Elon Musk की Tesla की भारत में एंट्री है मुश्किल! क्रेंद सरकार ने दिया बड़ा बयान, जानें वजह?

दुनिया की बड़ी इलेक्ट्रिक कार निर्माताओं में से एक टेस्ला भारत में प्रवेश करने में अबतक असफल रही है। यह सवाल आपके मन में भी होगा कि टेस्ला भारत में अपना उत्पाद क्यों नहीं बेच रही है?

Tesla की भारतीय ऑटो बाजार की कुल यात्री इलेक्ट्रिक वाहन बिक्री में हिस्सेदारी केवल 2% है। आने वाले वर्षों में इसमें उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। इस सेगमेंट में टाटा मोटर्स वर्तमान में मार्केट लीडर है।

Why Tesla Failed In Indian Market

हुंडई, किआ, महिंद्रा, सिट्रोएन, एमजी, ऑडी, बेंज, बीएमडब्ल्यू और जगुआर के पास कम से कम एक ऑल-इलेक्ट्रिक मॉडल है। भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति भी 2024 के अंत तक अपना पहला पूरी तरह से बैटरी से चलने वाला मॉडल लाएगी।

लेकिन टेस्ला अबतक भारत आने के लिए संघर्ष कर रही है। इसका सबसे बड़ा कारण Tesla Evs की महंगी कीमतें हैं। दरअसल सबसे कम लागत वाली टेस्ला मॉडल 3 ईवी की कीमत लगभग $39,000 रुपये से अधिक है।

Why Tesla Failed In Indian Market

साथ ही, भारत में 70% आयात शुल्क के साथ इसकी कीमत एक मिड-रेंज मर्सिडीज, ऑडी या बीएमडब्ल्यू एसयूवी जितनी हो सकती है। लिहाजा भारत में कंपनी को अपेक्षित मुनाफ़ा दिलाना बहुत मुश्किल है।

इसके अलावा, रॉयटर्स ने पिछले सप्ताह रिपोर्ट दी थी कि टाटा मोटर्स सरकार से आयात कर में कटौती की अनुमति नहीं देने की पैरवी कर रही है। अब सवाल है कि क्या टेस्ला को भारत की ज़रूरत है या भारत को टेस्ला की ज़रूरत है?

दरअसल, अगर टेस्ला कारों का उत्पादन भारत में ही किया जाए तो उसे भारी मुनाफा हो सकता है। फिलहाल भारत का कस्टम सिस्टम इलेक्ट्रिक कारों और हाइड्रोकार्बन-संचालित वाहनों के साथ एक समान रवैया अपनाती है।

सरकार घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए इम्पोर्टेड आइटम्स पर टैरिफ लगाती है। इसके अलावा, इम्पोर्टेड कारों पर इंजन के आकार और लागत पर भी टैक्स सिस्टम लागू है।

हालांकि, केंद्र सरकार ने कहा कि वह देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के इम्पोर्ट के लिए शुल्क रियायतों से छूट देने के किसी प्रस्ताव के बारे में नहीं सोच रही है।

लोकल वैल्यू एडेड कॉस्ट और ईवी इम्पोर्ट के लिए सब्सिडी से संभावित छूट के बारे में सवालों के जवाब में, वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने कहा कि 25,938 करोड़ रुपये के बजटीय आउट-ले के साथ एक प्रोडक्शन लिंक इंसेंटिव योजना शुरू की गई है।

ये ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री के लिए घोषणा की गई। उन्होंने आगे कहा कि भारत में ईवी आयात पर छूट या सब्सिडी का फिलहाल कोई प्रस्ताव का विचार नहीं है।

बता दें कि पिछले दिनों ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि, भारत अमेरिकी वाहन निर्माता टेस्ला के साथ एक समझौते को अंतिम रूप देने के कगार पर है।

जिसके तहत कंपनी अगले साल से देश में अपने इलेक्ट्रिक वाहनों को आयात करने और दो साल की अवधि के भीतर एक फैक्ट्री स्थापित करने की सहूलियत मिलेगी। हालांकि टेस्ला के पास पहले से ही चीन में अपना विशाल मैनुफैक्चरिंग यूनिट है।

वह वहां से आयात करके भारत में बेचने की योजना बना रहा है। लेकिन भारत सरकार ने दृढ़तापूर्वक कहा है कि आयात शुल्क पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। ऐसे में कहा जा सकता है कि टेस्ला भारत में बहुत कम आएगी।

More from Drivespark

Article Published On: Saturday, December 16, 2023, 17:00 [IST]
English summary
Elon musk tesla failed to enter in indian market know reason hindi
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+