भारत एनसीएपी में सबसे पहले हुंडई, मारुति की कारों को किया जाएगा टेस्ट, कंपनियों ने दिखाई रूचि

देश के परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम लॉन्च कर दिया है। यह भारत की खुद की कार सेफ्टी टेस्टिंग प्रोग्राम है और ऐसे में इसका खर्च भी कम आने वाला है। वहीं भारत एनसीएपी के स्टैण्डर्ड को ग्लोबल एनसीएपी के समान रखा गया है।

भारत एनसीएपी के तहत कंपनी अपने से ही कार टेस्ट करने के लिए सबमिट कर सकती है, और टेस्टिंग के बाद इन कारों को एडल्ट ओक्युपेंट प्रोटेक्शन तथा चाइल्ड ओक्युपेंट प्रोटेक्शन के लिए अलग से 1 से 5 के बीच रेटिंग दी जायेगी, जिसमें 1 सबसे कम है।

Maruti Suzuki Grand Vitara

भारत एनसीएपी को लॉन्च करने के दौरान नितिन गडकरी ने कहा कि कई कंपनियों की तरफ से अभी से ही क्रैश टेस्ट के लिए 30 मॉडल सबमिट किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि कार कंपनियां जिस तरह से इसे स्वीकार रही है वह बहुत खुशी की बात है।

यहां तक कि, मारुति सुजुकी यह पुष्टि कर चुकी है कि वह क्रैश टेस्ट के लिए कम से कम 3 मॉडल देने वाली है। अनुमान है कि कंपनी अपने नए तीन मॉडल फ्रोंक्स, जिम्नी व ब्रेजा एसयूवी या ग्रैंड विटारा को टेस्ट के लिए दे सकती है।

Hyundai Exter

इसके साथ ही हुंडई, भारत एनसीएपी में क्रैश टेस्ट के लिए सबसे पहले अपनी नई माइक्रो एसयूवी एक्सटर को दे सकती है। ऐसे में कहा जा सकता है कि जब भारत एनसीएपी का ऑपरेशन शुरू होगा तो टेस्ट किये जाने वाले यह पहले मॉडल्स हो सकते हैं।

वहीं अन्य कंपनियों ने भी इस प्रोग्राम का स्वागत किया है। अभी तक कार निर्माताओं को अपनी कार टेस्ट कराने के लिए भारी देश भेजना पड़ता था, जिसका खर्च करीब 2.5 करोड़ था, लेकिन भारत एनसीएपी में यह खर्च चार गुना कम सिर्फ 60 लाख होगा।

Maruti Suzuki Baleno

ऐसे में महिंद्रा, टाटा मोटर्स, स्कोडा, व फॉक्सवैगन जैसी कंपनियां, जिनके कारों को पहले ही 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिल चुकी है, उन्हें भारत एनसीएपी के तहत क्रैश टेस्ट कराने में भी कोई झिझक नहीं होगी। क्योकि एक की जगह दो टेस्ट में 5-स्टार होना अधिक फायदेमंद है।

भारत एनसीएपी क्रैश टेस्ट प्रोग्राम ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैण्डर्ड एआईएस 197 पर आधारित है। भारत एनसीएपी में वाहन टेस्ट कराने के लिए किस प्रक्रिया से गुजरनी होगी और क्या क्या पैरामीटर्स पर टेस्ट किये जायेंगे, सरकार ने भी इसकी जानकारी दी है।

भारत एनसीएपी भारत में 1 अक्टूबर, 2023 से लागू होने वाली है। भारत एनसीएपी का मुख्य काम 3.5 टन तक वजन वाले वाहनों का रोड सेफ्टी स्टैण्डर्ड बेहतर करना है। माना जा रहा है कि इससे सड़क हादसे में होने वाले मृत्यु में कमी आ सकती है।

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Article Published On: Thursday, August 24, 2023, 10:12 [IST]
English summary
Bharat ncap maruti suzuki hyundai cars to be tested details
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