन बाद ही पता चल जाता है कि हकीकत क्या है। जी हां, क्योंकि कार में सनरूफ का इस्तेमाल बहुत कम ही होता है।
अक्सर बच्चे इससे अपना सिर बाहर निकालने के लिए जिद करने लगते हैं, जिससे दुर्घटना भी हो सकती है।इसके अलावा सनरूफ होने के कारण कार का हेडरूम भी कम हो जाता है।

एलईडी डीआरएल: डेटाइम रनिंग लाइट्स या डीआरएल के नाम से जाना जाने वाला फीचर विभिन्न सेगमेंट की लगभग सभी कारों में एक नया चलन बन गया है। मुख्य रूप से वाहन की स्टाइल और लुक को बढ़ाने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है।
डीआरएल के यूज की बात करें तो ये आपके वाहन को विपरीत दिशाओं से आने वाले अन्य ड्राइवरों को विजिबल बनाना है। इससे ड्राइविंग के दौरान खास मदद नहीं मिलती है। लिहाजा नई कार खरीदते समय इससे भी बचा जा सकता है।

रेन सेंसिंग वाइपर: यह सुविधा आधुनिक कारों में आम होती जा रही है। यह सुविधा बारिश होने पर कार को ऑटोमैटिक रूप से वाइपर संचालित करने में सक्षम बनाती है।
हालांकि मैनुअल वाइपर चालू करना कोई बड़ा काम नहीं है। इसलिए कार खरीदते समय रेन सेंसिंग वाइपर एक ऐसी सुविधा है जिसे पैसे बचाने के लिए आसानी से छोड़ा जा सकता है।

वायरलेस चार्जिंग: यह उन सुविधाओं में से एक है जो कई आधुनिक कारों में इस्तेमाल की जाती है। हालांकि स्टैंडर्ड प्लग-इन चार्जिंग तकनीक की तुलना में वायरलेस चार्जिंग का कोई खास लाभ नहीं दिखता है।
साथ ही, वायरलेस चार्जिंग से मोबाइल डिवाइस की बैटरी अधिक गर्म होने की अक्सर शिकायत आती है। लिहाजा कार खरीदते समय आप इस फीचर को भी इग्नोर कर सकते हैं।

टच सेंसिटिव कंट्रोल: यह फीचर ज्यादातर प्रीमियम कारों में देखने को मिलती है। लेकिन इस सुविधा का कोई खास महत्व नहीं है। एसी की स्पीड को नोब के जरिये कंट्रोल किया जा सकता है।
ड्राइविंग के दौरान ये करना आसान होता है, यहां तक कि बिना देखे भी नोब को एडजस्ट किया जा सकता है। लेकिन टच सेंसिटिव बटन को दबाने के लिए फोकस करना पड़ता है। जिससे की सड़क दुर्घटना होने की संभावना रहती है।


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