भारत की सबसे सुरक्षित कारों की लिस्ट में शामिल हुई Hyundai Verna, GNCAP ने दिया 5 स्टार सेफ्टी रेटिंग
भारतीय कार यूजर्स के बीच सेफ्टी कारों की खूब डिमांड है। कार खरीदते वक्त लोग अक्सर कन्फ्यूज होते हैं कि कौन-सी कार अधिक सुरक्षित है? ऐसे में ये जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण है।
मेड-इन-इंडिया कार हुंडई वरना को ग्लोबल एनसीएपी (Global NCAP) ने क्रैश टेस्ट (Crash Test ) में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग दी है। GNCAP ने इस कार को वयस्क और बच्चों, दोनों के लिए 5-स्टार रेटिंग दी है।

असेसमेंट में इसे एडल्ट सेफ्टी के लिए 34 अंकों में से 28.18 अंक दिए गए हैं और बच्चों के लिए 49 अंकों में से 42 अंक दिए गए हैं। Global NCAP ने पाया कि चालक और यात्री के सिर और गर्दन की सेफ्टी 'अच्छी' है।
बता दें कि हुंडई वरना के बेसिक पैसिव सेफ्टी स्पेसिफिकेशन वाले मॉडल का टेस्ट किया गया था। जिसमें 6 एयरबैग ईएससी स्टैंडर्ड तौर पर है, इसके स्टैंडर्ड सेफ्टी किट में ईबीडी की सुविधा दी गई है।

वहीं एबीएस के साथ-साथ रिवर्स पार्किंग सेंसर, ऑटो हेडलैंप, आइसोफिक्स, टाइमर के साथ रियर डिफॉगर, इम्पैक्ट सेंसिंग डोर अनलॉक और हाइट एडजस्टमेंट ड्राइवर सीट भी शामिल है। Hyundai Verna लुक्स और सेफ्टी दोनों मामले में एक शानदार कार है।
Hyundai Verna के नए मॅाडल में असिस्ट कंट्रोल, व्हीकल स्टेबिलिटी कंट्रोल, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम, फ्रंट पार्किंग सेंसर और गाइडलाइन्स के साथ रियर पार्किंग कैमरा से लैस किया गया है।

साथ ही रेंजिंग-टॉपिंग SX (O) में ADAS तकनीक और रियर डिस्क ब्रेक की भी सुविधा दी गई हैं। Hyundai Verna के नए वैरिएंट में दो इंजन ऑप्शन मिलते हैं, इनमें 1.5L NA पेट्रोल 115bhp और 144Nm पावर जेनरेट करता है।
इसमें 6-स्पीड मैनुअल और iVT ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का ऑप्शन दिया गया है। वहीं 1.5L टर्बो पेट्रोल इंजन 160bhp और 253Nm जनरेट करता है, जो 6-स्पीड मैनुअल और 7-स्पीड DCT ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन से जुड़ा हुआ है।
हुंडई वरना 5 स्टार स्कोर पाने वाली पहली हुंडई कार है। ये सेडान कार ड्राइवर के सिर और गर्दन की सुरक्षा के लिहाज से अच्छी है। इसके अलावा ड्राइवर और पैसेंजर के घुटनों की भी सुरक्षा मानकों पर फिट है।
सेफ्टी के मामले में वरना का मुकाबला फॉक्सवैगन वर्टस और स्कोडा स्लाविया जैसी गाड़ियों से है, जिन्हें जीएनकैप में 5 स्टार रेटिंग मिली हुई है।
वहीं अब भारत एनकैप की शुरुआत आधिकारिक तौर पर की जा चुकी है। जिसके तहत देश में बनने वाली गाड़ियों को सेफ्टी रेटिंग के लिए GNCAP जैसी संस्थाओं के पास जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। अब गाड़ियों को सेफ्टी रेटिंग देने का काम भारत की संस्था Bharat NCAP खुद करेगी।
Bharat NCAP अक्टूबर 2023 से पूरे देश में लागू हो चुका है। भारत ऐसा करने वाला 5वां देश बन गया, इससे पहले अमेरिका, चीन, जापान और साउथ कोरिया में इस तरह की संस्था कार्यरत है।


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