भारत में बनी इस कार को मिली 5 स्टार रेटिंग, एक्सीडेंट में बचाएगी जान
यदि आप कार खरीदने जाते होंगे तो उसकी सुरक्षा का भी जरूर ध्यान रखते होंगे। ऐसे में कार में सेफ्टी रेटिंग की भी अहमियत बढ़ जाती है। इसी से कार की सेफ्टी का पता चलता है।
यही वजह है कि इस समय सभी कार निर्माता कंपनियां कार की सेफ्टी पर ज्यादा जो दें रही हैं। इसी सिलसिले में फॉक्सवैगन की Virtus को लेटिन NCAP क्रैश टेस्ट के दौरान 5 स्टार सेफ्टी रेटिंग मिल चुकी है।

जब शुरू में ग्लोबल NCAP ने भारत की कारों के लिए सुरक्षित कारों की पहल शुरू की तो VW पोलो का क्रैश टेस्ट किया गया था। तब इसे 0 स्टार रेटिंग मिली, ऐसा इसलिए क्योंकि बेस वैरिएंट बिना एयरबैग के आता था। इसके बाद VW ने सुधार करते हुए तुरंत पोलो मॉडल में 2-एयरबैग लगाए।
हाल ही में GNCAP की क्रैश टेस्ट में VW Taigun और Skoda Kushaq 5-स्टार रेटिंग मिली थी। इस क्रम में फॉक्सवैगन की वर्टस का भी लैटिन NCAP ने क्रैश टेस्ट किया, इसे दौरान इसे 5-स्टार रेटिंग हासिल हुई है।

लैटिन NCAP ने 64 किमी/घंटा की स्पीड पर फ्रंट ऑफसेट डिफॉर्मेबल बैरियर टेस्ट, 50 किमी/घंटा की स्पीड पर साइड मोबाइल बैरियर टेस्ट, 29 किमी/घंटा की स्पीड पर साइड पोल इम्पैक्ट टेस्ट, पैदल यात्री वयस्क और 40 किमी/घंटा पर बोनट टेस्टिंग के लिए बच्चे के सिर की टेस्टिंग की थी।
जिसमें पता चला कि ड्राइवर और यात्री के सिर और गर्दन को दी जाने वाली सेफ्टी काफी अच्छी थी। चालक के सीने को पर्याप्त सुरक्षा मिली और यात्री के सीने को अच्छी सुरक्षा मिली। चालक और यात्री दोनों के घुटनों के पास बेहतर सेफ्टी दिखी।

AEB सिटी टेस्टिंग से पता चलता है कि कार AEB सिटी लैटिन NCAP टेक्नोलॉजी की जरूरत को पूरा करती है। रेस्क्यू शीट लैटिन NCAP मानदंड को पूरा करती है। गौरतलब है कि भारत की Virtus में ADAS फीचर नहीं मिलता है।
इसमें ऑटो इमरजेंसी ब्रेकिंग जैसे एक्टिव सेफ्टी सिस्टम की कमी है, जो लैटिन-स्पेक न्यू वर्चुस के साथ आया था। हालांकि, GNCAP या भारत NCAP क्रैश-टेस्ट में वर्टस के स्कोर में बदलाव देखने को मिल सकता है।


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