क्यों भारत एनसीएपी क्रैश टेस्ट सिस्टम है देश के लिए जरूरी, जानें कितनी बेहतर होगी कारों की सुरक्षा

परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कल देश में भारत एनसीएपी को लॉन्च कर दिया है। यह भारत का अपना वाहन क्रैश टेस्ट सिस्टम है, जिसके तहत कारों को सेफ्टी के अनुसार रेटिंग दी जायेगी। इसके साथ ही भारत, अपने क्रैश टेस्ट सिस्टम वाली पांचवी देश बन गयी है।

लेकिन इसकी हमारे देश को जरूरत क्या है? इससे कार खरीदारों का क्या फायदा होगा? इससे भारत में कार सेफ्टी कितनी बेहतर होगी? आज हम इन सभी सवालों के जवाब लेकर आये है ताकि आप जान सके कि सरकार ने यह सिस्टम क्यों लाया है।

Bharat NCAP

भारत, यूएस व चीन के बाद, दुनिया की तीसरी ऑटोमोबाइल बाजार बन चुकी है। लेकिन इसके साथ ही भारत, सड़क हादसों में सबसे अधिक मृत्यु होने वाली देशों में पहले नंबर पर है। सड़क हादसों से बचाने के लिए हमारी कारें उतनी सुरक्षित नहीं है।

भारत में प्रति वर्ष 5 लाख एक्सीडेंट होते है और करीब 1.5 लाख मृत्यु होती है। प्रति दिन 1100 एक्सीडेंट व 400 मृत्यु होती है। प्रति घंटे 47 एक्सीडेंट व 18 मृत्यु होती है। इसमें 70% मृत्यु 18 से 34 उम्र के व्यक्तियों के बीच होती है।

Bharat NCAP

वहीं ट्रैफिक से जुड़े एक्सीडेंट की वजह से प्रतिवर्ष 13 लाख लोग घायल होते है। ऐसे में लोग सुरक्षित कारों की तलाश कर रहे है लेकिन भारत में इसके लिए कोई स्टैण्डर्ड सेफ्टी सिस्टम उपलब्ध नहीं था, इस वजह से भारत एनसीएपी लाया गया।

स्कोडा ऑटो इंडिया व एनआईक्यू बेसेस द्वारा किये गये सर्वे के अनुसार, भारत में 10 में से 9 ग्राहक चाहते है कि उनकी कारों में सेफ्टी रेटिंग हो। सेफ्टी रेटिंग जाननें के लिए ग्लोबल एनसीएपी के लिए कार निर्माताओं को अपना कार बाहर भेजना पड़ता था।

Bharat NCAP

ऐसे में ग्लोबल एनसीएपी व सड़क व परिवहन मंत्रालय के साझा प्रयास से भारत एनसीएपी लाया गया है। भारत एनसीएपी का प्रोटोकॉल ग्लोबल एनसीएपी के प्रोटोकॉल के समान रखा गया है। इस सिस्टम को ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैण्डर्ड 197 के अनुसार तैयार किया गया है।

भारत एनसीएपी का मुख्य काम 3.5 टन तक वाजं वाले वाहनों का रोड सेफ्टी स्टैण्डर्ड बेहतर करना है। इसके लिए कार निर्माता खुद से अपने वाहन क्रैश टेस्ट के लिए सबमिट कर सकते है, इसके साथ ही यह ग्लोबल एनसीएपी से सस्ती होने वाली है।

अगर एक कार को बाहर के देश में टेस्ट करवाया जाता है तो उसका खर्चा करीब 2.5 करोड़ रुपये आता है लेकिन भारत एनसीएपी में यह खर्च सिर्फ 60 लाख रुपये है। भारत एनसीएपी भारत में 1 अक्टूबर, 2023 से लागू होने वाली है।

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Article Published On: Wednesday, August 23, 2023, 14:30 [IST]
English summary
Why india need bharat ncap crash test safety rating system details
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