परिवहन मंत्री नितिन गडकरी हाइड्रोजन से चलने वाली कार से पहुंचे संसद, जानें इस कार की खूबियां
परिवहन मंत्री नितिन गडकरी आज मिराई नाम की हाइड्रोजन से चलने वाली कार से संसद पहुंचे. यह एक पायलट प्रोजेक्ट कार है जिसे कुछ दिन पहले ही उन्होंने लॉन्च किया था. इस अवसर पर गडकरी ने कहा कि आत्मनिर्भर बनने की दिशा में ग्रीन हाइड्रोजन को पेश किया है जिसे पानी से तैयार किया जाता है. बतातें चले कि यह कार टोयोटा कंपनी द्वारा तैयार की गयी है.

गडकरी ने आगे कहा कि "यह कार पायलट प्रोजेक्ट है. अब देश में ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन शुरू किया जाएगा, निर्यात बंद किया जाएगा और नए काम के अवसर इससे उत्पन्न होंगे." टोयोटा मिराई पूरी तरह हाइड्रोजन से चलने वाली दुनिया की पहली इलेक्ट्रिक कार है। यह कार हाइड्रोजन आधारित उन्नत ईंधन सेल इलेक्ट्रिक वाहनों (FCEV) की व्यवहार्यता का परीक्षण करने के लिए शुरू किये गए एक पायलट परियोजना के तहत लॉन्च की गई है।

उन्होंने आगे कहा कि "भारत सरकार ने 3000 करोड़ रुपये की मिशन की शुरुआत की है और जल्द ही भारत ऐसा देश बनेगा जो ग्रीन हाइड्रोजन को बाहर भेजेगा. जहां पर कोयले का उपयोग हो रहा है वहां पर ग्रीन हाइड्रोजन का उपयोग किया जाएगा." मिराई हाइड्रोजन कार की अगली जनरेशन मॉडल को पूरी तरह भारत में बनाया जाएगा। यह टोयोटा किर्लोस्कर मोटर्स के कर्नाटक स्थित प्लांट में बनाई जाएगी। बता दें कि टोयोटा मिराई के अवधारणा मॉडल को वर्ष 2020 में पेश किया गया था।

टोयोटा मिराई के हाइड्रोजन टैंक को केवल 5 मिनट में पूरी तरह भरा जा सकता है। फुल टैंक हाइड्रोजन पर यह 646 किलोमीटर तक चलाई जा सकती है। इलेक्ट्रिक वाहनों की तरह हाइड्रोजन से चलने वाली टोयोटा मिराई शून्य उत्सर्जन करती है। टोयोटा मिराई सेडान हाई प्रेशर हाइड्रोजन फ्यूल टैंक के साथ आती है।

इस कार का इंजन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की प्रतिक्रिया से उत्पन्न ऊर्जा को बिजली में बदल देता है, जिससे कार में लगे इलेक्ट्रिक मोटर को ऊर्जा मिलती है। इस प्रतिक्रिया से पानी का भाप उत्पन्न होता है जो कार के एग्जॉस्ट पाइप से बाहर निकल जाता है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, ग्रीन हाइड्रोजन द्वारा संचालित परिवहन भविष्य का एक महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी विकल्प होने जा रहा है, विशेष रूप से यह कारों, बसों, ट्रकों, जहाजों और ट्रेनों और मध्यम से लंबी दूरी के लिए चलने वाले वाहनों के लिए सबसे उपयुक्त है।

बढ़ रही इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है और इसके लिए चार्जिंग स्टेशनों के नेटवर्क का भी विकास किया जा रहा है। केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्य सभा को एक लिखित उत्तर में सूचित किया कि देश में 10.60 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण किया जा चुका है। उन्होंने चार्जिंग नेटवर्क के आंकड़ों को साझा करते हुए कहा कि देश में 1,742 चार्जिंग स्टेशन परिचालन मे हैं।

गडकरी ने कहा कि कॉन्ट्रैक्टरों को हाईवे पर चार्जिंग स्टेशन, सड़क किनारे मिलने वाली सुविधा के तौर पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ऐसी 39 परियोजनाओं का विकास कर रहा है जहां इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए हाईवे के किनारे फास्ट चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध होगी।

उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि केंद्रीय सड़क एवं आधारभूत ढांचा फंड (सीआरआईएफ) और अंतर्राज्यीय सड़क परियोजनाओं (सीआरआईएफ) के तहत परियोजनाओं के लिए क्रमशः 20,268.45 करोड़ और 1,189.94 करोड़ रुपये की राशि की स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं को तीन वर्षों के भीतर पूरा किया जाएगा।

ड्राइवस्पार्क के विचार
यह हाइड्रोजन से चलने वाली पहली इलेक्ट्रिक कार है और यह मौजूदा बैटरी वाली इलेक्ट्रिक कारों का शानदार विकल्प हो सकती है। भारत में इसके इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने की जरूरत है, सरकार भी इस दिशा में काम कर रही ही।


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