Vehicle Sales March 2022: पैसेंजर वाहन की बिक्री हुई बेहतर, कमर्शियल वाहनों की बिक्री हुई बेहतर
मार्च 2022 में वाहनों के बिक्री के आंकड़ें आ गये हैं, पैसेंजर वाहन, कमर्शियल वाहनों को छोड़कर सभी सेगमेंट में गिरावट दर्ज की गयी है। सेमीकंडक्टर की कमी के बावजूद पैसेंजर वाहन सेगमेंट की बिक्री अच्छी रही है, दोपहिया सेगमेंट अभी भी लगातार गिरते जा रहा और कई महीनों के बाद अब भी स्थिति बेहतर नहीं हो पायी है। जहां पैसेंजर वाहन की बिक्री में बढ़त दर्ज की गयी है, दोपहिया की बिक्री स्थिति वैसे ही बनी हुई है।

पैसेंजर वाहन सेगमेंट
मारुति सुजुकी ने मार्च महीने में 1,33,861 यूनिट वाहन अपने डीलर्स को भेजे हैं जो कि पिछले साल के मुकाबले 8% कम है। दूसरे स्थान पर फिर से हुंडई है, इसकी बिक्री में 15% की कमी दर्ज की गयी है। वहीं टाटा मोटर्स ने डीलर्स को बीते महीने 42% अधिक वाहन भेजे हैं। इसके बाद महिंद्रा व किया रही है, इनकी बिक्री में क्रमशः 65% की वृद्धि व 18% की वृद्धि दर्ज की गयी है।

जहां बीता महीना भारतीय में मारुति सुजुकी, हुंडई, होंडा, रेनॉल्ट के लिए अच्छा नहीं रहा है, वहीं टाटा मोटर्स के साथ किया मोटर्स, महिंद्रा व स्कोडा जैसी कंपनियों की बिक्री शानदार रही है। कंपनियों ने जानकारी दी है कि चिप की कमी के चलते उत्पादन में कमी आई है जिसके फलस्वरूप डिलीवरी भी अनुमान के अनुरूप नहीं किये जा सके, हालांकि कंपनियों को बुकिंग अच्छी मिल रही है।

बीते महीने कुल 3.21 लाख वाहन डीलर्स को डिस्पैच किये गये हैं जो कि पिछले मार्च के 3.20 लाख यूनिट के मुकाबले 0.33% अधिक है। बतातें चले कि चिप की कमी की वजह से सभी कंपनियां प्रभावित हुई है लेकिन टाटा अपने सहयोगी कंपनी से मिलकर इस समस्या को दूर करने में लगी हुई है, जिस वजह से कंपनी ने बीते महीने तीसरे सबसे अधिक वाहन की बिक्री की है।

दोपहिया सेगमेंट
वर्तमान में दोपहिया सेगमेंट की स्थिति पहले जैसे ही बनी हुई है। बीते महीने इस सेगमेंट में 11,38,561 यूनिट डीलर्स को भेजे गये हैं जो कि पिछले साल के मुकाबले 21% कम है। इस सेगमेंट की सभी बड़ी कंपनियों की बिक्री में भारी कमी दर्ज की गयी है और इसका सीधा कारण मांग में कमी है। पेट्रोल के बढ़ते दामों की वजह से दोपहिया ग्राहक सबसे अधिक प्रभावित हुए है।

ऐसे में लोग अब दोपहिया खरीदने से बच रहे हैं, इसका साफ असर हीरो, होंडा मोटरसाइकिल व टीवीएस के आंकड़ों में देखा जा सकता है। बतातें चले कि देश में दोपहिया बिक्री की स्थिति बेहतर नहीं हो पायी है तथा पिछले दो साल से बिक्री कम हो रही है। इस सेगमेंट में औसतन 14 लाख वाहनों की बिक्री की जाती थी जो कि अब प्रतिमाह 11 लाख यूनिट पर आ गयी है।

कमर्शियल वाहन सेगमेंट
लंबे समय से बिक्री की कमी से जूझने के बाद यह सेगमेंट धीरे धीरे बेहतर हो रहा है। बीते महीने इस सेगमेंट में 19% अधिक वाहन डीलर्स को भेजे गये हैं, सभी कंपनियों की बिक्री में बढ़त दर्ज की गयी है। इस सेगमेंट में पिछले महीने कुल 90,969 यूनिट डीलर्स को भेजे गये हैं, हालांकि इस सेगमेंट की भी स्थिति उतनी बेहतर नहीं हो पायी है।

देश में ऑटो बाजार की हालत खस्ता हो चुकी है, इसमें नए वाहन खरीदने से लोग बच रहे हैं। वाहनों की कीमत में भारी इजाफा होने की वजह से लोग सेकंड हैंड वाहनों को तरजीह दे रहे हैं, वहीं फ्यूल की बढ़ती कीमत की वजह से दोपहिया सेगमेंट वाले इलेक्ट्रिक वाहनों का रुख कर रहे हैं जिस वजह से फरवरी महीने में इनकी शानदार बिक्री हुई है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
जहां पैसेंजर वाहनों की बिक्री पटरी पर आ गयी है, वहीं कमर्शियल वाहनों की बिक्री शानदार चल रही है लेकिन दोपहिया सेगमेंट अभी भी एक चुनौती बना हुआ है। बड़े डिस्काउंट के बावजूद भी बिक्री में बढ़त नहीं हो पायी है, अब देखना होगा कंपनियां इससे कैसे उबरती है।


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