Vehicle Sales December 2021: पैसेंजर वाहन, दोपहिया सेगमेंट में आई गिरावट, कमर्शियल वाहनों की बढ़ी बिक्री
दिसंबर में डीलर्स को भेजे गये वाहनों की जानकारी सामने आ गयी है, दिसंबर महीने में पैसेंजर वाहन व दोपहिया सेगमेंट में गिरावट दर्ज की गयी है, वहीं कमर्शियल वाहनों की बिक्री में धीरे-धीरे बढ़त हो रही है। सेमीकंडक्टर की कमी की वजह से पैसेंजर वाहन सेगमेंट में कमी आई है, दोपहिया सेगमेंट अभी भी लगातार गिरते जा रहा है। हालांकि दोपहिया सेगमेंट के होंडा मोटरसाइकिल के आंकड़ें सामने नहीं आये हैं।

पैसेंजर वाहन सेगमेंट
मारुति सुजुकी ने अक्टूबर महीने में 1,23,016 यूनिट वाहन अपने डीलर्स को भेजे हैं जो कि पिछले साल के मुकाबले 12% कम है। सबसे बड़ा बदलाव दूसरे स्थान पर देखनें को मिला है और टाटा मोटर्स दूसरे स्थान पर रही है, इसकी बिक्री में 50 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गयी है। वहीं हुंडई ने डीलर्स को बीते महीने 32% कम वाहन भेजे हैं। इसके बाद महिंद्रा व टोयोटा रही है, इनकी बिक्री में क्रमशः 10% व 44% की वृद्धि दर्ज की गयी है।

जहां बीता महीना भारतीय में निसान, फॉक्सवैगन, स्कोडा, एफसीए के लिए अच्छा रहा है, वहीं मारुति सुजुकी व हुंडई के साथ साथ किया मोटर्स, रेनॉल्ट, होंडा व एमजी मोटर जैसी कंपनियां प्रभावित हुई है। कंपनियों ने जानकारी दी है कि चिप की कमी के चलते उत्पादन में कमी आई है जिसके फलस्वरूप डिलीवरी भी अनुमान के अनुरूप नहीं किये जा सके, हालांकि कंपनियों को बुकिंग अच्छी मिल रही है।

बीते महीने कुल 2.54 लाख वाहन डीलर्स को डिस्पैच किये गये हैं जो कि पिछले दिसंबर के 2.76 लाख यूनिट के मुकाबले 8% कम है। बतातें चले कि चिप की कमी की वजह से सभी कंपनियां प्रभावित हुई है लेकिन टाटा अपने सहयोगी कंपनी से मिलकर इस समस्या को दूर करने में लगी हुई है, अब देखना होगा यह महीना कैसा रहता है।

दोपहिया सेगमेंट
वर्तमान में दोपहिया सेगमेंट की स्थिति पहले जैसे ही बनी हुई है। बीते महीने इस सेगमेंट में 6,87,028 यूनिट डीलर्स को भेजे गये हैं जो कि पिछले साल के मुकाबले 13% कम है। इस सेगमेंट की सभी बड़ी कंपनियों की बिक्री में भारी कमी दर्ज की गयी है और इसका सीधा कारण मांग में कमी है। पेट्रोल के बढ़ते दामों की वजह से दोपहिया ग्राहक सबसे अधिक प्रभावित हुए है।

ऐसे में लोग अब दोपहिया खरीदने से बच रहे हैं, इसका साफ असर हीरो व टीवीएस के आंकड़ों में देखा जा सकता है। हालांकि होंडा मोटरसाइकिल की जानकारी सामने नहीं आई है। बतातें चले कि देश में दोपहिया बिक्री की स्थिति बेहतर नहीं हो पायी है तथा पिछले दो साल से बिक्री कम हो रही है।

कमर्शियल वाहन सेगमेंट
लंबे समय से बिक्री की कमी से जूझने के बाद यह सेगमेंट धीरे धीरे बेहतर हो रहा है। बीते महीने इस सेगमेंट में 6% अधिक वाहन डीलर्स को भेजे गये हैं, अशोक लेलैंड को छोड़कर बाकि कंपनियों की बिक्री में बढ़त दर्ज की गयी है। इस सेगमेंट में पिछले महीने कुल 63,783 यूनिट डीलर्स को भेजे गये हैं, हालांकि इस सेगमेंट की भी स्थिति उतनी बेहतर नहीं हो पायी है।

देश में ऑटो बाजार की हालत खस्ता हो चुकी है, इसमें नए वाहन खरीदने से लोग बच रहे हैं। वाहनों की कीमत में भारी इजाफा होने की वजह से लोग सेकंड हैंड वाहनों को तरजीह दे रहे हैं, वहीं फ्यूल की बढ़ती कीमत की वजह से दोपहिया सेगमेंट वाले इलेक्ट्रिक वाहनों का रुख कर रहे हैं लेकिन यह अभी भी उतनी ऊंचाई नहीं प्राप्त कर पाया है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
भारतीय बाजार धीरे-धीरे कोविड के प्रभाव से थोड़ा संभला ही था कि चिप की कमी हो गयी है जिस वजह से मांग की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। वहीं दोपहिया और पैसेंजर वाहन सेगमेंट की स्थिति चिंताजनक है, आने वाले महीनों में भी यह स्थिति रह सकती है। अब तीसरे लहर के आने के बाद फिर से बिक्री में कमी आ सकती है।


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