टाटा पंच के इस वैरिएंट से हटा पेट्रोल बचाने वाला फीचर, जानें विस्तार से
टाटा मोटर्स की सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों में से एक बन गई है। यह सुरक्षा के मामले ग्लोबल एनकैप (GNCAP) क्रैश टेस्ट में 5-स्टार रेटिंग मिली है। 5-स्टार रेटिंग के मामले में यह कार सबसे किफायती एसयूवी है। कारों की कीमतें लगातार बढ़ती लागत की वजह आसमान पर पहुंच गई हैं। जिसकी वजह से कार बनाने वाली कंपनियां कारों के फीचर्स में कटौती कर रही है। कुछ ऐसे ही मामला पंच के बेस प्योर ट्रिम में देखने को मिला है। तो आइए एक नजर डालते हैं कि आखिर इसमें किस फीचर को हटा दिया गया है।

पंच देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली टॉप-10 कारों की लिस्ट में भी शामिल हो चुकी है। इसकी वेटिंग पीरियड भी 24 से 28 सप्ताह का है। कंपनी ने इसके बेस वैरिएंट प्योर ट्रिम को अपडेट किया है, जिसके बाद इसमें से इंजन स्टार्ट/स्टॉप फीचर्स को हटा दिया गया है। दरअसल इस फीचर से गाड़ी के खड़े होने पर इंजन बंद हो जाता है, जिससे ईधन की बचत होती है।

हालांकि, इसमें पहले से मिलने वाले अन्य फीचर्स मिलते रहेंगे। बता दें कि इसमें आगे की तरफ दो पावर विंडो मिलती हैं। ओरवीएम पर टर्न इंडिकेटर, ईको मोड दिया गया है। अब बेस वैरिएंट के स्टीयरिंग व्हील के पास सिर्फ ईको मोड स्विच मिलेगा। पहले यही पर स्टार्ट/स्टॉप का फीचर का बटन भी हुआ करता था, जिसको हटा दिया गया है। हालांकि, म्यूजिक सिस्टम को रिदम पैक के साथ चुना जा सकता है।

टाटा मोटर्स ने पंच के साथ काजीरंगा एडिशन और हाल ही में कैमो एडिशन के साथ दो खास वर्जन पेश किए गए हैं । इनके साथ, टाटा अपनी सस्ती पंच हैचबैक के साथ भी व्यक्तित्व की पेशकश कर रहा है। टाटा पंच के इंजन की बात करें तो इसमें 1.2 लीटर, 3-सिलेंडर पेट्रोल मिलता है। यह इंजन 6,000 आरपीएम पर 83 बीएचपी की पावर और 3,300 आरपीएम पर 113 न्यूटन मीटर का पीक टॉर्क जेनरेट करता है।

गियरबॉक्स विकल्पों में 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड एएमटी शामिल हैं। पंच की शुरुआती कीमत 5,92,900 रुपये, एक्सशोरूम से शुरू होती है। इसका मुकाबला सिट्रोएन सी3, निसान मैग्नाइट, रेनॉल्ट काइगर से टक्कर मिलती है।

हालही में वैश्विक कार निर्माता टोयोटा ने भी अपनी कारों के कुछ फीचर्स में कटौती की है। कंपनी जापान में बेची जा रही नई कारों में दो इलेक्ट्रिक की के बजाय अब एक ही इलेक्ट्रॉनिक की दे रही है। कंपनी एक इलेक्ट्रॉनिक की के जगह साधारण की दे रही है। इस तरह सभी नई कारों के साथ एक पारंपरिक चाबी के साथ एक इलेक्ट्रॉनिक के दी जा रही है।

टोयोटा ने एक बयान में कहा कि सेमीकंडक्टर की कमी के चलते उसकी गाड़ियों पर वेटिंग पीरियड बढ़ रहा है। ऐसे में कंपनी ने ग्राहकों को जल्द से जल्द कार की डिलीवरी करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक की को पारंपरिक की से बदलने का तरीका निकाला है। टोयोटा ने ग्राहकों को हो रही असुविधा के लिए खेद भी प्रकट किया है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
सेमीकंडक्टर की कमी और कार बनाने में इस्तेमाल होने वाले एल्यूमिनियम, स्टील जैसे धातुओं की कीमत बढ़ने से कंपनी कार के फीचर में कमी कर रही है। कई बार तो इस वजह से कंपनियां कारों की कीमत बढ़ा रही हैं।


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