चिप की कमी अब भी कार कंपनियों को कर रही है परेशान, टोयोटा ने अपनी नई कारों से हटाया एक स्मार्ट की
कोरोना महामारी के प्रभाव से वैश्विक ऑटोमोबाइल कंपनियां अभी तक बाहर नहीं निकल पाई हैं। माहमारी के प्रभाव से सेमीकंडक्टर की वैश्विक आपूर्ति में कमी आई है जिससे वाहन कंपनियों के पास चिप की कमी हो गई है। चिप की कमी का हल निकालने के लिए वाहन कंपनियों ने अपनी गाड़ियों के कुछ फीचर्स में कमी करना शुरू कर दिया है।

ऐसे में वैश्विक कार निर्माता टोयोटा ने भी अपनी कारों के कुछ फीचर्स में कटौती कर रही है। कंपनी जापान में बेची जा रही नई कारों में दो इलेक्ट्रिक की के बजाय अब एक ही इलेक्ट्रॉनिक की दे रही है। कंपनी एक इलेक्ट्रॉनिक की के जगह साधारण की दे रही है। इस तरह सभी नई कारों के साथ एक पारंपरिक चाबी के साथ एक इलेक्ट्रॉनिक के दी जा रही है।

टोयोटा ने एक बयान में कहा कि सेमीकंडक्टर की कमी के चलते उसकी गाड़ियों पर वेटिंग पीरियड बढ़ रहा है। ऐसे में कंपनी ने ग्राहकों को जल्द से जल्द कार की डिलीवरी करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक की को पारंपरिक की से बदलने का तरीका निकाला है। टोयोटा ने ग्राहकों को हो रही असुविधा के लिए खेद भी प्रकट किया है।

टोयोटा ने यह भी कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक की का इंतजाम होते ही वह ग्राहकों को सौंप देगी। चिप की वैश्विक कमी ने कार उत्पादन और शिपमेंट को धीमा कर दिया है। कई खरीदारों को अपनी कार की डिलीवरी लेने के लिए महीनों का इंतजार करना पड़ रहा है।

माहमारी से बाहर निकलने के बाद भी टोयोटा आपूर्ति और उत्पादन की कई समस्याओं से जूझ रही है। पिछले हफ्ते, टोयोटा ने चेतावनी दी थी कि वह 90 लाख वाहनों का निर्माण करने में असमर्थ होगी, जिसका उसने चालू कारोबारी वर्ष के लिए शुरू में अनुमान लगाया था। भारत में भी सेमीकंडक्टर की कमी से मारुति, हुंडई, महिंद्रा और टाटा मोटर्स जैसी कंपनियों की कारें ग्राहकों को समय पर नहीं मिल रही थीं।

टोयोटा की बात करें तो कंपनी भारत में अच्छा कारोबार कर रही है। कंपनी ने सितंबर 2022 में भारतीय बाजार में कुल 15,378 यूनिट वाहनों की बिक्री की है। इसके साथ ही कंपनी ने साल-दर-साल की बिक्री में 68% की वृद्धि दर्ज कराई है। कंपनी पिछले साल सितंबर में 9,284 यूनिट पैसेंजर वाहनों की बिक्री की थी।

इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल से सितंबर 2022 की अवधि में संचयी थोक बिक्री में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 68% की अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है, जो टोयोटा की बिक्री के और भी मजबूत होने की ओर इशारा कर रही है।

टोयोटा की बात करें तो, कंपनी ने हाल ही में अपनी पहली स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड एसयूवी, टोयोटा हाईराइडर को लॉन्च किया है। कंपनी ने अपनी ने एसयूवी को 10.48-18.99 लाख रुपए (एक्स-शोरूम) की कीमत पर उपलब्ध किया है। हाईराइडर को दो इंजन में माइल्ड हाइब्रिड और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड विकल्प के साथ उपलब्ध किया गया है।

पहला इंजन 1.5-लीटर K15C पेट्रोल इंजन है जिसके साथ कंपनी माइल्ड हाइब्रिड और स्ट्राॅन्ग हाइब्रिड सिस्टम का विकल्प दे रही है। इसका माइल्ड हाइब्रिड संस्करण 103 बीएचपी की पाॅवर और 137 एनएम का टॉर्क पैदा करता है, जबकि स्ट्राॅन्ग हाइब्रिड संस्करण 116 बीएचपी की पॉवर जनरेट करता है। माइल्ड हाइब्रिड संस्करणों को 5-स्पीड मैनुअल व 6-स्पीड ऑटोमेटिक गियरबॉक्स के साथ उपलब्ध किया गया है। इसमें फ्रंट व्हील व ऑल व्हील ड्राइव दोनों का विकल्प उपलब्ध है।


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