बिना हेलमेट के कार चलाने पर नॉएडा की महिला पर लगा 1000 रुपये का फाइन
बाइक चलाने के दौरान हेलमेट ना पहनने पर फाइन लगना तो सूना था लेकिन कभी बिना हेलमेट के कार चलाने पर फाइन लगने की बात सुनी है? जी हां!, हाल ही नॉएडा की एक महिला के साथ ऐसा हुआ है और पुलिस ने 1000 रुपये का फाइन लगाया है।
गौतम बुद्ध नगर ट्रैफिक पुलिस ने 27 जून को नॉएडा के होशियारपुर इलाके में बिना हेलमेट के कार चलाने के जुर्म में महिला पर फाइन लगाया गया है। इस पर महिला ने कहा कि उनके नाम पर कोई भी बाइक रजिस्टर्ड नहीं है यानि उनके पास बाइक नहीं है।

इस घटना की जानकारी तब सामने आई जब शुक्रवार को महिला के पास ई-चालान आया। इस महिला का नाम शैलजा चौधरी है जो कि जीटा-1, ग्रेटर नॉएडा के रहने वाली है। इस मैसेज के बाद महिला शॉक में पड़ गयी, क्योकि चालान का कारण ही ऐसा था।
शैलजा ने बताया, "7 जुलाई की शाम को मैं जब घर के काम में व्यस्त थी, तब मुझे अपने मोबाइल पर ट्रैफिक पुलिस का मैसेज आया। शुरू में मुझे लगा कि जो मेहमान मेरे घर आये थे उन्होंने मेरी कार को चलाते समय किसी ट्रैफिक नियम का उल्लंघन किया होगा।"

"हालांकि, जब मैंने मैसेज खोलकर देखा तो, मेरे चालान में एक बाइक की फोटो अटैच थी और मेरे कार का रजिस्ट्रेशन नंबर 27 जून को 8।29 बजे बिना हेलमेट चलाने के लिए मेंशन था।", शैलजा ने बताया। इस मैसेज ने उन्हें आश्चर्य में डाल दिया था।
शैलजा ने बताया कि चालान में दिए गये तारीख पर वह होशियारपुर में वाहन भी नहीं चला रही थी। उन्होंने आगे कहा कि मेरे पास कोई दोपहिया नहीं है, मेरे नाम पर सिर्फ हुंडई आई20 रजिस्टर्ड है। यह ट्रैफिक पुलिस की मिस्टेक है और उन्हें चालान कैंसल करना चाहिए।
शैलजा ने आगे कहा कि, "चालान में लिखा है कि आखिरी तारीख से पहले मुझे नॉएडा सेक्टर 14ए में ट्रैफिक कंट्रोल रूम विजिट करने को कहा है, या फिर मेरे खिलाफ लीगल एक्शन लिया जाएगा। मेरे घर और सेक्टर 14ए के बीच दूरी 35 किमी है।"
शैलजा चौधरी का कहना है कि जो क्राइम उन्होंने किया ही नहीं उसके लिए 35 किमी जाना बहुत ही मुश्किल कार्य है। प्रीति यादव, डीसीपी ट्रैफिक ने कहा कि इंटिग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम अपने आप वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर रीड करता है।
ऐसे में कई बार सिस्टम रजिस्ट्रेशन नंबर गलत पढ़ लेते है। अगर वाहन मालिक ट्रैफिक पुलिस को अप्रोच करते है और जानकारी गलत साबित होती है तो वह चालान कैंसल कर देंगे। शिकायकर्ता पुलिस के ऑफिस जाकर या ई-मेल से कांटेक्ट कर सकते हैं।


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