Volkswagen T-Cross का भारत से आयात किया गया शुरू, इस देश भेजे गये 1232 यूनिट
Volkswagen T-Cross का भारत से आयात शुरू कर दिया गया है, कंपनी ने पहली खेप के साथ मेक्सिको में 1232 यूनिट भेजी गयी है. यह कंपनी की एमक्यूबी-ए0-आईएन प्लेटफॉर्म पर भारत में तैयार की गयी पहली मॉडल है जिसका आयात किया गया है। बतातें चले कि फॉक्सवैगन ग्रुप दुनिया के 61 देशों में भारत से आयात करती है. कंपनी ने 2011 में आयात शुरू किया था।

Volkswagen ने भारत से पहली बार वेंटो को आयात किया था जिसे दक्षिण अफ्रीका के बाजार में भेजा गया है, इसकी 6,256 यूनिट भेजी गयी थी। इसके बाद कंपनी ने एक्सपोर्ट जारी रखा और अब तक 61 देशों में भेजा जा रहा है, कंपनी दिसंबर 2021 तक 545,653 यूनिट भेजी जा चुकी है और कंपनी के लिए मेक्सिको एक बड़ा बाजार है। हालांकि कंपनी घरेलू व एक्सपोर्ट बाजार के बीच संतुलन बना रही है.

Volkswagen ने अपनी T-ROC की बुकिंग लेनी नवंबर में बंद कर दिया था, कंपनी ने इसे सिर्फ एक वैरिएंट में उपलब्ध कराया गया है, इसकी कीमत 21.35 लाख रुपये र्की गयी है। Volkswagen T-ROC के सेकंड बैच को मई 2021 महीने में लाया गया था और अब यह पूरी तरह से बिक गयी है। इसके पहले यह एक ही महीने के भीतर बिक गयी थी और कुछ महीनों बाद दूसरे बैच को लाया गया था।

फॉक्सवैगन टी-रॉक को सबसे पहले ऑटो एक्सपो 2020 में पेश किया गया था और उस समय ही ग्राहकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी, इस वजह से इसे बाजार में लाया गया था। फॉक्सवैगन टी-रॉक के एक्सटीरियर की बात करें तो कंपनी ने इस कार में हेक्सागोनल ग्रिल, एलईडी हेडलाइट और एलईडी डीआरएल दिए गए हैं। कंपनी ने इस कार में ड्यूल टोन बंपर इस्तेमाल किया है और सामने फॉगलैंप भी दिए गए हैं।

इसके इंटीरियर की बात की जाए तो कंपनी ने फॉक्सवैगन टी-रॉक में 3 स्पोक स्टीयरिंग व्हील और डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के साथ एक टचस्क्रीन इंफोटेंमेंट सिस्टम दिया है। इसके अलावा कंपनी ने इस कार में प्रीमियम लेदर अपहोस्ट्री दी है। सुरक्षा के लिहाज से टी-रॉक में 6 एयरबैग, एबीएस, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, ट्रैक्शन कंट्रोल, रिवर्स पार्किंग कैमरा, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम दिए गए हैं। कार में पैनारोमिक सनरूफ, ऑटोमेटिक क्लाइमेट कंट्रोल, की-लेस एंट्री व इंजन स्टार्ट/स्टॉप बटन जैसे फीचर्स भी मिलते हैं।

भारतीय बाजार में टी-रॉक को 1.5-लीटर बीएस6 पेट्रोल इंजन में उतारा गया है। यह इंजन 150 बीएचपी की पॉवर और 250 न्यूटन मीटर का टॉर्क उत्पन्न करता है। इसमें 7 स्पीड डीएसजी डुअल क्लच ऑटोमेटिक गियरबॉक्स लगाया गया है। इस कार के आकर्षक डिजाईन, बेहतरीन फीचर्स व अच्छे इंजन की वजह से ग्राहक इसे खूब पसंद कर रहे हैं।

फॉक्सवैगन ग्रुप भारतीय बाजार में 2022 में दशक की सबसे अधिक बिक्री का अनुमान लगा रही है, कंपनी 2020 के मुकाबले 2021 में 75 - 80 प्रतिशत अधिक बिक्री का अनुमान लगा रही है। वहीं अगले साल फॉक्सवैगन ग्रुप 18 नए मॉडल्स लॉन्च करने वाली है जिस वजह से 2022 में दोगुनी बिक्री का अनुमान लगा रही है। ऐसे में ग्रुप की बिक्री 100,000 यूनिट प्रतिवर्ष के पार हो सकती है।

कंपनी ने इंडिया 2.0 योजना के तहत 7500 करोड़ रुपये का निवेश किया है और इसका परिणाम अब दिखने लगा है जिस वजह से इस साल बिक्री शानदार रही है। कंपनी अपने योजना के तहत 2025 तक भारतीय बाजार में 5 प्रतिशत मार्केट शेयर प्राप्त करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। अधिक बिक्री से कंपनी का ऑपरेशन भी स्थिर रहने वाला है जिस वजह से 2022 की अगली तिमाही तक पुणे प्लांट में कई सालों बाद तीसरे शिफ्ट की शुरुआत करने वाली है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
Volkswagen T-Cross को दुनिया के कई अन्य देशों में भी शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है जिस वजह से कंपनी ने इसे अन्य देशों में भेजना शुरू कर दिया है। कंपनी इसके माध्यम से अपने आयात को और भी बढ़ाना चाहती है।


Click it and Unblock the Notifications








