Volkswagen Polo की हुई विदाई, Legend Edition हुई भारत में लॉन्च
Volkswagen Polo को 12 साल बाद भारतीय बाजार में बंद किया जा रहा है, इसे बंद किये जाने से पहले कंपनी ने Polo का Legend Edition ला दिया गया है। कंपनी ने इस हैचबैक GT TSI वैरिएंट में उपलब्ध करा दिया है, इसे सीमित यूनिट में उपलब्ध कराया गया है और इसे कंपनी के 151 डीलरशिप में उपलब्ध कराया गया है, इसे कई बदलावों के साथ लाया गया है।

Polo को भारतीय बाजार में लाये 12 साल हो चुके हैं, इसका उत्पादन 2009 में शुरू किया गया था और 2010 में इसे लॉन्च किया गया था। यह कंपनी की पुणे स्थित चाकन प्लांट में उत्पादित होने वाली पहली मॉडल थी। यह अपनी शानदार डिजाईन, बेहतरीन सेफ्टी व अच्छे परफोर्मेंस के लिए जानी जाती है और अब भारतीय ग्राहकों के बीच एक अलग पहचान बना चुकी है।

अब तक 3 लाख यूनिट भारतीय बाजार में बेचीं जा चुकी है, यह कंपनी की सबसे सदल मॉडल में से एक है। पोलो भारत में बनी उन मॉडल में से एक है जिनमें डुअल एयरबैग स्टैण्डर्ड रूप से दिया गया है। इसे 2014 में ग्लोबल एनसीएपी में 4-स्टार सेफ्टी रेटिंग प्राप्त हुई थी, यह अब भी देश की सबसे सुरक्षित कार में से एक है।

Volkswagen Polo Legend Edition में 1.0 लीटर टीएसआई इंजन दिया गया है जो 6 स्पीड ऑटोमेटिक टार्क कन्वर्टर गियरबॉक्स दिया गया है, यह 110 बीएचपी का पॉवर व 175 न्यूटन मीटर का टार्क प्रदान करता है। कंपनी का दावा है कि यह शानदार ड्राइविंग अनुभव प्रदान करता है और टीएसआई तकनीक व माइलेज के बीच अच्छा संतुलन प्रदान करता है।

इस खास वैरिएंट की बात करें तो इसके फेंडर व बूट बैज में लेजेंड का बैज दिया गया है। यह साइड बॉडी ग्राफिक्स, ब्लैक ट्रंक गार्निश, ब्लैक रूफ फॉयल के साथ आता है जो इस कार को स्पोर्टी लुक देता है। कंपनी ने इस बात की जानकारी नहीं दी है कि Polo की जगह पर नया मॉडल लाया जायेगा या नहीं। Volkswagen आने वाले महीनों में अपने भारतीय लाइनअप में कई बदलाव करने बाली है और इनमें कई मॉडल जोड़े जायेंगे।

Polo अभी भी भारतीय ग्राहकों के बीच लोकप्रिय है और अपनी एक अलग पहचान बना चुकी है और ऐसे में इसकी लोकप्रियता को भुनाने के लिए कंपनी इसकी जगह पर एमक्यूबी ए0 आईएन प्लेटफॉर्म पर आधारित मॉडल ला सकती है। सूत्रों की माने तो कंपनी सातवें जनरेशन पोलो को भारतीय बाजार में ला सकती है, हालांकि सब 4-मीटर टैक्स नियमों को ध्यान में रखते हुए कंपनी इसमें कई बड़े बदलाव कर सकती है।

फॉक्सवैगन पोलो दो पेट्रोल इंजन विकल्पों के साथ उपलब्ध है। पहला इंजन 1.0-लीटर, तीन-सिलेंडर MPI यूनिट है जो 76 बीएचपी का पॉवर जनरेट करता है। इस इंजन के साथ केवल 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स मिलता है। यह इंजन केवल एंट्री-लेवल ट्रेंडलाइन और कम्फर्टलाइन ट्रिम्स में उपलब्ध है। दूसरा, 1.0-लीटर, 3-सिलेंडर TSI टर्बो-पेट्रोल इंजन है जो 110 बीएचपी का पॉवर जनरेट करता है। इस इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स उपलब्ध है।

फॉक्सवैगन पोलो में एंड्राइड ऑटो और एप्पल कारप्ले के साथ टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, मल्टी फंक्शन स्टीयरिंग व्हील, ऑटो रेन सेंसिंग वाईपर, क्रूज कंट्रोल, रियर ऐसी वेंट्स समते कई फीचर्स दिए गए हैं। फॉक्सवैगन पोलो 5 रंगों में उपलब्ध की गई है जिसमें फ्लैश रेड, सनसेट रेड, कैंडी व्हाइट और कार्बन स्टील शामिल है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
फॉक्सवैगन पोलो अब एक खास पहचान बना चुकी है और ऐसे में कंपनी भले ही इसे बंद कर रही है लेकिन इसके नए जनरेशन मॉडल को लाया जा सकता है। हालांकि उसके पहले इसके याद में खास एडिशन को लाया गया है ताकि इसके चाहने वाले इसे खरीद सके।


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