क्या अंबानी अब ऑटो सेक्टर में करेंगे प्रवेश? एमजी मोटर में हिस्सेदारी खरीदने की चल रही बात
एमजी मोटर भारत में अब एक सफल ब्रांड बन चुकी है। कंपनी ने धीरे-धीरे ही सही ने लेकिन भारतीय बाजार में अपनी एक अलग पहचान बनाई है जिस वजह से कंपनी का एक अलग ग्राहक वर्ग बन चुका है। लेकिन अब कंपनी हिस्सेदारी भारतीय कंपनी को बेचने वाली है।
एमजी मोटर की पैरेंट कंपनी SAIC एक चीनी वाहन निर्माता कंपनी है। अब SAIC एमजी मोटर में अपनी अधिकतर हिस्सेदारी किसी भारतीय कंपनी को बेचना चाहती है और किसी भारतीय कंपनी से बातचीत एडवांस स्तर पर पहुँच चुकी है।

एमजी मोटर में हिस्सेदारी खरीदने के लिए कई कंपनियां तैयार है। बतातें चले कि इसमें मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्री, हीरो ग्रुप, प्रेमजी इन्वेस्ट व जेएसडब्ल्यू ग्रुप शामिल है जो बड़ी हिस्सेदारी खरीदने में रूचि दिखा रहे हैं।
खबर है कि चीनी कंपनी एमजी मोटर के इस डील को इस साल के अंत तक पूरा कर सकती है। एमजी मोटर इंडिया के सीईओ राजीव चाबा ने मीडिया से बात करते हुए इस बात का हिंट भी दिया था कि कंपनी "ऑपरेशन को इंडियन" करना चाहती है।

इसके साथ ही चाबा ने बताया कि कंपनी अपने शेयरहोल्डिंग, कंपनी के बोर्ड, मैनेजमेंट व सप्लाई को अगले 2 से 4 वर्षों में इंडियनाइज करना चाहती है। ऐसे में अब अगर सब कुछ सही रहा तो यह चीनी कंपनी भारतीय कंपनी का रूप ले लेगी।
वर्तमान में एमजी मोटर के पास हलोल, गुजरात में एक प्लांट है जिसकी उत्पादन क्षमता 1।2 लाख यूनिट प्रति वर्ष है। यह फैसलिटी एमजी ने जनरल मोटर्स से खरीदी है लेकिन अब कंपनी ऑपरेशन का विस्तार करने के लिए हलोल में एक नया प्लांट लगाने वाली है।
हलोल में दूसरे प्लांट के साथ एमजी मोटर की उत्पादन क्षमता 3 लाख यूनिट/वर्ष हो जायेगी। कंपनी इंटरनेट कार व इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट में अग्रणी रही है और ईवी में शिफ्ट कर रही है। कंपनी कुल बिक्री की 70% बिक्री इलेक्ट्रिक वाहनों से लाना चाहती है।
वहीं खरीदारों की बात करें तो, रिलायंस इंडस्ट्री भारत की सबसे बड़ी ग्रुप में से एक है। रिलायंस इंडस्ट्री के विस्तार प्लान को देखतें हुए यह कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी कि कंपनी एमजी मोटर में बड़ी हिस्सेदारी खरीद कर ऑटोमोबाइल सेक्टर में प्रवेश कर लें।


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