EV Sale: इलेक्ट्रिक व्हीकल का हब बना तमिलनाडु! जनवरी से सितंबर के बीच 4 लाख से अधिक EV की हुई बिक्री
इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री के मामले में तमिलनाडु ने एक नई मिशाल कायम की है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से सितंबर (2023 ) के बीच यहां करीब 4 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हुई है।
पूरे भारत में करीब 10 साख EV की सेल की गई है जिसमें अकेले तमिलनाडु में चार लाख EV बेची गई। गौरतलब है कि तमिलनाडु इलेक्ट्रिक व्हीकल हब बनने की पूरी तैयारी में है।

रिपोर्ट्स की मानें तो साल 2050 तक इलेक्ट्रिक वाहनों के मेन्यूफैक्चर में 50,000 करोड़ का इंवेस्टमेंट हो सकता है जिससे लाखों की संख्या में रोजगार पैदा होंगे और इससे अर्थव्यवस्था को बड़ी छलांग मिलेगी।
सड़क और परिवहन मंत्रालय के आंकड़े के मुताबिक पूरे देश में 10,44,600 इलेक्ट्रिक व्हीकल को रजिस्टर किया गया था जिसमें से 4,14,802 इलेक्ट्रिक व्हीकल सितंबर के महीने में तमिलनाडु में बेचे गए।

केंद्र सरकार और तमिलनाडु सरकार लगातार पहल कर रही है पेट्रोल- डीज़ल वाले ईंधन वाहनों की जगह EV का अधिक से अधिक प्रयोग किया जाए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहनों की मैन्युफैक्चरिंग में साल 2025 तक 50,000 करोड़ की इंवेस्टमेंट की संभावना है।
इन डेटा के अनुसार लगभग 1.50 लाख रोजगार सृजन की भी संभावना है। तमिलनाडु सरकार ने अपने बयान में कहा कि आने वाले सालों में हमारा लक्ष्य है कि मैन्युफैक्चरिंग के लगभग 30 प्रतिशत की सेल भारत में की जाए और साथ ही ग्लोबल एक्सपोर्ट में योगदान दिया जाए।

इन वाहन कंपनियों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका: तमिलनाडु में इलेक्ट्रिक वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री में वाहन निर्माता की भी बड़ी भूमिका है। इनमें OLA electric ने 1,75,608 लाख यूनिट, TVS motors ने 1,12,949 लाख यूनिट समेत कई बड़े निर्माता कंपनी शामिल है।
भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल की बिक्री के रास्ते में कुछ चुनौतियां भी है। जिससे कि इसके बाजार का विस्तार पेट्रोल और डीजल व्हीकल्स की तुलना में कठिन है। इनमें EV की कीमत और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर महत्वपूर्ण है। भारत में अभी भी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पर्याप्त सार्वजनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध नहीं है।


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