भारत एनसीएपी क्रैश टेस्ट नियमों का हुआ खुलासा, 1 अक्टूबर को होगी लॉन्च
देश के परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (भारत एनसीएपी) को आज लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही भारत पांचवी देश बन चुकी है जिसके पास खुद का कार क्रैश टेस्ट रेटिंग सिस्टम है, यह 1 अक्टूबर 2023 से लागू होने वाली है।
ग्लोबल एनसीएपी व सड़क परिवहन व हाईवे मंत्रालय ने मिलकर भारत एनसीएपी लाया है। इस प्रोग्राम के तहत टेस्ट किये जाने वाले कारों में भारत एनसीएपी का लोगो होगा तथा एक स्टीकर होगा जो कार के रेटिंग को दर्शायेगा।

नितिन गडकरी ने बताया कि भारत एनसीएपी को अभी तक टेस्टिंग मोड्यूल के लिए 30 से अधिक रिक्वेस्ट मिल चुके है और कहा कि वह यह खुश है कि जिस तरह से इस प्रोग्राम को ऑटोमोटिव इंडस्ट्री में स्वीकार किया जा रहा है।
इसके साथ ही गडकरी ने कहा कि कार सेफ्टी के साथ, रोड इंजीनियरिंग, जो कि एक बड़ी समस्या है, उसपर भी उनके मंत्रालय द्वारा काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रोग्राम के तहत कार को टेस्ट करवाने का खर्चा करीब 60 लाख रुपये है।

वहीं एक कार को अगर बाहर के देश में टेस्ट करवाया जाता है तो उसका खर्चा करीब 2।5 करोड़ रुपये है। जैसे कि पहले ही बताया गया है कि भारत एनसीएपी के टेस्टिंग प्रोटोकॉल को ग्लोबल क्रैश टेस्ट प्रोटोकॉल के समान रखा गया है।
इस प्रोग्राम के तहत टेस्ट किये गये कारों को 1 से 5 के बीच रेटिंग दी जायेगी, जिसमें से 1 सबसे कम है। इसके साथ ही टेस्ट किये गये कारों को एडल्ट यात्रियों व चाइल्ड यात्रियों के लिए अलग-अलग स्टार रेटिंग दी जायेगी।
भारत एनसीएपी क्रैश टेस्ट प्रोग्राम ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैण्डर्ड एआईएस 197 पर आधारित है। भारत एनसीएपी में वाहन टेस्ट कराने के लिए किस प्रक्रिया से गुजरनी होगी और क्या क्या पैरामीटर्स पर टेस्ट किये जायेंगे, सरकार ने भी इसकी जानकारी दी है।
सबसे पहले वाहन निर्माता अपने मॉडल को नोमिनेट करेंगे। इसके बाद भारत एनसीएपी टीम उस मॉडल के फैक्ट्री में विजिट करेंगे और रैंडम सैम्पलिंग के तहत उस मॉडल का बेस वैरिएंट का चुनाव करेंगे। इसके बाद उस वाहन को बीएनसीएपी टेस्ट सेंटर भेजा जाएगा।
उसके बाद इस वाहन को क्रैश टेस्ट किया जाएगा और इस प्रक्रिया को भारत एनसीएपी व वाहन निर्माता के प्रतिनिधि देखेंगे। टेस्ट के परिणाम को कार निर्माता के साथ साझा किया जाएगा। इसके बाद इसे बीएनसीएपी की स्टैंडिंग कमिटी के अप्रूवल के लिए भेजा जाएगा।
बीएनसीएपी की स्टैंडिंग कमिटी के अप्रूवल के बाद, स्टार रेटिंग व क्रैश टेस्ट परिणाम को भारत एनसीएपी द्वारा पब्लिश किया जाएगा और सेन्ट्रल इंस्टीटयूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट द्वार सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।


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